अनुच्छेद 370

जम्मू-कश्मीर : चेनानी नाशरी सुरंग का नाम डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम पर रखा जायेगा

केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने हाल ही में कहा है कि जम्मू और कश्मीर को आपस में जोड़ने वाली सुरंग ‘चेनानी नाशरी’ का नाम भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम पर पर रखा जायेगा। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 2017 में 9.2 किलोमीटर लम्बी इस सुरंग को राष्ट्र को समर्पित किया था। गौरतलब है कि इस सुरंग के कारण जम्मू और श्रीनगर के बीच की दूरी में 31 किलोमीटर की कमी आती है। यह सुरंग नेशनल हाईवे-44 पर स्थित है।

श्यामा प्रसाद मुखर्जी

श्यामा प्रसाद मुखर्जी एक राजनेता, शिक्षाविद व बैरिस्टर थे, उनका जन्म 6 जुलाई, 1901 को कलकत्ता में हुआ था। वे पंडित जवाहरलाल नेहरु की सरकार में उद्योग व आपूर्ति मंत्री थे। जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर पंडित नेहरु से मतभेद होने के कारण वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से अलग हुए। 1951 में उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की सहायता से भारतीय जनसंघ की स्थापना की, जिससे बाद में भारतीय जनता पार्टी अस्तित्व में आई। गौरतलब है कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने अनुच्छेद 370 कड़ा विरोध किया था, इस संदर्भ में उन्होंने कहा था “एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान नहीं चलेंगे”। इसके विरोध में डॉ. मुखर्जी 1953 में कश्मीर गये और भूख हड़ताल की। 19 उनका निधन 23 जून, 1953 में जम्मू-कश्मीर में हिरासत में रहस्यमय परिस्थितयों में हुआ था।

आप इन अपडेट्स को करेंट अफेयर्स टूड़े मोबाइल एप्प में भी पढ़ सकते हैं।

Categories:

Month:

Tags: , , , , , , , , ,

जम्मू-कश्मीर में फिर से शुरू की गयी पोस्टपेड मोबाइल सेवा

जम्मू-कश्मीर में 70 दिन के बाद पोस्टपेड मोबाइल सेवा पुनः शुरू की गयी है, यह सेवा बीएसएनएल नेटवर्क पर पुनः शुरू की गयी है। इसके अलावा घाटी में मोबाइल इन्टरनेट तथा ब्रॉडबैंड की सुविधा को अब तक बहाल नहीं किया गया है।

पृष्ठभूमि

लोकसभा और राज्यसभा ने जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन विधेयक 2019 पारित किया था, इसके द्वारा राज्य का विभाजन दो केंद्र शासित प्रदेशों में किया जायेगा। क्षेत्रफल के हिसाब से जम्मू-कश्मीर देश का सबसे बड़ा केंद्र शासित प्रदेश होगा, जबकि लद्दाख क्षेत्रफल के आधार पर देश का दूसरा सबसे केंद्र शासित प्रदेश होगा।

5 अगस्त, 2019 को केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाने की घोषणा थी। लद्दाख को जम्मू-कश्मीर से अलग करके केंद्र शासित प्रदेश बनाया जायेगा, परन्तु इसकी कोई विधानसभा नहीं होगी। दूसरी ओर जम्मू-कश्मीर को भी अब केंद्र शासित प्रदेश बनाया जायेगा। 31 अक्टूबर, 2019 को यह पुनर्गठन लागू हो जायेगा।

अनुच्छेद 370

भारतीय संविधान के अनुच्छेद 370 के द्वारा जम्मू-कश्मीर राज्य को स्वायत्ता प्रदान की गयी है। इस अनुच्छेद के द्वारा जम्मू-कश्मीर के निम्नलिखित 6 विशेष प्रावधान किये गये हैं :

  • इस अनुच्छेद के द्वारा जम्मू-कश्मीर को भारतीय संविधान के दायरे से बाहर रखा गया है, जम्मू-कश्मीर राज्य का अपना अलग संविधान है।
  • जम्मू-कश्मीर पर केन्द्रीय विधानपालिका की शक्तियां सीमित हैं। केवल रक्षा, विदेश मामले तथा संचार पर ही केन्द्रीय विधानपालिका का नियंत्रण है।
  • राज्य सरकार की सहमती के पश्चात् ही जम्मू-कश्मीर में केन्द्रीय विधानपालिका की संवैधानिक शक्तियों को बढ़ाया जा सकता है।
  • यह सहमती अस्थायी होगी, इसके लिए राज्य विधानसभा में पारित करना आवश्यक है।
  • शक्तियों के विभाजन के सन्दर्भ में राज्य संविधान सभा की भूमिका काफी महत्वपूर्ण है।
  • अनुच्छेद 370 को राज्य संविधान सभा की सिफारिश पर ही हटाया जा सकता है अथवा इसमें संशोधन किया जा सकता है।

आप इन अपडेट्स को करेंट अफेयर्स टूड़े मोबाइल एप्प में भी पढ़ सकते हैं।

Categories:

Month:

Tags: , , , , , , ,

Advertisement