इज़राइल

इसरो ने चंद्रयान-2 मिशन को जुलाई के लिए स्थगित किया

इसरो ने मिशन चंद्रयान 2 को जुलाई तक के लिए स्थगित कर दिया है, अब इस मिशन को संभवतः मध्य जुलाई में लांच किया जायेगा। इस मिशन को अब तक छठवीं बार स्थगित किया जा चुका है। दरअसल हाल ही में एक परीक्षण चन्द्रमा पर लैंड किये जाने वाले वाहन (लैंडर) “विक्रम” को हल्की सी क्षति पहुंची है।

हाल ही में इजराइल का स्पेसक्राफ्ट चन्द्रमा पर लैंड करने से पहले दुर्घटना का शिकार हुआ था और वह चन्द्रमा की सतह पर क्रेश होकर गिर गया था। इसके बाद इसरो ने स्पष्ट कर दिया है कि वह किसी भी किस्म का जोखिम लेने के पक्ष में नहीं है।

मिशन चंद्रयान-2

चंद्रयान-2 भारत का चंद्रमा पर दूसरा मिशन है, यह भारत का अब तक का सबसे मुश्किल मिशन है। यह 2008 में लांच किये गए मिशन चंद्रयान का उन्नत संस्करण है। चंद्रयान मिशन ने केवल चन्द्रमा की परिक्रमा की थी, परन्तु चंद्रयान-2 मिशन में चंद्रमा की सतह पर एक रोवर भी उतारा जायेगा।

इस मिशन के सभी हिस्से इसरो ने स्वदेश रूप से भारत में ही बनाये हैं, इसमें ऑर्बिटर, लैंडर व रोवर शामिल है। इस मिशन में इसरो पहली बार चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर लैंड रोवर को उतारने की कोशिश करेगा। यह रोवर चंद्रमा की सतह पर भ्रमण करके चन्द्रमा की सतह के घटकों का विश्लेषण करेगा।

चंद्रयान-2 को GSLV Mk III से लांच किया जायेगा। यह इसरो का ऐसा पहला अंतर्ग्रहीय मिशन है, जिसमे इसरो किसी अन्य खगोलीय पिंड पर रोवर उतारेगा। इसरो के स्पेसक्राफ्ट (ऑर्बिटर) का वज़न 3,290 किलोग्राम है, यह स्पेसक्राफ्ट चन्द्रमा की परिक्रमा करके डाटा एकत्रित करेगा, इसका उपयोग मुख्य रूप से रिमोट सेंसिंग के लिए किया जा रहा है।

6 पहिये वाला रोवर चंद्रमा की सतह पर भ्रमण करके मिट्टी व चट्टान के नमूने इकठ्ठा करेगा, इससे चन्द्रमा की भू-पर्पटी, खनिज पदार्थ तथा हाइड्रॉक्सिल और जल-बर्फ के चिन्ह के बारे में जानकारी मिलने की सम्भावना है फिलहाल इजराइल भी दिसम्बर, 2018 में चन्द्रमा पर मिशन उतारने की तैयारी कर रहा है। यह डाटा पृथ्वी तक ऑर्बिटर के द्वारा भेजा जायेगा फिलहाल इजराइल भी दिसम्बर, 2018 में चन्द्रमा पर मिशन उतारने की तैयारी कर रहा है।

चन्द्रमा की सतह पर सॉफ्ट-लैंडिंग करना इस मिशन का सबसे कठिन हिस्सा होगा, अब तक केवल अमेरिका, रूस और चीन ही यह कारनामा कर पाए हैं।

 

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अरब लीग ने फिलिस्तीन के लिए 100 मिलियन डॉलर की प्रतिबद्धता ज़ाहिर की

अरब लीग ने फिलिस्तीन के लिए 100 मिलियन डॉलर की प्रतिबद्धता ज़ाहिर की है। इस वर्ष के शुरू में इजराइल ने फिलिस्तीन के लिए कर हस्तांतरण पर रोक लगा दी थी। अरब लीग के फैसले से फिलिस्तीन को वित्तीय समस्या से मुक्ति मिलेगी।

पृष्ठभूमि

फरवरी, 2019 में इजराइल ने फिलिस्तीन को कर हस्तांतरण किये जाने पर रोक लगा दी थी। इसके लिए इजराइल की संसद ने जुलाई, 2018 में कानून पारित किया था। इजराइल का आरोप था कि इसके द्वारा दी जाने वाली धनराशी आतंकवादियों तथा उनके परिवारों को दी जा रही थी। इजराइल फिलिस्तीन अथॉरिटी के स्थान पर कर एकत्रित करता है, परन्तु इस बार इजराइल ने फरवरी में फिलिस्तीन को एकत्रित 138 मिलियन डॉलर कर देने से मना कर दिया था।

अरब लीग

अरब लीग अरब देशों तथा उत्तरी अफ्रीका के देशों का क्षेत्रीय संगठन है। इस लीग का उद्देश्य सदस्य देशों के बीच संबंधों को मज़बूत बनाना है। वर्तमान में अरब लीग के 22 सदस्य हैं, नवम्बर, 2011 में सीरिया की सदस्यता को ख़ारिज किया गया था।

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