इडुक्की बाँध

GST परिषद् ने केरल की आपदा सेस की मांग के लिए किया मंत्री समूह का गठन

GST परिषद् ने केरल की आपदा सेस की मांग के लिए किया मंत्री समूह का गठन  किया है, यह मंत्री समूह बाढ़ पुनर्वास के लिए केरल की सेस की मांग पर विचार करेगा। इसका निर्णय नई दिल्ली में GST परिषद् की 30वीं बैठक में लिया गया। मंत्री समूह ने केरल के आपदा कर लगाने के प्रस्ताव पर चर्ची की। इस विशेष कर का उद्देश्य केरल में बाढ़ के कारण हुए नुकसान के बाद पुनर्निर्माण के कार्य की वित्तीय आवश्यकता को पूरा करना है।

पृष्ठभूमि

अगस्त, 2018 में केरल में असामान्य उच्च मानसून के कारण भीषण बाढ़ का सामना करना है। यह 1924 के बाद केरल में सबसे अधिक भयानक बाढ़ थी। इस बाढ़ से केरल की 1/6  जनसँख्या प्रभावित हुई थी। केरल के सभी 14 जिलों को रेड अलर्ट पर रखा गया था। केंद्र सरकार ने इस बाढ़ को गंभीर आपदा अथवा लेवल 3 की आपदा घोषित किया था। इस बाढ़ के कारण 26 वर्षों में पहली बार इडुक्की बाँध के सभी 5 गेट खोले गये थे। भारी वर्षा के कारण 54 में से 35 बाँध पहली बार खोले गये। इस बाढ़ के कारण केरल के वायनाड तथा इडुक्की जिलों में काफी भूस्खलन ही घटनाएँ हुई।

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केरल सरकार ने बाढ़ के बाद राज्य में पुनर्निर्माण कार्य के लिए KPMG को कंसलटेंट के रूप में नियुक्त किया

केरल सरकार ने राज्य में पुनर्निर्माण कार्य के लिए KPMG को प्रोजेक्ट कंसलटेंट पार्टनर के रूप में नियुक्त किया है, हाल ही में बाढ़ के कारण केरल में जान-माल की अत्याधिक क्षति हुई। मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में यह निर्णय लिया गया। सड़क, भवन व पुल के पुनर्निर्माण का कार्य टाटा प्रोजेक्ट लिमिटेड को सौंपा गया है।

मुख्य बिंदु

KPMG इस प्रोजेक्ट् के लिए निशुल्क सेवा प्रदान करेगी, KPMG की विश्व की सबसे बड़ी प्रोफेशनल सर्विस कंपनियों में से एक है। केरल सरकार ने विदेश में रह रहे केरल के निवासियों से फण्ड प्राप्त करने के लिए योजना का निर्माण किया है, इसके लिए UAE, ओमान, बहरीन, सऊदी अरब, क़तर, कुवैत, सिंगापुर, मलेशिया, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, यूनाइटेड किंगडम, जर्मनी, अमेरिका और कनाडा से फण्ड प्राप्त करने के लिए मंत्रियों व अफसरों की नियुक्त की जाएगी। इसके अलावा भारत के प्रमुख शहरों से भी फण्ड प्राप्त किये जायेंगे।

पृष्ठभूमि

अगस्त, 2018 में असामान्य भारी वर्षा के कारण केरल राज्य बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हुआ। यह पिछली शताब्दी की सबसे भयानक बाढ़ थी। इससे पहले 1924 में केरल में भीषण बाढ़ आई थी। इस बाढ़ से केरल की 1/6 जनसँख्या प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित हुई थी। केरल के सभी 14 जिलों में रेड अलर्ट जारी किया गया था। केंद्र सरकार ने इसे अत्यंत गंभीर आपदा घोषित किया था। अत्याधिक वर्षा के कारण केरल के 54 में से 35 बाधों को पहली बार खोला गया। 26 वर्षों में पहली बार इडुक्की बाँध के सभी पांच गेट कोएक साथ खोला गया था। भारी वर्षा के कारण केरल के वायनाड और इदुक्की जिले में कई स्थानों पर भूस्खलन हुए, जिस कारण यह जिले राज्य के अन्य हिस्सों से कट गये। केरल में बाढ़ के कारण हुआ नुकसान इसके वार्षिक योजना व्यय 37,247.99 करोड़ रुपये से भी अधिक है।

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