एम. वेंकैया नायडू

उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू वियतनाम की चार दिवसीय के लिए रवाना हुए

भारत के उपराष्ट्रपति चार दिन की वियतनाम यात्रा पर रवाना हो गये हैं, उनकी यात्रा 9 मई, 2019 से शुरू हुई। यह यात्रा 2018 में भारत और वियतनाम के बीच कई उच्च स्तरीय आदान-प्रदान के बाच आयोजित की जा रही है। वियतनाम के प्रधानमंत्री जनवरी में तथा वियतनाम के राष्ट्रपति मार्च में भारत की यात्रा पर आये थे।

मुख्य बिंदु

  • उपराष्ट्रपति 16वें संयुक्त राष्ट्र वेसाक दिवस में शरीक होंगे। वे इस इवेंट के उद्घाटन समारोह में संबोधन देंगे।
  • इस यात्रा से भारत और वियतनाम के बीच सामरिक साझेदारी में वृद्धि होगी।
  • उपराष्ट्रपति हो चि मिंह मौसोलयूम में वियतनाम के पूर्व प्रधानमंत्री व राष्ट्रपति को श्रद्धांजली समर्पित करेंगे।
  • वे 2018 में आयोजित जयपुर फुट आर्टिफिशियल लिंब फिटमेंट कैंप के लाभार्थियों से मुलाकात करेंगे। इस कैंप का आयोजन महात्मा गाँधी की 150वीं जन्म वर्षगाँठ के अवसर पर किया गया था।
  • वे वियतनाम के युद्ध स्मारक में शहीदों को श्रद्धांजली समर्पित करेंगे।
  • वे वियतनाम की राष्ट्रीय असेंबली के चेयरपर्सन न्ग्युयेन किम थी न्गान से मुलाकात करेंगे।
  • वे विएतनाम के उपराष्ट्रपति दांग थी न्गोक थिंह से मुलाकात करेंगे।

आप इन अपडेट्स को करेंट अफेयर्स टूड़े मोबाइल एप्प में भी पढ़ सकते हैं।

Categories:

Month:

Tags: , , , ,

राष्ट्रपति सम्मान प्रमाण पत्र तथा महर्षि बद्रायण व्यास पुरस्कार प्रदान किये गये

उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू  ने नई दिल्ली में राष्ट्रपति सम्मान प्रमाण पत्र तथा महर्षि बद्रायण व्यास  पुरस्कार प्रदान किये।

राष्ट्रपति सम्मान प्रमाण पत्र

  • राष्ट्रपति सम्मान प्रमाण पत्र की शुरुआत 1958 में हुई थी, शुरू में यह सम्मान संस्कृत, अरबी तथा फ़ारसी भाषा के विद्वानों को प्रदान किया जाता था।
  • बाद में यह सम्मान शास्त्रीय ओड़िया, शास्त्रीय कन्नड़, शास्त्रीय तेलुगु, शास्त्रीय तमिल तथा शास्त्रीय मलयालम भाषा के विद्वानों को भी प्रदान किया जाने लगा।
  • यह सम्मान उपरोक्त भाषाओँ में योगदान देने वाले 60 वर्ष से अधिक के विद्वानों को दिया जाता है।

महर्षि बद्रायण व्यास सम्मान पुरस्कार

  • महर्षि बद्रायण व्यास सम्मान संस्कृत, फारसी, अरबी, पली, प्राकृत, शास्त्रीय ओड़िया, शास्त्रीय कन्नड़, शास्त्रीय तेलुगु, शास्त्रीय तमिल तथा शास्त्रीय मलयालम भाषा के विद्वानों को प्रदान किया जाता है।
  • इस पुरस्कार की शुरुआत वर्ष 2002 में हुई थी।
  • यह पुरस्कार 30 से 45 वर्ष के युवा विद्वानों को दिया जाता है।
  • राष्ट्रपति पुरस्कार में एक प्रमाणपत्र, स्मृति चिन्ह तथा 1 लाख रुपये प्रदान किये जाते हैं।

यह दोनों सम्मान भारत सरकार के अधीन केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा प्रदान किये जाते हैं।

आप इन अपडेट्स को करेंट अफेयर्स टूड़े मोबाइल एप्प में भी पढ़ सकते हैं।

Categories:

Month:

Tags: , , , ,

Advertisement