आयरलैंड

भारत को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का गैर-स्थाई सदस्य चुना गया

भारत को हाल ही में आयरलैंड, मैक्सिको और नॉर्वे के साथ संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के गैर-स्थायी सदस्य के रूप में 2021-22 के लिए चुना गया है। भारत का कार्यकाल जनवरी 2021 से शुरू होगा। प्रत्येक वर्ष महासभा पांच गैर-स्थायी सदस्यों का चुनाव करती है, 10 कुल सीटों में से दो साल के लिए। हाल के चुनाव में, भारत ने 192 वैध वोटों में से 184 वोट हासिल किये। इससे पहले, भारत को सात कार्यकाल के लिए परिषद के गैर-स्थायी सदस्य के रूप में चुना गया था।

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC)

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद सबसे शक्तिशाली और संयुक्त राष्ट्र के छह प्रमुख अंगों में से एक है। संयुक्त राष्ट्र चार्टर के तहत अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा का संरक्षण इसकी प्राथमिक ज़िम्मेदारी है। इसमें वीटो की शक्ति वाले पांच स्थायी देशों सहित 15 सदस्य होते हैं। पांच स्थायी सदस्य चीन, फ्रांस, रूस, यूनाइटेड किंगडम और अमेरिका हैं। 10 गैर-स्थायी सदस्य दो साल के लिए चुने जाते हैं। इसकी शक्तियों में शांति नियंत्रण संचालन की स्थापना, अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों की स्थापना, और यूएनएससी संकल्पों के माध्यम से सैन्य कार्रवाई के प्राधिकरण शामिल हैं। यह एक संयुक्त राष्ट्र निकाय है जिसके पास सदस्य राज्यों के बाध्यकारी प्रस्ताव जारी करने का अधिकार है।

यूएनएससी शांति के खिलाफ खतरे को निर्धारित करने और आक्रामकता का जवाब देने के लिए उत्तरदायी है। यह राज्यों के बीच संघर्ष या विवाद को सुलझाने के शांतिपूर्ण साधन खोजने के प्रयास भी करता है। यह संयुक्त राष्ट्र महासचिव की संयुक्त राष्ट्र महासभा नियुक्ति और संयुक्त राष्ट्र में नए सदस्यों के प्रवेश की भी सिफारिश करता है।

आप इन अपडेट्स को करेंट अफेयर्स टूड़े मोबाइल एप्प में भी पढ़ सकते हैं।

Categories:

Month:

Tags: , , , , ,

ऑक्सफ़ोर्ड डिक्शनरी ने ‘Climate emergency’ शब्द को 2019 वर्ड ऑफ़ द ईयर चुना

ऑक्सफ़ोर्ड डिक्शनरी ने ‘Climate emergency’ शब्द को 2019 वर्ड ऑफ़ द ईयर चुना है।

बायोसाइंस नामक पत्रिका में प्रकाशित एक पत्र में 11,258 हस्ताक्षरकर्ताओं (69 भारतीय शामिल) ने वैश्विक जलवायु आपातकाल घोषित किया है। इस रिपोर्ट का नाम ‘वर्ल्ड साइंटिस्ट्स’ है। यह 40 वर्ष के डाटा के वैज्ञानिक विश्लेषण पर आधारित है। इसमें 1979 में जिनेवा में प्रथम जलवायु सम्मेलन के बाद से जलवायु परिवर्तन से सम्बंधित प्रमुख सूचकों को प्रदर्शित किया गया है।

यूनाइटेड किंगडम विश्व की पहली विधानपालिका है, जिसने राष्ट्रीय पर्यावरण तथा जलवायु आपातकाल प्रस्ताव को पारित किया है। हफ्ता भर पहले 16 वर्षीय स्वीडिश छात्रा ग्रेटा थनबर्ग ने ब्रिटिश कानून निर्माताओं को पर्यावरण के लिए अधिक कार्य करने की मांग की थी। उनके अतिरिक्त पर्यावरण समूह “एक्सटिंक्शन रिबेलियन” द्वारा विरोध प्रदर्शन किया गया था।

आयरलैंड ने हाल ही में जलवायु आपातकाल की घोषणा की, इसके साथ ही आयरलैंड यूनाइटेड किंगडम के बाद जलवायु आपातकाल घोषित करने वाला विश्व का दूसरा देश बना गया है। आयरलैंड ने 9 मई, 2019 को जलवायु आपातकाल की घोषणा की है।

 

आप इन अपडेट्स को करेंट अफेयर्स टूड़े मोबाइल एप्प में भी पढ़ सकते हैं।

Month:

Tags: , , , , , ,

Advertisement