इंटरनेट ऑफ थिंग्‍स

भारत में पहला इन्टरनेट-नियंत्रित रोबोट बनाया गया

ठाणे के एक इंजीनियर ने एक इंटरनेट-नियंत्रित रोबोट विकसित किया है। यह  रोबोट COVID-19 रोगियों के इलाज करने वाले अस्पतालों की जरूरतों को संबोधित करता है।

कोरो-बॉट

इस रोबोट को कोरो-बॉट नाम दिया गया है। यह स्वतंत्र रूप से भोजन, पेय पदार्थ, पानी, दवाइयां वितरित कर सकता है। यह रोबोट नर्सों, कर्मचारियों या अन्य देखभाल करने वाले लोगों की सहायता के बिना भी मरीजों को अच्छी सलाह देता है।

कल्याण में होली क्रॉस अस्पताल में पहली बार इस कोरो-बॉट तैनात किया गया है।

इंटरनेट ऑफ़ थिंग्स

रोबोट में दुनिया के किसी भी हिस्से से एक एप्लिकेशन के माध्यम से इसे नियंत्रित करने का एक विशेष विकल्प है। यह बॉट को विशिष्ट बनाता है। मेडिकल क्षेत्र में इंटरनेट ऑफ थिंग्स तकनीक का उपयोग करने वाला यह विश्व का पहला रोबोट है।

कोरो-बॉट की विशेषताएं

कोरो-बॉट में तीन नलिका हैं। पहली नोजल का उपयोग खुद रोबोट के लिए कीटाणुनाशक स्नान प्रदान करने के लिए किया जाता है। दूसरे नोजल का उपयोग पथ के दोनों ओर प्रक्षालकों को स्प्रे करने के लिए किया जाता है और तीसरे नोजल का उपयोग यूवी प्रकाश के साथ जमीन को कीटाणुरहित करने के लिए किया जाता है।

रोबोट में चाय, कॉफी और पानी के लिए डिस्पेंसर भी हैं।

आप इन अपडेट्स को करेंट अफेयर्स टूड़े मोबाइल एप्प में भी पढ़ सकते हैं।

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नीति आयोग और एबीबी इं‍डिया ने ‘मेक इन इं‍डिया’ के भारत सरकार के महत्‍वाकांक्षी विजन को साकार करने हेतु आशय वक्‍तव्‍य पर हस्‍ताक्षर किये

उन्‍नत विनिर्माण प्रौद्योगिकियों के माध्‍यम से ‘मेक इन इं‍डिया’ के भारत सरकार के महत्‍वाकांक्षी विजन को साकार करने हेतु नीति आयोग और एबीबी इं‍डिया ने एक आशय वक्‍तव्‍य (एसओआई) पर हस्‍ताक्षर किये हैं , जो रोबोटिक्‍स एवं कृत्रिम बुद्धिमत्‍ता के क्षेत्र में नवीनतम प्रगति को शामिल करता है।

मुख्य तथ्य

बिजली एवं जल सुविधाएं, खाद्य एवं भारी उद्योग जैसे उद्योगों एवं परिवहन (रेल एवं मेट्रो) एवं बुनियादी ढांचे जैसे अर्थव्‍यवस्‍था के विभिन्‍न क्षेत्रों में एबीबी के साथ मिल कर नीति आयोग कार्य करेगा, जिससे कि कृत्रिम बुद्धिमत्‍ता (एआई) एवं इंटरनेट ऑफ थिंग्‍स (आईओटी) प्रौद्योगिकियों को समावेशित करते हुए डिजिटलीकरण के लिए समाधान सुझाए जा सकें।

सरकार के मंत्रालयों के साथ नीति आयोग और एबीबी संयुक्‍त रूप से काम करेंगे, उनके लिए महत्‍वपूर्ण क्षेत्रों से संबंधित सूचनाएं प्राप्‍त करेंगे तथा औद्योगिक ऑटोमेशन एवं डिजिटलीकरण प्रौद्योगिकियों का उपयोग करते हुए समाधानों पर चर्चा करेंगे।

केन्‍द्र, राज्‍य सरकारों एवं स्‍वायत्‍त शासी निकायों से वरिष्‍ठ अधिकारियों का इस कार्यशाला के लिए नामांकन किया जाएगा। ऐसी कार्यशालाओं का आयोजन भविष्‍य में बिजली, शहरी विकास एवं परिवहन जैसे अन्‍य क्षेत्रों में भी किया जाएगा।

एबीबी के सहयोग से इस वर्ष दिसंबर तक नीति आयोग कार्यशालाओं में प्राप्‍त फीडबैक पर आधारित नीति अनुशंसाओं पर एक रिपोर्ट भी प्रकाशित करेगा। कार्यशालाओं एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन एबीबी एबिलिटी इनोवेशन सेन्‍टर में किया जाएगा।

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