अनुच्छेद 370

सर्वोच्च न्यायालय ने अनुच्छेद 370 को हटाये जाने के विरुद्ध दायर की गयी याचिका पर तत्काल सुनवाई करने से इनकार किया

सर्वोच्च न्यायालय ने अनुच्छेद 370 को हटाये जाने के विरुद्ध दायर की गयी याचिका पर तत्काल सुनवाई करने से इनकार किया है। इस पर मनोहर लाल शर्मा नामक वकील ने सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी। अब इस मामले को देश के मुख न्यायधीश के समक्ष रखा जायेगा।

पृष्ठभूमि

इससे पहले लोकसभा और राज्यसभा ने जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन विधेयक 2019 पारित किया, इसके द्वारा राज्य का विभाजन दो केंद्र शासित प्रदेशों में किया जायेगा। क्षेत्रफल के हिसाब से जम्मू-कश्मीर देश का सबसे बड़ा केंद्र शासित प्रदेश होगा, जबकि लद्दाख क्षेत्रफल के आधार पर देश का दूसरा सबसे केंद्र शासित प्रदेश होगा।

5 अगस्त, 2019 को केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाने की। इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर के पुनर्गठन की बात भी कही गयी है। लद्दाख को जम्मू-कश्मीर से अलग करके केंद्र शासित प्रदेश बनाया जायेगा, परन्तु इसकी कोई विधानसभा नहीं होगी। दूसरी ओर जम्मू-कश्मीर को भी अब केंद्र शासित प्रदेश बनाया जायेगा। राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बाद यह निर्णय लागू हो जायेगा। इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा भी समाप्त हो जायेगा।

पिछले कुछ दिनों में कश्मीर में हलचल बढ़ जाने के बाद एक बार फिर से अनुच्छेद 370 तथा अनुच्छेद 35-A काफी सुर्ख़ियों में हैं। दरअसल हाल ही में कश्मीर में बड़ी संख्या में सैन्य बल की तैनाती से सरकार द्वारा अनुच्छेद 370 तथा अनुच्छेद 35-A पर कदम उठाने की आशंका जताई जा रही थी। हाल ही में कश्मीर के लिए 28,000 अतिरिक्त सैन्य भेजने का निर्णय लिया था। सरकार ने कश्मीर में वायुसेना तथा थलसेना को हाई अलर्ट पर रखा है।

अनुच्छेद 370

भारतीय संविधान के अनुच्छेद 370 के द्वारा जम्मू-कश्मीर राज्य को स्वायत्ता प्रदान की गयी है। इस अनुच्छेद के द्वारा जम्मू-कश्मीर के निम्नलिखित 6 विशेष प्रावधान किये गये हैं :

  • इस अनुच्छेद के द्वारा जम्मू-कश्मीर को भारतीय संविधान के दायरे से बाहर रखा गया है, जम्मू-कश्मीर राज्य का अपना अलग संविधान है।
  • जम्मू-कश्मीर पर केन्द्रीय विधानपालिका की शक्तियां सीमित हैं। केवल रक्षा, विदेश मामले तथा संचार पर ही केन्द्रीय विधानपालिका का नियंत्रण है।
  • राज्य सरकार की सहमती के पश्चात् ही जम्मू-कश्मीर में केन्द्रीय विधानपालिका की संवैधानिक शक्तियों को बढ़ाया जा सकता है।
  • यह सहमती अस्थायी होगी, इसके लिए राज्य विधानसभा में पारित करना आवश्यक है।
  • शक्तियों के विभाजन के सन्दर्भ में राज्य संविधान सभा की भूमिका काफी महत्वपूर्ण है।
  • अनुच्छेद 370 को राज्य संविधान सभा की सिफारिश पर ही हटाया जा सकता है अथवा इसमें संशोधन किया जा सकता है।

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पाकिस्तान ने भारत के साथ  द्विपक्षीय व्यापार पर रोक लगाई

भारत द्वारा जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाये जाने के बाद पाकिस्तान ने भारत के साथ द्विपक्षीय व्यापारिक सम्बन्ध पर रोक लगा दी है। गौरतलब है कि पुलवामा हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान से आने वाली वस्तुओं पर 200% शुल्क लगा दिया है। इसके अलावा पाकिस्तान ने भारत के उच्चायुक्त को वापस भेजने का निर्णय लिया है। अनुच्छेद 370 को हटाये जाने के मामले को पाकिस्तान संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद् में लेकर जाएगा।

पृष्ठभूमि

इससे पहले लोकसभा और राज्यसभा ने जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन विधेयक 2019 पारित किया, इसके द्वारा राज्य का विभाजन दो केंद्र शासित प्रदेशों में किया जायेगा। क्षेत्रफल के हिसाब से जम्मू-कश्मीर देश का सबसे बड़ा केंद्र शासित प्रदेश होगा, जबकि लद्दाख क्षेत्रफल के आधार पर देश का दूसरा सबसे केंद्र शासित प्रदेश होगा।

5 अगस्त, 2019 को केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाने की। इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर के पुनर्गठन की बात भी कही गयी है। लद्दाख को जम्मू-कश्मीर से अलग करके केंद्र शासित प्रदेश बनाया जायेगा, परन्तु इसकी कोई विधानसभा नहीं होगी। दूसरी ओर जम्मू-कश्मीर को भी अब केंद्र शासित प्रदेश बनाया ‘

भारत-पाक व्यापारिक सम्बन्ध

14 फरवरी, 2019 को आतंकी हमले के बाद भारत ने कड़ी कारवाई करते हुए पाकिस्तान से मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा छीन लिया था। यह निर्णय 15 फरवरी, 2019 को सुरक्षा पर कैबिनेट समिति (CCS) की बैठक में लिया गया था।

वित्त वर्ष 2018-19 में में जनवरी से मार्च की अवधि के दौरान पाकिस्तान से आयात में 47% की कमी आई है, इसका मूल्य लगभग 53.65 मिलियन डॉलर है। मार्च, 2019 में भारत द्वारा पाकिस्तान को किये जाने वाले निर्यात में 32% की कमी आई, इसका मूल्य लगभग 171 मिलियन डॉलर है। वित्त वर्ष 2018-19 में भारत के निर्यात में 7.4% (लगभग 2 अरब डॉलर) की वृद्धि हुई है।

भारत ने पाकिस्तान के कपास, ताज़ा फल, सीमेंट, पेट्रोलियम उत्पाद तथा खनिज पर 200% आयात शुल्क लगाया था। मार्च 2019 में पाकिस्तान से आयात की जाने वाली प्रमुख वस्तुएं थीं : बुने हुए कपड़े, उन, कपड़े, वनस्पति मसाले, रसायन, मानव निर्मित तंतु तथा प्लास्टिक इत्यादि।

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