अमेरिका-ईरान सम्बन्ध

अमेरिका ने ईरान पर लगाये गये चार परमाणु प्रतिबंधों को रीन्यू किया

30 मार्च, 2020 को अमेरिका ने ईरान पर लगाए गए चार परमाणु प्रतिबंधों को रीन्यू किया। ईरान पर परमाणु कार्यक्रम के निर्माण को रोकने के लिए यह प्रतिबंध लगाए गए थे।

मुख्य बिन्दु

अमेरिका द्वारा ईरान पर लगाए गए परमाणु प्रतिबंधों को अगले 60 दिनों के लिए रीन्यू किया गया है। COVID​​-19 के खतरे के बीच ईरान के लिए परमाणु कार्यक्रम पर काम करना मुश्किल हो गया है।

अमेरिका-ईरान

2015 में ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से अमेरिका और ईरान ने संयुक्त व्यापक कार्य योजना पर हस्ताक्षर किए थे। इस समझौते के तहत, ईरान के अधिकांश यूरेनियम को देश से बाहर भेज दिया गया था। ईरान के कई कार्यशील न्यूक्लियर ऑपरेशन को अंतरराष्ट्रीय निरीक्षण के तहत लाया गया था। इसके अलावा  एक भारी जल सुविधा को निष्क्रिय कर दिया गया था।

भारत पर प्रभाव

ईरान में व्यापार करने के प्रतिबंध और बाधाएं भारत के तेल आयात को प्रभावित कर सकते हैं। जब अमेरिका ने वेनेजुएला से तेल आयात में कटौती करने के लिए इसी तरह से दबाव डाला था, तब भारत का तेल व्यापार बहुत प्रभावित हुआ था।

इसके अलावा  भारत की चाबहार बंदरगाह के माध्यम से मध्य एशिया तक पहुंचने की बड़ी योजना है, जिसे भारत ईरान में विकसित कर रहा है। इन प्रतिबंधों भारत की चाबहार योजना पर भी काफी असर पड़ेगा।

आप इन अपडेट्स को करेंट अफेयर्स टूड़े मोबाइल एप्प में भी पढ़ सकते हैं।

Categories:

Month:

Tags: , , , ,

भारत ने ईरान से कच्चे तेल के आयात को रोकने का निर्णय लिया

भारत ने ईरान से कच्चे तेल की आयात को रोकने का निर्णय लिया है, इसके लिए केन्द्रीय पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने आवश्यक कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।

पृष्ठभूमि

ईरान से तेल आयात करने वाले कुछ एक देशों को अमेरिका ने प्रतिबंधों से छूट दी है, इन देशों में भारत भी शामिल है। नयी रिपोर्ट के मुताबिक अब अमेरिका भारत को प्रतिबन्ध से मिलने वाली छूट समाप्त करने जा रहा है।

रिपोर्ट्स के अनुसार अमेरिका ने जापान, दक्षिण कोरिया, तुर्की, इटली, ग्रीस, चीन तथा भारत को प्रतिबन्ध से छूट दिए जाने के बारे में सूचित कर दिया है। इस छूट की अवधि 2 मई को समाप्त हो रही है।

प्रतिबंधों पर इस छूट को समाप्त करने का उद्देश्य ईरान को अलग-थलग करके दबाव को बढ़ाना है।

अमेरिका का मत है कि ईरान दशकों से मध्य-पूर्व को अस्थिर करने का कार्य कर रहा है, इसलिए ईरान को प्राप्त होने वाली धनराशी को कम करने की आवश्यकता है।

तेल की आपूर्ति

भारत विश्व का तीसरा सबसे बड़ा तेल उपभोक्ता देश है। भारत को अपनी तेल आवश्यकता का 80% आयात करना पड़ता है। 2017-18 में ईरान (इराक और सऊदी अरब के बाद) भारत के लिए तेल का तीसरा सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता था। भारत की तेल की 10% आपूर्ति ईरान द्वारा की जाती है। भारत विभिन्न तेल आपूर्तिकर्ताओं से अतिरिक्त तेल की खरीद करके अपनी आवश्यकता को पूर्ण कर सकता है।

पिछली बार जब राष्ट्रपति ट्रम्प ने ईरान के साथ परमाणु डील से अलग होने का निर्णय लिया था तब तेल की कीमते बढ़कर 85 डॉलर प्रति बैरल तक पहुँच गयी थी। बाद में अमेरिकी प्रशासन ने जब अप्रत्याशित छूट की घोषणा की, तब तेल की कीमत गिरकर 50 डॉलर प्रति बैरल पर पहुँच गयी थी।

आप इन अपडेट्स को करेंट अफेयर्स टूड़े मोबाइल एप्प में भी पढ़ सकते हैं।

Categories:

Month:

Tags: , , , ,

Advertisement