अरिहंत

भारत ने K-4 परमाणु मिसाइल का सफल परीक्षण किया

19 जनवरी, 2020 को भारत ने K-4 परमाणु मिसाइल का सफल परीक्षण किया, इस मिसाइल की रेंज 3,500 किलोमीटर है। इस मिसाइल का उपयोग अरिहंत श्रेणी की पनडुब्बी में किया जाएगा। अरिहंत स्वदेशी रूप से निर्मित प्रथम परमाणु पनडुब्बी है।

मुख्य बिंदु

K-4 मिसाइल को आंध्र प्रदेश में जलमग्न पोंटून से दागा गया। भारत पहले से ही पनडुब्बी से लांच की जाने वाली बैलिस्टिक मिसाइल K-15 का इस्तेमाल कर रहा है। K-15 की रेंज 750 किलोमीटर है। भारत द्वारा विकसित की जा रही है जलीय (अंडर वाटर) मिसाइलें BO-5 (700 किलोमीटर रेंज) और K-5 (5000 किलोमीटर रेंज) है।

K श्रृंखला की मिसाइलें

K-4 मध्यम दूरी की पनडुब्बी से दागी जाने वाली बैलिस्टिक मिसाइल है। के-श्रृंखला की मिसाइलों का नाम देश के पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम के नाम पर रखा गया है। यह मिसाइलें अग्नि मिसाइलों से काफी तेज़ हैं। DRDO द्वारा  K-5 तथा K-6 मिसाइलों का विकास किया जा रहा है।

K-15 मिसाइल को सागरिका मिसाइल के नाम से भी जाना जाता है, यह भूमि पर इस्तेमाल की जाने वाले मिसाइल ‘शौर्य’ की रेप्लिका है।

भारत का परमाणु शस्त्रागार

भारत के पास 130-140 परमाणु हथियार हैं। भारत के पास 8,300 किलोग्राम प्लूटोनियम है, इससे 1000 से अधिक परमाणु हथियार बनाये जा सकते हैं। भारत ने परमाणु परीक्षण प्रतिबन्ध संधि तथा परमाणु अप्रसार संधि पर हस्ताक्षर नही किये हैं।

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आईएनएस अरिहंत : भारत की पहली परमाणु पनडुब्बी (6 प्रमुख तथ्य)

आईएनएस अरिहंत भारत की पहली परमाणु पनडुब्बी है।अब यह पनडुब्बी पूरी तरह से ऑपरेशनल हो गयी है। अब भारत ज़मीन, हवा तथा समुद्र तीनों स्थानों से परमाणु मिसाइल दाग सकता है।

आईएनएस अरिहंत  के बारे में प्रमुख तथ्य

  1. इस पनडुब्बी के निर्माण को 1970 के दशक में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी द्वारा सफल परमाणु परीक्षण के बाद स्वीकृति दी गयी थी।
  2. आईएनएस अरिहंत के डिजाईन को 1984 में स्वीकृत किया गया, इस पनडुब्बी पर 1998 में निर्माण कार्य शुरू हुआ। शिप बिल्डिंग सेंटर (SBC) को देश की पहली परमाणु उर्जा से चलने वाली स्वदेशी पनडुब्बी के निर्माण में 11 वर्षों का समय लगा।
  3. आईएनएस अरिहंत को 26 जुलाई, 2009 को लांच किया गया था।
  4. अगस्त, 2013 में आईएनएस अरिहंत के परमाणु रिएक्टर को एक्टिवेट किया गया था।
  5. अगस्त, 2016 में आईएनएस अरिहंत को भारतीय नौसेना में शामिल किया गया था।
  6. आईएनएस अरिहंत का भार लगभग 6000 टन है, इसकी लम्बाई 110 मीटर तथा चौड़ाई 11 मीटर है। इस पनडुब्बी में 12 सागरिका के. 15 मिसाइल का उपयोग किया जा सकता है।

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