आयकर अधिनियम 1961

केंद्र ने घरेलु निवेशकों के लिए कॉर्पोरेट कर दर में कमी की

केंद्र सरकार ने अर्थव्यवस्था को गति देने के उद्देश्य से कॉर्पोरेट कर दरों में कटौती की है। मौजूदा घरेलु कंपनियों के लिए कॉर्पोरेट टैक्स दर को 34.94% से कम करके 25.17% किया गया है। नई घरेलु कंपनियों के लिए कॉर्पोरेट टैक्स दर 15% होगी। इसके लिए केंद्र सरकार ने आयकर अधिनियम, 1961 तथा वित्त (संख्या 2) अधिनियम, 2019 में संशोधन के लिए कराधान कानून (संशोधन) अध्यादेश 2019 लाया है

मुख्य बिंदु

यह घोषणा केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा गोवा में 37वीं GST परिषद की बैठक में की गयी।

मौजूदा कंपनियों के लिए टैक्स दर : आयकर अधिनियम में एक नया प्रावधान जोड़ा गया है, जिसके तहत यदि कोई कंपनी छूट अथवा इंसेंटिव का उपयोग नहीं करती है तो वह 22% की दर से आयकार अदा कर सकती है। अब घरेलु कंपनियों के लिए कॉर्पोरेट टैक्स दर 25.17% (सरचार्ज तथा सेस सहित) होगी। इन कंपनियों को अब मिनिमम अल्टरनेट टैक्स (MAT) का भुगतान करने की आवश्यकता नहीं है।

नई घरेलु कंपनियों के लिए टैक्स दर : नये प्रावधान के अनुसार यदि 1 अक्टूबर, 2019 या इसके बाद विनिर्माण क्षेत्र में नए निवेश के साथ किसी घरेलु कंपनी की स्थापना की जाती है और वह कंपनी 31 मार्च, 2023 से पहले उत्पादन कार्य आरम्भ करती है तो उसे केवल 15% कर देना होगा।

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“डायरेक्ट टैक्स कोड” पर गठित टास्क फ़ोर्स के अपनी रिपोर्ट वित्त मंत्री को सौंपी  

केंद्र सरकार ने नए प्रत्यक्ष कर कोड (DTC) के निर्माण के लिए केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड के सदस्य अखिलेश रंजन की अध्यक्षता में एक टास्क फ़ोर्स का गठन किया था, इस टास्क फ़ोर्स ने अपनी रिपोर्ट केन्द्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण को सौंप दी है। इस टास्क फ़ोर्स के गठन का उद्देश्य 6 दशक पुराने आयकर अधिनियम, 1961 को रीप्लेस करना है। माना जा रहा है कि टास्क फ़ोर्स ने व्यक्तिगत कर तथा कॉर्पोरेट कर के स्लैब में बदलाव करने की सिफारिश की है।

केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT)

केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड आयकर विभाग की नीति निर्माण के लिए नोडल एजेंसी है, आयकर विभाग केन्द्रीय वित्त मंत्रालय के अधीन कार्य करता है। यह एक संवैधानिक संस्था है, इसकी स्थापना केन्द्रीय राजस्व बोर्ड अधिनियम, 1963 के अंतर्गत की गयी है। प्रत्यक्ष कर नीति निर्माण के सन्दर्भ में यह देश की सर्वोच्च संस्था है, यह बोर्ड देश में प्रत्यक्ष कर कानून प्रवर्तन के लिए भी उत्तरदायी है।

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