इसरो

2020 में इसरो लांच करेगा 10 अर्थ इमेजिंग सैटेलाइट

15 फरवरी, 2020 को इसरो ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट प्रकाशित की। इस रिपोर्ट के अनुसार 2020-21 में इसरो 10 अर्थ इमेजिंग सैटेलाइट लांच करेगा। इसमें प्रथम जियो-इमेजिंग सैटेलाइट GISAT-1 भी शामिल है।

मुख्य बिंदु

इस रिपोर्ट के अनुसार मौजूदा समय में 18 संचार उपग्रह, 19 राष्ट्रीय पृथ्वी पर्यवेक्षण उपग्रह तथा 8 नेविगेशन उपग्रह हैं। इनमे से तीन उपग्रह सैन्य संचार के लिए इस्तेमाल किये जाते हैं। वर्ष 2019-20 के लिए इसरो ने 17 मिशन तैयार किये थे, इनमे से 6 मिशन अभी भी पूरे किये जाने हैं। यह मिशन 31 मार्च, 2020 तक पूरे कर लिए जायेंगे।

वार्षिक योजना

आने वाले वर्ष के लिए इसरो ने 36 मिशन की योजना बनाई है। इसमें 6 पृथ्वी पर्यवेक्षण उपग्रह शामिल हैं। इसके अलावा 2021-22 में इसरो 8 और पृथ्वी पर्यवेक्षण उपग्रह लांच करेगा।  इसरो RISAT-2BR2 नामक पृथ्वी पर्यवेक्षण उपग्रह को भी लांच करेगा।

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जी. नारायणन को न्यू स्पेस इंडिया लिमिटेड का चेयरमैन नियुक्त किया गया

जाने-माने अंतिरक्ष वैज्ञानिक जी. नारायणन को ‘न्यू स्पेस इंडिया लिमिटेड’ का चेयरमैन नियुक्त किया गया है। ‘न्यू स्पेस इंडिया लिमिटेड’ इसरो की वाणिज्यिक इकाई है। इससे पहले जी. नारायणन तिरुवनंतपुरम में इसरो की एक इकाई LPSC (Liquid Propulsion Systems Centre) में डिप्टी डायरेक्टर के रूप में कार्यरत थे। ‘न्यू स्पेस इंडिया लिमिटेड’ एक सार्वजनिक क्षेत्र की इकाई है, इसका गठन इसरो के अधीन किया गया है, इसके द्वारा स्पेस मार्केट में वाणिज्यिक अवसरों का उपयोग किया जाएगा। ‘न्यू स्पेस इंडिया लिमिटेड’ छोटे उपग्रहों को लांच करने के लिए SSLV (Small Satellite Launch Vehicle) का निर्माण करेगा।

न्यू स्पेस इंडिया लिमिटेड

23 मई, 2019 को न्यू स्पेस इंडिया लिमिटेड (NSIL) का उद्घाटन बंगलुरु में किया गया, यह भारतीय अन्तरिक्ष अनुसन्धान संगठन (इसरो) की वाणिज्यिक शाखा है। यह अन्तरिक्ष टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में निजी उद्यम को बढ़ावा देगी। यह तकनीक हस्तांतरण मैकेनिज्म के द्वारा स्माल सैटेलाइट लांच व्हीकल (SSLV) तथा PSLV के विकास व उत्पादन का कार्य करेगी। यह वैश्विक वाणिज्यिक SSLV मार्केट की मांग को पूरा करने महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

6 मार्च, 2019 को अन्तरिक्ष विभाग ने इसरो ने अपनी दूसरी इकाई NSIL का पंजीकरण किया था। अन्तरिक्ष विभाग का पहला वाणिज्यिक वेंचर एंट्रिक्स कारपोरेशन लिमिटेड था, इसकी स्थापना सितम्बर, 1992 में की गयी थी। NSIL के द्वारा इसरो के अनुसन्धान व विकास कार्य का वाणिज्यीकरण किया जाएगा। NSIL को 100 करोड़ रुपये की शेयर कैपिटल प्रदान की गयी है, इसे 10 करोड़ रुपये की पेड-अप कैपिटल प्रदान की गयी है।

 

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