आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर ग्लोबल पार्टनरशिप

अमेरिका आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर G7 की साझेदारी में शामिल हुआ

विश्व के सात सबसे धनी देशों के समूह के नेताओं ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर ग्लोबल पार्टनरशिप की स्थापना की।

मुख्य बिंदु

अमेरिका शुरू में इस साझेदारी का हिस्सा नहीं था। हालाँकि, अब संयुक्त राष्ट्र में निगरानी और फेशियल रिकग्निशन पर अंतरराष्ट्रीय मानकों को आकार देने में चीनी प्रभुत्व का मुकाबला करने के लिए अमेरिका इस समूह में शामिल हो रहा है।  आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर एक वैश्विक समूह शुरू करने की पहल फ्रांस और कनाडा द्वारा शुरू की गई थी।

अमेरिका की स्थिति

अमेरिका ने शुरू में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस  पर G7 साझेदारी पर आपत्ति जताते हुए दावा किया था कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस  के नियमन पर बहुत अधिक ध्यान देने से नवाचार में बाधा आएगी। अमेरिका के लिए साझेदारी में शामिल होना महत्वपूर्ण है क्योंकि गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और एप्पल जैसे कई तकनीकी कंपनियां  हैं जो अमेरिका के सकल घरेलू उत्पाद में महत्वपूर्ण राशि का योगदान करते हैं। साथ ही, अंतरराष्ट्रीय मानकों का सेट इन कंपनियों को बहुत प्रभावित करेगा। इसलिए, अमेरिका के लिए साझेदारी में शामिल होना महत्वपूर्ण है।

G-7

G-7 अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, इटली, कनाडा, जापान और जर्मनी का समूह है, यह IMF के अनुसार विश्व की सबसे एडवांस्ड अर्थव्यवस्थाएं हैं। यह वैश्विक नेट वर्थ के 58% हिस्से का प्रतिनिधित्व करते हैं। G-7 देश वैश्विक सकल घरेलु उत्पाद के 46% का प्रतिनिधित्व करते हैं।

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