असम

जस्टिस ए.एस. बोपन्ना ने गुवाहाटी उच्च न्यायालय के नए मुख्य न्यायाधीश बने

29 अक्टूबर को जस्टिस ए.एस. बोपन्ना ने गुवाहाटी उच्च न्यायालय के नए मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ली। उन्हें असम के राज्यपाल जगदीश मुखी ने शपथ दिलाई। उन्होंने गुवाहाटी उच्च न्यायालय के  कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश ए.के. गोस्वामी से कार्यभार लिया।

जस्टिस ए.एस. बोपन्ना

जस्टिस बोपन्ना का जन्म 1959 में हुआ था, वे 1984 में अधिवक्ता के रूप में एनरोल हुए थे। उन्होंने कर्नाटक उच्च न्यायालय में नागरिक, संवैधानिक, कंपनी, सेवा तथा श्रम सम्बन्धी मामलों में कार्य किया। इसके अलावा उन्होंने केन्द्रीय सार्वजनिक उपक्रम तथा 1999 से लेकर 2005 तक केंद्र सरकार के अतिरिक्त स्थायी काउंसेल के रूप में भी कार्य किया।

गुवाहाटी उच्च न्यायालय

गुवाहाटी उच्च न्यायालय की स्थापना 1 मार्च, 1948 को की गयी। आरम्भ में इसे असम व नागालैंड उच्च न्यायालय कहा जाता था, 1971 में उत्तर-पूर्वी क्षेत्र (पुनर्गठन) अधिनियम, 1971 के द्वारा इसका नाम गुवाहाटी उच्च न्यायालय कर दिया गया। राज्यों के आधार पर इसका क्षेत्राधिकार सबसे अधिक है। गुवाहाटी उच्च न्यायालय का क्षेत्राधिकार असम, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड तथा मिजोरम में है। इस उच्च न्यायालय की मुख्य सीट असम के गुवाहाटी में है। इसकी अन्य बेंच कोहिमा, आईजोल तथा ईटानगर में है।

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असम में किया जायेगा देश के सबसे लम्बे रिवर ब्रिज का निर्माण

भारत के सबसे लम्बे नदी पुल का निर्माण असम में ब्रह्मपुत्र नदी पर किया जायेगा। इस पुल के द्वारा असम के धुबरी को मेघालय के फुलबारी से जोड़ा जाएगा। इस पुल से इन दोनों स्थानों के बीच की दूरी में 203 किलोमीटर की कमी आएगी।

मुख्यबिंदु

इस पुल का निर्माण ब्रह्मपुत्र नदी पर किया जायेगा, इसकी कुल लम्बाई 19.3 किलोमीटर होगी, यह चार लेन वाला पुल होगा। इस पुल का निर्माण 2026-27 तक पूरा कर लिया जायेगा। इस प्रोजेक्ट के लिए जापानी वित्त एजेंसी JICA ने ऋण को मंज़ूरी दे दी है। वर्तमान में भारत का सबसे नदी पुल धोला-सदिया पुल है, इसकी लम्बाई 9.15 किलोमीटर है।

इस पुल की सहायता से असम और मेघालय को NH127B के द्वारा जोड़ा जायेगा। वर्तमान में असम और मेघालय को जोड़ने वाला मार्ग लगभग 200 किलोमीटर लम्बा है। इसके अलावा धुबरी और फुलबारी के बीच नावें भी चलती है, इस प्रकार नदी को पार करने  में लगभग 2:30 घंटे लग जाते हैं।

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