अनुच्छेद 370

GIA ने जम्मू-कश्मीर और लद्दाख पर ‘रिपोर्ट फ्रॉम ग्राउंड जीरो’ प्रस्तुत की

ग्रुप ऑफ़ इंटेलेक्चुअल्स एंड अकैडेमिशियंस (GIA) ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 तथा 35A को हटाने के बाद जम्मू-कश्मीर तथा लद्दाख के सन्दर्भ में ‘रिपोर्ट फ्रॉम ग्राउंड जीरो’ प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह को सौंपी है।

इस प्रतिनिधिमंडल ने जम्मू-कश्मीर तथा लद्दाख में परिस्थितियों का अवलोकन करने के बाद अपनी रिपोर्ट तैयार की है। इसमें सभी धर्म समुदाय तथा प्रोफेशन के लोगों के विचार शामिल हैं।

ग्रुप ऑफ़ इंटेलेक्चुअल्स एंड अकैडेमिशियंस (GIA)

ग्रुप ऑफ़ इंटेलेक्चुअल्स एंड अकैडेमिशियंस (GIA) भारतीय प्रोफेशनल महिलाओं तथा उद्यमियों, मीडिया पर्सन्स, बुद्धिजीवियों तथा शिक्षाविदों का समूह है, जो समाज में महिलाओं की स्थिति को बेहतर करने के लिए कार्य कर रहे हैं।

इसमें राष्ट्रीय नेता, सर्वोच्च न्यायालय के वकील, उद्योगपति, महिला खिलाड़ी, लेखक, कवि, राष्ट्रपति पुरस्कार विजेता, कॉलेजों के प्रिंसिपल, प्रतिष्ठित संस्थानों के प्रोफेसर, संस्थान के निदेशक, अंतर्राष्ट्रीय खाद्य प्राप्त कलाकार, आईटी प्रोफेशनल इत्यादि शामिल हैं।

आप इन अपडेट्स को करेंट अफेयर्स टूड़े मोबाइल एप्प में भी पढ़ सकते हैं।

Categories:

Month:

Tags: , , , , , , , , , , ,

जम्मू-कश्मीर विधान परिषद् को समाप्त किया गया

62 वर्ष पुरानी जम्मू-कश्मीर विधान परिषद् को समाप्त कर दिया गया है इसके लिए हाल ही में राज्य प्रशासन द्वारा आदेश जारी किये गये थे। 31 अक्टूबर, 2019 को लद्दाख तथा जम्मू-कश्मीर अलग-अलग केंद्र शासित प्रदेश बन जायेंगे।

मुख्य बिंदु

राज्य प्रशासन ने हाल ही में आदेश जारी किये, इस आदेश में विधान परिषद् के 116 सदस्यीय स्टाफ को जनरल एडमिनिस्ट्रेशन डिपार्टमेंट को 22 अक्टूबर, 2019 तक रिपोर्ट करने के लिए कहा गया है। इस आदेश के मुताबिक विधान परिषद् के लिए खरीदे गये सभी वाहन राज्य मोटर गेराज को स्थानांतरित किये जायेंगे। इस अलावा जम्मू-कश्मीर सरकार ने लद्दाख में नया प्रशासनिक सेक्रेटेरिएट खोलने के लिए भी औपचारिक आदेश जारी किये हैं।

पृष्ठभूमि

जम्मू-कश्मीर विधानपरिषद की स्थापना 1957 में की गयी थी। इसके बाद जम्मू-कश्मीर में द्वि-सद्नात्मक विधायिका की स्थापना हुई थी। उस समय इसके सदस्यों की संख्या 36 थी।

जम्मू-कश्मीर विधानपरिषद् के सदस्यों का कार्यकाल 6 वर्ष का होता था। इसमें 22 सदस्यों का चयन राज्य विधानसभा द्वारा किया जाता है, 2 सदस्यों का चुनाव स्थानीय अथॉरिटीज, 2 सदस्यों का चुनाव पंचायतो द्वारा किया जाता है। आठ सदस्यों को जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल द्वारा चुना जाता है।

आप इन अपडेट्स को करेंट अफेयर्स टूड़े मोबाइल एप्प में भी पढ़ सकते हैं।

Categories:

Month:

Tags: , , , , ,

Advertisement