इसरो

इसरो तथा CNES के बीच सहयोग को लेकर सहमती बनी

भारतीय अन्तरिक्ष अनुसन्धान संगठन (इसरो) तथा फ़्रांसिसी अन्तरिक्ष एजेंसी (CNES) ने निम्नलिखित क्षेत्रों में सहयोग के लिए सहमती प्रकट की है :

समुद्री निगरानी

इसरो और CNES ने देश में समुद्री निगरानी केंद्र की स्थापना के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किये हैं। इस समझौते के तहत हिन्द महासागर में जहाजों को चिन्हित करने तथा उन्हें ट्रैक करने के लिए प्रणाली की स्थापना की जायेगी। इसके लिए उपग्रह से प्राप्त डाटा का उपयोग किया जायेगा। इसरो और CNES हिन्द महासागर में समुद्री जहाजों को ट्रैक करने के लिए सैटेलाइट्स का नेटवर्क स्थापित करेंगे।

गगनयान प्रोजेक्ट के लिए प्रशिक्षण

इसरो और CNES ने भारतीय वैज्ञानिकों को “गगनयान” के लिए प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किये हैं। भारतीय वैज्ञानिकों को फ्रांस के टूलूस अन्तरिक्ष केंद्र में प्रशिक्षण प्रदान किया जायेगा। गगनयान प्रोजेक्ट के लिए भारत ने रूस के साथ भी समझौता किया है।

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इसरो ने लांच किया युवा विज्ञानी कार्यक्रम

हाल ही में भारतीय अन्तरिक्ष अनुसन्धान संगठन (इसरो) ने युवा विज्ञानी कार्यक्रम लांच किया, इसका उद्देश्य छात्रों को अन्तरिक्ष टेक्नोलॉजी, अंतिरक्ष विज्ञान तथा उपयोग के आधारभूत पहलुओं से परिचित करवाना है।

युवा विज्ञानी कार्यक्रम

  • युवा विज्ञानी कार्यक्रम के लिए इसरो देश भर से 100 छात्रों को चुनेगा और उन्हें सैटेलाइट निर्माण की व्यवहारिक प्रक्रिया के बारे में बताया जायेगा।
  • इस कार्यक्रम के लिए प्रति वर्ष प्रत्येक राज्य/केंद्र शासित प्रदेश से तीन छात्रों को चुना जायेगा, इसमें सीबीएसई, ICSE तथा राज्य पाठ्यक्रम पर आधारित छात्रों को शैक्षणिक प्रदर्शन तथा अन्य गतिविधियों के आधार पर छात्रों का चयन किया जायेगा।
  • युवा विज्ञानी कार्यक्रम में दो सप्ताह के आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया जायेगा। इसका आयोजन ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान किया जायेगा। इसमें 8वीं पूरी कर चुके तथा 9वीं कक्षा में अध्ययन कर रहे छात्रों को चुना जायेगा।
  • इन चुने हुए छात्रों को इसरो के केन्द्रों में ले जाया जायेगा तथा उन्हें वरिष्ठ वैज्ञानिकों के साथ वार्तालाप का अवसर मिलेगा।
  • इस कार्यक्रम के लिए ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। यात्रा तथा बोर्डिंग का सारा व्यय इसरो द्वारा उठाया जायेगा।

इसरो देश के विभिन्न भागों में 6 इन्क्यूबेशन सेंटर्स की स्थापना करेगा, यह केंद्र होंगे – उत्तरी, दक्षिण, पूर्व, पश्चिम, मध्य तथा उत्तर-पूर्व। इन केन्द्रों में छात्र भी अनुसन्धान व विकास कार्य कर सकेंगे। इसके तहत पहले केंद्र की स्थापना त्रिपुरा के अगरतला में की गयी थी।

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