ई-सिगरेट

केंद्र सरकार ने राज्यों को ई-सिगरेट पर प्रतिबन्ध लगाने के निर्देश दिए

केन्द्रीय स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्रालय ने सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों को एडवाइजरी जारी करते हुए ई-सिगरेट व इलेक्ट्रॉनिक निकोटीन डिलीवरी सिस्टम (ENDS) के उत्पादन, बिक्री और  विज्ञापन पर प्रतिबन्ध लगाने का निर्देश दिया है। ई-सिगरेट व इलेक्ट्रॉनिक निकोटीन डिलीवरी सिस्टम (ENDS) स्वास्थ्य को विशेषकर से गर्भवती महिलाओं व बच्चों के लिए बेहद हानिकारक हो सकती हैं। पंजाब, कर्नाटक, केरल, मिजोरम, जम्मू-कश्मीर, उत्तर प्रदेश और बिहार ने पहले ही ई-सिगरेट व ENDS के निर्माण, आयात और व्यापार पर पहले ही प्रतिबन्ध लगाया है।

ई-सिगरेट व इलेक्ट्रॉनिक निकोटीन डिलीवरी सिस्टम (ENDS)

ENDS एक प्रकार की डिवाइस होती हैं जो एक विलय को ऊष्मा प्रदान करके एरोसोल का निर्माण करती हैं, इसमें फ्लेवर होते हैं। ई-सिगरेट ENDS का एक प्रमुख प्रोटोटाइप है। यह डिवाइस जलती नहीं है और न ही यह तम्बाकू का उपयोग करती हैं। यह डिवाइस विलय को वाष्पीकृत करती है, जिसे उपभोक्ता श्वास के साथ अन्दर लेता है। इसके विलय में निकोटीन, प्रोपाइलिन ग्लाइकोल इत्यादि का उपयोग किया जाता है।

स्वास्थ्य मंत्रालय की एडवाइजरी

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार मॉरिशस, ऑस्ट्रेलिया, सिंगापुर, दक्षिण कोरिया, श्रीलंका, थाईलैंड, ब्राज़ील, मेक्सिको, उरुग्वे, बहरीन, ईरान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात में ENDS पर प्रतिबन्ध लगाया जा चुका है। ENDS का सेवन गर्भवती महिलाओं व बच्चों के लिए काफी नुकसानदेह होता है। इसमें निकोटीन तथा अन्य मादक पदार्थों व रसायनों का उपयोग किया जाता है। ENDS का सेवन गर्भवती महिलाओं में भ्रूण के विकास को प्रभावित कर सकता है। इसके सेवन कार्डियोवैस्कुलर बीमारियाँ भी हो सकती हैं।

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