आसियान

भारत-आसियान बिज़नेस समिट

19 अक्टूबर 2019 को फिलीपींस की राजधानी मनिला में चौथे भारत-आसियान बिज़नेस समिट का आयोजन किया गया। भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने इस सम्मेलन को संबोधित किया।

गौरतलब है कि 2018 में भारत-आसियान व्यापार में 19% की वृद्धि हुई है, भारत और आसियान देशों के बीच 2018 में 96.79 अरब डॉलर का व्यापार हुआ था। भारत ने 2022 तक इस व्यापार को 200 अरब डॉलर तक पहुँचाने का लक्ष्य रखा है।

आसियान

यह 10 दक्षिण पूर्व एशियाई देशों का अंतर-सरकारी संगठन है। इसकी स्थापना 6 अगस्त 1967 को हुई थी। इसका मुख्यालय जकार्ता, इंडोनेशिया में है।

इसके सदस्य देश इंडोनेशिया, मलेशिया, फिलीपींस, सिंगापुर, थाईलैंड, ब्रुनेई, कंबोडिया, लाओस, म्यांमार और वियतनाम हैं।

चार्टर में आसियान के उद्देश्य के बारे में बताया गया है। सदस्य देशों की संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और स्वतंत्रता को कायम रखना साथ ही विवादों का शांतिपूर्ण निपटारा हो इसके उदेश्यों में शामिल है। इसके सेक्रेट्री जनरल आसियान द्वारा पारित किए प्रस्तावों को लागू करवाने और कार्य में सहयोग प्रदान करने का काम करतें है। इनका कार्यकाल पांच वर्ष का होता है।

 

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बैंकाक में  7वीं RCEP मंत्री स्तरीय बैठक शुरू हुई

थाईलैंड की राजधानी बैंकाक में व्यापक क्षेत्रीय आर्थिक साझेदारी (RCEP) की 7वीं मंत्री स्तरीय बैठक का आयोजन किया जा रहा है, यह बैठक 8 से 10 सितम्बर, 2019 तक चलेगी। इस बैठक में 10 आसियान देश तथा 6 FTA (मुक्त व्यापार समझौता) पार्टनर्स हिस्सा ले रहे हैं।

व्यापक क्षेत्रीय आर्थिक साझेदारी (RCEP)

RCEP 10 आसियान देशों (ब्रूनेई, कंबोडिया, इंडोनेशिया, लाओस, मलेशिया, म्यांमार, फिलीपींस, सिंगापुर, थाईलैंड और वियतनाम) और इसके 6 FTA साझेदारों (ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, भारत, चीन, जापान और कोरिया) के बीच एक प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौता (Free Trade Agreement – FTA) है।

इस व्यापारिक समझौते के लिए वार्ता कंबोडिया में 2012 के आसियान शिखर सम्मेलन में शुरू हुई थी। इसमें वस्तुओं, सेवाओं, निवेश, आर्थिक व तकनीकी सहयोग, बौद्धिक संपदा अधिकार इत्यादि को शामिल किया जायेगा।

RCEP के 16 सदस्य देशों की कुल जनसँख्या 3.4 अरब है, इसकी कुल जीडीपी (PPP) 49.5 ट्रिलियन डॉलर है, यह विश्व की कुल जीडीपी का 38% हिस्सा है।

आसियान विश्व के सबसे तेज़ी से बढ़ते हुए बाजारों में से एक है, इन देशों में भारत के लिए व्यापार और निवेश के काफी अवसर उपलब्ध हैं। 2017-18 में आसियान भारत का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार था, इस दौरान भारत और आसियान के बीच 81.33 अरब डॉलर का व्यापार हुआ। यह भारत के वैश्विक व्यापार का 10.58% है। RCEP को ट्रांस-पैसिफिक पार्टनरशिप के विकल्प के रूप में भी देखा जा रहा है।

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