ई-सिगरेट

भारतीय मेडिकल अनुसन्धान परिषद् ने ENDS पर प्रतिबन्ध लगाने की अनुशंसा की

भारतीय मेडिकल अनुसन्धान परिषद्  (ICMR) ने ई-सिगरेट व इलेक्ट्रॉनिक निकोटीन डिलीवरी सिस्टम (ENDS) पर प्रतिबन्ध लगाने की अनुशंसा की है। 31 मई को ICMR के ENDS तथा ई-सिगरेट से होने वाले नुकसान पर एक श्वेत पत्र जारी किया था।

ई-सिगरेट व इलेक्ट्रॉनिक निकोटीन डिलीवरी सिस्टम (ENDS)

ENDS एक प्रकार की डिवाइस होती हैं जो एक विलय को ऊष्मा प्रदान करके एरोसोल का निर्माण करती हैं, इसमें फ्लेवर होते हैं। ई-सिगरेट ENDS का एक प्रमुख प्रोटोटाइप है। यह डिवाइस जलती नहीं है और न ही यह तम्बाकू का उपयोग करती हैं। यह डिवाइस विलय को वाष्पीकृत करती है, जिसे उपभोक्ता श्वास के साथ अन्दर लेता है। इसके विलय में निकोटीन, प्रोपाइलिन ग्लाइकोल इत्यादि का उपयोग किया जाता है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार मॉरिशस, ऑस्ट्रेलिया, सिंगापुर, दक्षिण कोरिया, श्रीलंका, थाईलैंड, ब्राज़ील, मेक्सिको, उरुग्वे, बहरीन, ईरान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात में ENDS पर प्रतिबन्ध लगाया जा चुका है। ENDS का सेवन गर्भवती महिलाओं व बच्चों के लिए काफी नुकसानदेह होता है। इसमें निकोटीन तथा अन्य मादक पदार्थों व रसायनों का उपयोग किया जाता है। ENDS का सेवन गर्भवती महिलाओं में भ्रूण के विकास को प्रभावित कर सकता है। इसके सेवन कार्डियोवैस्कुलर बीमारियाँ भी हो सकती हैं।

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राजस्थान ने ई-सिगरेट की बिक्री तथा विज्ञापन पर प्रतिबन्ध लगाया

राजस्थान सरकार ने हाल ही में ई-सिगरेट के उत्पादन, वितरण, बिक्री तथा विज्ञापन पर प्रतिबन्ध लगा दिया है।

मुख्य बिंदु

राजस्थान की कांग्रेस सरकार ने अपने मैनिफेस्टो ने युवाओं में तम्बाकू के उपयोग को करने करने के लिए प्रतिबद्धता ज़ाहिर की थी। राजस्थान सरकार ने ऑनलाइन तथा ऑफलाइन ई-सिगरेट के विज्ञापन पर रोक लगाई है। इसके अतिरिक्त राजस्थान में ई-सिगरेट के उप्तादन, भण्डारण, वितरण तथा भण्डारण पर रोक लगायी है। इस निर्णय की घोषण 31 मई, 2019 को विश्व तम्बाकू निषेध दिवस के अवसर पर की गयी।

ई-सिगरेट व इलेक्ट्रॉनिक निकोटीन डिलीवरी सिस्टम (ENDS)

ENDS एक प्रकार की डिवाइस होती हैं जो एक विलय को ऊष्मा प्रदान करके एरोसोल का निर्माण करती हैं, इसमें फ्लेवर होते हैं। ई-सिगरेट ENDS का एक प्रमुख प्रोटोटाइप है। यह डिवाइस जलती नहीं है और न ही यह तम्बाकू का उपयोग करती हैं। यह डिवाइस विलय को वाष्पीकृत करती है, जिसे उपभोक्ता श्वास के साथ अन्दर लेता है। इसके विलय में निकोटीन, प्रोपाइलिन ग्लाइकोल इत्यादि का उपयोग किया जाता है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार मॉरिशस, ऑस्ट्रेलिया, सिंगापुर, दक्षिण कोरिया, श्रीलंका, थाईलैंड, ब्राज़ील, मेक्सिको, उरुग्वे, बहरीन, ईरान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात में ENDS पर प्रतिबन्ध लगाया जा चुका है। ENDS का सेवन गर्भवती महिलाओं व बच्चों के लिए काफी नुकसानदेह होता है। इसमें निकोटीन तथा अन्य मादक पदार्थों व रसायनों का उपयोग किया जाता है। ENDS का सेवन गर्भवती महिलाओं में भ्रूण के विकास को प्रभावित कर सकता है। इसके सेवन कार्डियोवैस्कुलर बीमारियाँ भी हो सकती हैं।

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