इस्लामिक सहयोग संगठन

इस्लामिक सहयोग संगठन ने यूसफ अल्दोबे को जम्मू-कश्मीर के लिए विशेष दूत नियुक्त किया

इस्लामिक सहयोग संगठन ने सऊदी अरब के यूसफ अल्दोबे को जम्मू-कश्मीर के लिए विशेष दूत नियुक्त कर दिया है। यह निर्णय सऊदी अरब के मक्का में आयोजित 14वें इस्लामिक सहयोग संगठन के शिखर सम्मेलन में लिया गया।

इस्लामिक सहयोग संगठन ने जम्मू-कश्मीर के लोगों के लिए समर्थन व्यक्त किया है और भारत से जम्मू-कश्मीर में जनमत संग्रह (रेफरेंडम) करवाने की मांग की है।

भारत ने इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। भारत ने स्पष्ट किया है कि जम्मू-कश्मीर देश का अभिन्न हिस्सा है और इस्लामिक सहयोग संगठन को इस प्रकार से मुद्दों से बचना चाहिए।

इस्लामिक सहयोग संगठन

इस्लामिक सहयोग संगठन की स्थापना 1969 में 24 सदस्य देशों द्वारा की गयी थी, वर्तमान में इसमें 57 सदस्य हैं। इसमें तुर्की, ईरान और पाकिस्तान जैसे गैर-अरबी देश भी शामिल है। अरब लीग के 22 सदस्य भी इसके सदस्य हैं। इसमें रूस और थाईलैंड समेत 5 पर्यवेक्षक देश भी हैं।

इसके सदस्य देशों की कुल जनसँख्या 1.8 अरब है, यह संयुक्त राष्ट्र के बाद दूसरी सबसे बड़ी अंतरसरकारी संस्था है। इस्लामिक सहयोग संगठन के शिखर सम्मेलन का आयोजन प्रत्येक तीन वर्ष बाद किया जाता है। इसकी आधिकारिक भाषाएँ अरबी, अंग्रेजी और फ़्रांसिसी हैं।

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14वें इस्लामिक सहयोग संगठन शिखर सम्मेलन का आयोजन मक्का में किया गया

हाल ही में सऊदी अरब के मक्का में इस्लामिक सहयोग संगठन के 14वें शिखर सम्मेलन का आयोजन सऊदी अरब के शासक सलमान बिन अब्दुल अज़ीज़ अल सौद द्वारा किया गया।

मुख्य बिंदु

इस बैठक का आधिकारिक एजेंडा “मुस्लिम जगत की वर्तमान समस्याएं” थीं। इस बैठक ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव तथा क्षेत्रीय सुरक्षा पर भी चर्चा की गयी। इस बैठक में इस्लामिक देशों के नेताओं ने अमेरिका द्वारा जेरूसलम को इजराइल की राजधानी के रूप में मान्यता दिए जाने की आलोचना की।

इस्लामिक सहयोग संगठन

इस्लामिक सहयोग संगठन की स्थापना 1969 में 24 सदस्य देशों द्वारा की गयी थी, वर्तमान में इसमें 57 सदस्य हैं। इसमें तुर्की, ईरान और पाकिस्तान जैसे गैर-अरबी देश भी शामिल है। अरब लीग के 22 सदस्य भी इसके सदस्य हैं। इसमें रूस और थाईलैंड समेत 5 पर्यवेक्षक देश भी हैं।

इसके सदस्य देशों की कुल जनसँख्या 1.8 अरब है, यह संयुक्त राष्ट्र के बाद दूसरी सबसे बड़ी अंतरसरकारी संस्था है। इस्लामिक सहयोग संगठन के शिखर सम्मेलन का आयोजन प्रत्येक तीन वर्ष बाद किया जाता है। इसकी आधिकारिक भाषाएँ अरबी, अंग्रेजी और फ़्रांसिसी हैं।

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