अमेरिका

अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस ने संयुक्त रूप से रासायनिक हमले की प्रतिक्रिया के रूप में सीरिया पर हवाई हमला किया

अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस ने संयुक्त रूप से सीरिया पर हवाई हमलों की शुरुआत दमिश्क के निकट एक संदिग्ध रासायनिक हमले की प्रतिक्रिया के रूप में की। यह बशर अल असद के “आपराधिक” शासन को लक्षित करता है। संयुक्त राज्य अमेरिका के सशस्त्र बलों ने सीरिया के तानाशाह बशर अल असद की रासायनिक हथियारों की क्षमता से जुड़े स्थानों पर हमला किया है।
इन हमलों का उद्देश्य सीरिया सरकार द्वारा रासायनिक हथियारों के उपयोग को रोकना है, एक सप्ताह के भीतर दमिश्क के बाहर एक संदिग्ध रासायनिक हमले में 40 से अधिक लोग मारे गए थे। एक संयुक्त कार्रवाई में, एक कथित जहरीली गैस के हमले के जवाब में संयुक्त राज्य अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस ने पिछले सप्ताह डौमा में सीरिया के खिलाफ एक सैन्य अभियान शुरू किया था।
इस सन्दर्भ में रूस ने चेतावनी दी है कि सीरिया के विरुद्ध किसी भी सैन्य कार्रवाई में अंतर्राष्ट्रीय कानून का उल्लंघन होगा, क्योंकि यह संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की मंजूरी के बिना किया गया है। भारत ने अंतर्राष्ट्रीय रासायनिक हथियार वॉचडॉग (ओपीसीडब्ल्यू) द्वारा निष्पक्ष जांच की मांग की है साथ ही सभी दलों से संयम दिखाने तथा तनाव को आगे बढ़ने से बचने के लिए आग्रह किया है।

सीरिया

सीरिया दक्षिण-पश्चिम एशिया का एक राष्ट्र है। यह इसराइल तथा इराक़ के बीच स्थित है जिसके कारण यह मध्य-पूर्व का एक महत्वपूर्ण देश बन जाता है। इसकी राजधानी दमिश्क है फ्रांस से स्वाधीनता मिलने के बाद यहाँ के शासन में बाथ पार्टी का प्रभुत्व रहा है। यहाँ 1963 से आपातकाल लागू है जिसके कारण यहाँ के शासक 1970 के बाद से असद परिवार के सदस्य ही बनते हैं।

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भारत को संयुक्त राज्य अमेरिका से पहली बार लिक्विफाइड नैचुरल गैस (एलएनजी) का कन्साइनमेंट प्राप्त हुआ

देश की सबसे बड़ी प्राकृतिक गैस परिवहन और विपणन कंपनी गेल इंडिया ने बताया कि लिक्विफाइड नैचुरल गैस (एलएनजी) की खेप पहली बार अमेरिका से महाराष्ट्र स्थित उसके दाभोल टर्मिनल पर पहुंची है। गेल इंडिया ने कहा कि उसने अमेरिकी एलएनजी के लिए करार किया था जिसके तहत भारत को सालाना 58 लाख टन एलएनजी की आपूर्ति होगी।

पृष्ठभूमि

यूरोपीय देशों और चीन के मुकाबले अमेरिका का भारत के साथ व्यापार घाटा (निर्यात के मुकाबले आयात का अंतर) बहुत कम है। लेकिन अब जिस हिसाब से भारत ने अमेरिका से एलएनजी यानी लिक्विफाइड नेचुरल गैस और कच्चा तेल खरीदना शुरू किया है, उसे देखते हुए माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में भारत के साथ यह व्यापार घाटा भी काफी हद तक कम करने में अमेरिका कामयाब रहेगा।

भारत ने अमेरिका से 20 वर्षों तक एलएनजी खरीदने का समझौता किया है, जिसकी मदद से देश की अर्थव्यवस्था को गैस आधारित बनाने में मदद मिलेगी।

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