आर्थिक विकास

2020-21 में भारत की विकास दर 5.5% रहेगी : इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च

इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च ने 2020-21 के लिए भारत के GDP वृद्धि दर 5.5% रहने का अनुमान लगाया है। इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च फिच ग्रुप की एक इकाई है।  इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च का यह अनुमान 2019-20 की अनुमानित GDP विकास दर 5% से अधिक है। इस मंदी का कारण कम उपभोग तथा कम निवेश है। भारत का चालू खाता घाटा सकल घरेलु उत्पादन का 3.6% रहने का अनुमान लगाया गया है।

सरकार द्वारा आर्थिक धीमेपन को रोकने के लिए उठाये गये कदम मध्यम तथा दीर्घकाल में परिणाम दिखायेंगे। इस वक्त सबसे बड़ी समस्या उपभोग मांग में कमी है, निजी कॉर्पोरेट निवेश में भी काफी कमी आई है।

अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष के अनुसार 2020-21 में भारतीय अर्थव्यवस्था की विकास दर 5.8% रहेगी। 2021-22 में भारत की विकास दर 6.5% रहने के आसार हैं।

विश्व बैंक के अनुसार वित्त वर्ष 2021 में भारत की जीडीपी विकास दर 5.8% रहने के आसार हैं।

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मार्च, 2019 में मैन्युफैक्चरिंग पर्चेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स घटकर 52.6 पर पहुंचा

निक्केई इंडिया मैन्युफैक्चरिंग पर्चेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI) अनुसार, भारत की विनिर्माण गतिविधियों में मार्च, 2019 में मंदी आई है, यह पिछले 6 महीने के न्यूनतम स्तर 52.6 पर पहुँच गया है।  इस सूचकांक में वृद्धि दर का 50 से ऊपर होना विस्तार को दर्शाता है।

पर्चेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI)

पीएमआई विनिर्माण और सेवाओं दोनों क्षेत्रों में व्यापार गतिविधि का संकेतक है। यह एक सर्वेक्षण-आधारित सूचकांक मापन है, जो उत्तरदाताओं से उनके पिछले कुछ महीनों के महत्वपूर्ण व्यावसायिक बदलावों के बारे में जानकारी लेता है। विनिर्माण और सेवा क्षेत्रों के लिए इसकी अलग से गणना की जाती है और फिर समग्र सूचकांक का निर्माण किया जाता है।

पीएमआई आमतौर पर महीने की शुरुआत में जारी किया जाता है, जो औद्योगिक उत्पादन, विनिर्माण और सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि पर अधिकांश आधिकारिक आंकड़े उपलब्ध कराता है। इसलिए, इसे आर्थिक गतिविधि के अच्छे अग्रणी संकेतक के रूप में माना जाता है। पीएमआई द्वारा मापा गया विनिर्माण विकास औद्योगिक उत्पादन का भी अच्छा संकेतक माना जाता है।

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