इंडियन स्ट्रेटेजिक पेट्रोलियम रिज़र्व लिमिटेड

सामरिक पेट्रोलियम भंडार क्या है और यह भारत के लिए ज़रूरी क्यों है?

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हाल ही में आंध्र प्रदेश के गुंटूर में सामरिक पेट्रोलियम भण्डारण का उद्घाटन किया। यह कार्य प्राइवेट-पब्लिक-पार्टनरशिप के तहत किया जायेगा। सामरिक पेट्रोलियम भंडार एक किस्म का कृत्रिम भूमिगत कक्ष है, इसकी तेल भण्डारण क्षमता 2.5 मिलियन मीट्रिक टन (MMT) है। इसके कुल चार भाग हैं, प्रत्येक भाग की क्षमता 0.625 मिलियन मीट्रिक टन है।

पृष्ठभूमि

इंडियन स्ट्रेटेजिक पेट्रोलियम रिज़र्व लिमिटेड (ISPRL) ने तीन स्थानों मंगलोर (1.5 MMT), विशाखापत्तनम (1.33 MMT) तथा पदुर (2.5 MMT) पर कुल मिलाकर 5.33 MMT क्षमता वाले कच्चे तेल के स्टोरेज स्थलों का निर्माण किया है। पहले चरण में सामरिक पेट्रोलियम भंडार कार्यक्रम के तहत 9 दिन तक भारत की कच्चे तेल आवश्यकता को पूरा किया जा सकता है। इसके अलावा सरकार ने ओडिशा के चंदीखोल तथा कर्नाटक के पदुर में दूसरे चरण के लिए 6.5 MMT क्षमता की सामरिक पेट्रोलियम भंडार के निर्माण को भी मंज़ूरी दे दी है। इससे भारत की उर्जा सुरक्षा में 11.5 दिन की वृद्धि होगी।

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ISPRL ने कर्नाटक के पदुर में स्थित पेट्रोलियम भंडार के उपयोग के लिए ADNOC के साथ समझौता

भारतीय सामरिक पेट्रोलियम भंडार लिमिटेड (ISPRL) ने हाल ही में अबू धाबी नेशनल आयल कंपनी  (ADNOC) के साथ MoU पर हस्ताक्षर किये हैं। इस MoU के तहत ADNOC कर्नाटक के पदुर में स्थित पेट्रोलियम भंडार का उपयोग करेगा।

ISRPL एक स्पेशल पर्पज व्हीकल (SPV) है, यह केन्द्रीय पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अधीन तेल उद्योग विकास बोर्ड (OIDB)  की सब्सिडियरी है।

मुख्य बिंदु

इस MoU के तहत ADNOC पदुर सामरिक पेट्रोलियम भंडार की भण्डारण क्षमता का उपयोग करेगी, इस भंडार की क्षमता 2.5 मिलियन तन (लगभग 17 मिलियन बैरल) है। ADNOC पदुर भंडार के दो कक्षों का उपयोग करेगा। ADNOC भारत के सामरिक पेट्रोलियम भंडार कार्यक्रम में निवेश करने वाली पहली विदेशी तेल व गैस कंपनी है। इससे भारत की उर्जा सुरक्षा में वृद्धि होगी।

पृष्ठभूमि

इंडियन स्ट्रेटेजिक पेट्रोलियम रिज़र्व लिमिटेड (ISPRL) ने तीन स्थानों मंगलोर (1.5 MMT), विशाखापत्तनम (1.33 MMT) तथा पदुर (2.5 MMT) पर कुल मिलाकर 5.33 MMT क्षमता वाले कच्चे तेल के स्टोरेज स्थलों का निर्माण किया है। पहले चरण में सामरिक पेट्रोलियम भंडार कार्यक्रम के तहत 9 दिन तक भारत की कच्चे तेल आवश्यकता को पूरा किया जा सकता है। इसके अलावा सरकार ने ओडिशा के चंदीखोल तथा कर्नाटक के पदुर में दूसरे चरण के लिए 6.5 MMT क्षमता की सामरिक पेट्रोलियम भंडार के निर्माण को भी मंज़ूरी दे दी है। इससे भारत की उर्जा सुरक्षा में 11.5 दिन की वृद्धि होगी।

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