उत्तर पूर्वी परिषद

उत्तर पूर्वी परिषद की 67 वीं पूर्णकालिक बैठक शिलांग, मेघालय में आयोजित

उत्तर पूर्वी परिषद (NEC) की 67 वीं पूर्णकालिक बैठक हाल ही में शिलांग, मेघालय में आयोजित की गई. जिसकी अध्यक्षता केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा की गई. बैठक में उत्तर पूर्वी क्षेत्र के विकास मंत्री, राज्यपाल और उत्तर-पूर्वी राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भी भाग लिया.

मुख्य तथ्य

इस बैठक में पूर्वोत्तर राज्यों की विकास परियोजनाओं पर चर्चा की गई. तथा परिषद के सर्वांगीण विकास से संबंधित मामलों पर विभिन्न प्रस्तुतियां भी की गई. इसमें एनईसी-वित्त पोषित परियोजनाओं की स्थिति पर चर्चा के साथ क्षेत्र में सुरक्षा और कनेक्टिविटी मामलों का भी मूल्यांकन किया गया. बैठक ने 2022 तक आजीविका कार्यक्रमों, जल संसाधनों के प्रबंधन, वनीकरण और किसान की आय को दोगुनी करने पर भी विचार-विमर्श किया. 1971 में स्थापित होने के बाद, एनईसी ने इस क्षेत्र में पहली बार सुरक्षा से संबंधित विषयों पर चर्चा की है. इसने सशस्त्र बलों (विशेष शक्तियां) अधिनियम (एएफएसपीए) से संबंधित मुद्दों पर भी चर्चा की और नागा समझौते का प्रस्ताव भी दिया.

एनईसी उत्तर पूर्वी क्षेत्र (NER) के आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए एक नोडल एजेंसी है, जिसमें असम, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, सिक्किम और त्रिपुरा शामिल हैं. यह 1971 में उत्तर पूर्वी परिषद (एनईसी) अधिनियम, 1971 के तहत गठित किया गया था जिस कारण यह एक सांविधिक निकाय है. जून 2018 में, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने एनईसी की अध्यक्षता एनईआर के विकास मंत्री से गृह मंत्री को सौंप दी थी.

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मंत्रिमंडल ने उत्तर पूर्वी परिषद की पुनर्स्थापना को मंजूरी दी

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने उत्तर पूर्वी परिषद (NEC) के कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में केंद्रीय गृह मंत्री के नामांकन के लिए उत्तर पूर्वी क्षेत्र के विकास मंत्रालय (DoNER) के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. म‍ंत्रिमंडल ने यह भी मंजूरी दी कि पूर्वोत्‍तर क्षेत्र विकास राज्‍य मंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार) परिषद के उपाध्‍यक्ष के रूप में कार्य करेगा.

मुख्य तथ्य

एनईसी आठ उत्तर पूर्वी राज्यों के गवर्नर और मुख्यमंत्रियों के संयोजन से बना एक सांविधिक निकाय है, जो केंद्र और राज्य सरकार के माध्यम से विभिन्न परियोजनाओं को लागू करता है. एनईसी की पुनर्स्थापना इसे उत्तर पूर्वी क्षेत्र (एनईआर) के लिए अधिक प्रभावी निकाय बनने में मदद करेगी. इस नई व्‍यवस्‍था के अंतर्गत अध्‍यक्ष के रूप में गृह मंत्री और उपाध्‍यक्ष के रूप में पूर्वोत्‍तर क्षेत्र विकास राज्‍य मंत्री अंतर-राज्‍य मामलों पर अधिक व्यापक रूप से चर्चा करने के लिए मंच प्रदान करेंगे और भविष्‍य में सामान्य दृष्टिकोणों पर भी विचार करेंगे.

एनईसी अब नशीली दवाओं की तस्करी, हथियार और गोला बारूद की तस्‍करी, सीमा विवाद इत्यादि जैसे अंतर-राज्‍य मुद्दों पर चर्चा करने के लिए विभिन्न क्षेत्रीय परिषदों द्वारा किए गए कार्यों को कर सकता है. एनईसी परियोजना में शामिल परियोजनाओं और योजनाओं के समय-समय पर कार्यान्वयन की भी समीक्षा करेगा. यह इन परियोजनाओं आदि के लिए राज्य सरकारों के बीच समन्वय के लिए प्रभावी उपायों की भी सिफारिश करेगा. एनईसी केंद्र सरकार द्वारा सौंपी गई शक्तियों से सशक्त है. एनईसी उत्तर पूर्वी परिषद (एनईसी) अधिनियम, 1971 के तहत संतुलित और समन्वित विकास को सुरक्षित करने और राज्यों के साथ समन्वय को सुविधाजनक बनाने के लिए शीर्ष स्तर के निकाय के रूप में स्थापित किया गया है.

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