उत्तर पूर्वी परिषद

उत्तर पूर्वी राज्यों में से पांच राज्य COVID-19 मुक्त बने

27 अप्रैल, 2020 को आठ उत्तर पूर्व राज्यों में से पांच राज्य मणिपुर, नागालैंड, सिक्किम, त्रिपुरा और सिक्किम के COVID-19 मुक्त हो गए हैं। अन्य तीन राज्यों मेघालय, असम और मिजोरम में नए मामले दर्ज नहीं किए हैं। इसकी घोषणा केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने की।

मुख्य बिंदु

यह घोषणा केंद्रीय मंत्री ने उत्तर पूर्वी परिषद, उत्तर पूर्वी क्षेत्रीय कृषि विपणन निगम तथा गन्ना व बांस प्रौद्योगिकी केंद्र के अधिकारियों के साथ बातचीत के दौरान की। इसके अलावा केंद्रीय स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्री ने घोषणा की है कि COVID-19 के कारण भारत में मृत्यु दर में कमी आई है।

मृत्यु दर

वैश्विक स्तर पर 7% की तुलना में भारत में COVID-19 के कारण मृत्यु दर 3.1% है। अब तक, COVID-19 संक्रमित व्यक्तियों में से 22% लोग बरामद हुए हैं। इसमें पूरे देश के 5,913 लोग शामिल हैं।

फंड

भारत सरकार ने अपने प्रारंभिक चरण में पूर्वोत्तर राज्यों के लिए 25 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। आवंटन देश में लॉकडाउन शुरू होने से पहले किया गया था।

उत्तर पूर्वी परिषद

उत्तर पूर्वी परिषद का गठन 1971 में उत्तर पूर्वी परिषद अधिनियम के तहत किया गया था। इस परिषद का गठन उत्तर पूर्वी क्षेत्रों में विकास को संतुलित करने के लिए एक सलाहकार निकाय के रूप में किया गया था। यह परिषद क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास पर भी सुझाव देती है।

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उत्तर पूर्वी परिषद की 67 वीं पूर्णकालिक बैठक शिलांग, मेघालय में आयोजित

उत्तर पूर्वी परिषद (NEC) की 67 वीं पूर्णकालिक बैठक हाल ही में शिलांग, मेघालय में आयोजित की गई. जिसकी अध्यक्षता केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा की गई. बैठक में उत्तर पूर्वी क्षेत्र के विकास मंत्री, राज्यपाल और उत्तर-पूर्वी राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भी भाग लिया.

मुख्य तथ्य

इस बैठक में पूर्वोत्तर राज्यों की विकास परियोजनाओं पर चर्चा की गई. तथा परिषद के सर्वांगीण विकास से संबंधित मामलों पर विभिन्न प्रस्तुतियां भी की गई. इसमें एनईसी-वित्त पोषित परियोजनाओं की स्थिति पर चर्चा के साथ क्षेत्र में सुरक्षा और कनेक्टिविटी मामलों का भी मूल्यांकन किया गया. बैठक ने 2022 तक आजीविका कार्यक्रमों, जल संसाधनों के प्रबंधन, वनीकरण और किसान की आय को दोगुनी करने पर भी विचार-विमर्श किया. 1971 में स्थापित होने के बाद, एनईसी ने इस क्षेत्र में पहली बार सुरक्षा से संबंधित विषयों पर चर्चा की है. इसने सशस्त्र बलों (विशेष शक्तियां) अधिनियम (एएफएसपीए) से संबंधित मुद्दों पर भी चर्चा की और नागा समझौते का प्रस्ताव भी दिया.

एनईसी उत्तर पूर्वी क्षेत्र (NER) के आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए एक नोडल एजेंसी है, जिसमें असम, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, सिक्किम और त्रिपुरा शामिल हैं. यह 1971 में उत्तर पूर्वी परिषद (एनईसी) अधिनियम, 1971 के तहत गठित किया गया था जिस कारण यह एक सांविधिक निकाय है. जून 2018 में, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने एनईसी की अध्यक्षता एनईआर के विकास मंत्री से गृह मंत्री को सौंप दी थी.

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