एशिया-प्रशांत क्षेत्र

एपीटीए सदस्यों को 3,142 वस्तुओं पर टैरिफ रियायतें प्रदान करेगा भारत

भारत 1 जुलाई, 2018 से एशिया प्रशांत व्यापार समझौते (APTA – Asia Pacific Trade Agreement) के सदस्यों को 3,142 उत्पादों पर टैरिफ छूट प्रदान करने के लिए सहमत हो गया है. टैरिफ में की गई रियायतें एपीटीए के तहत वार्ता के चौथे दौर के परिणामों के रूप में कार्यान्वयित हैं, जिसे औपचारिक रूप से जनवरी, 2017 में एपीटीए की मंत्रिस्तरीय परिषद बैठक के दौरान सदस्य देशों के मंत्रियों द्वारा निष्कर्षित किया गया था.

मुख्य तथ्य

चौथे दौर के इस कार्यान्वयन के साथ ही प्रत्येक सदस्य देश के लिए कुल वस्तुओं की वरीयताओं का कवरेज बढ़कर 10,677 वस्‍तुओं के स्‍तर पर पहुंच जाएगा तथा तीसरे दौर के समापन पर वस्‍तुओं की कुल संख्‍या 4270 थी. साथ ही समझौते के तहत औसत वरीयता मार्जिन (MOP) भी बढ़कर 31.52% तक पहुँच जाएगा. एलडीसी (अल्‍प विकसित देश) के सदस्यों के लिए APTA के विशेष और अंतर उपचार प्रावधानों के तहत 81% के औसत एमओपी के साथ 1249 वस्‍तुओं पर अपेक्षाकृत अधिक रियायतें हैं.

एशिया प्रशांत व्यापार समझौता (APTA)

एशिया प्रशांत व्यापार समझौता, एशिया प्रशांत क्षेत्र के विकासशील देश के सदस्यों के बीच टैरिफ रियायतों के आदान-प्रदान के माध्यम से व्यापार विस्तार के लिए संयुक्त राष्ट्र के ESCAP (एशिया-प्रशांत के लिए आर्थिक और सामाजिक आयोग) के तहत एक पहल है. यह वरीयता प्राप्त व्यापार समझौता है, जिसके अंतर्गत वस्तुओं के बास्केट के साथ-साथ टैरिफ रियायतों की सीमा को भी समय-समय पर होने वाली  व्यापार वार्ताओं के दौरान बढ़ाया जाता है. 1975 से ही एपीटीए प्रभावी रहा है जिसे पहले बैंकाक समझौते के रूप में जाना जाता था (इसका नाम 2005 में बदला गया था). यह एशिया-प्रशांत क्षेत्र के विकासशील देशों के बीच पहला बहुपक्षीय और सबसे पुराना अधिमान्य व्यापार समझौता है. एपीटीए के छह सदस्य देश बांग्लादेश, चीन, भारत, लाओस, कोरिया और श्रीलंका हैं. एपीटीए का उद्देश्य परस्पर लाभकारी व्यापार उदारीकरण उपायों को अपनाने के माध्यम से आर्थिक विकास को बढ़ावा देना है, जिससे अंतर-क्षेत्रीय व्यापार विस्तार में योगदान मिले और व्यापार वस्तुओं, सेवाओं, निवेश और व्यापार सुविधा के कवरेज के माध्यम से आर्थिक एकीकरण प्रदान करेगा.

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मध्यप्रदेश में ग्रामीण सड़कों में सुधार के लिए एआईआईबी ने 140 मिलियन डॉलर के ऋण को मंजूरी दी

एशियाई इन्फ्रास्ट्रक्चर इंवेस्टमेंट बैंक (एआईआईबी) ने मध्य प्रदेश में ग्रामीण सड़कों (कनेक्टिविटी) में सुधार लाने के उद्देश्य से परियोजना के लिए 140 मिलियन डॉलर के लोन को मंजूरी दी है। बीजिंग, चीन में आयोजित एआईआईबी के निदेशक मंडल की बैठक में इसे मंजूरी दे दी गई।

मुख्य तथ्य

परियोजना को विश्व बैंक के साथ सह-वित्तपोषित किया जाएगा। इसका लक्ष्य दैनिक गतिविधियों के लिए ग्रामीण सड़कों का उपयोग करने वाले लगभग 5,640 गांवों के निवासियों के लिए ग्रामीण सड़क संपर्क और प्रबंधन में सुधार करना है। स्थायित्व लाना और क्वालिटी सुधार करना तथा मध्य प्रदेश में बजरी सतह वाले ग्रामीण सड़क के लचीलापन को बढ़ाना भी इसका लक्ष्य है । परियोजना में महिलाएं काम कर सकेगीं तथा इस प्रकार लिंग समानता और आय पैदा करने में परियोजना से लाभ होगा ।

एशियाई इन्फ्रास्ट्रक्चर इंवेस्टमेंट बैंक

एआईआईबी चीन द्वारा शुरू की गई बहुपक्षीय विकास बैंक है। इसका उद्देश्य एशिया-प्रशांत क्षेत्र में बुनियादी ढांचे के विकास और क्षेत्रीय संपर्क परियोजनाओं को वित्त प्रदान करना है। यह आधिकारिक तौर पर दिसंबर 2015 में स्थापित हुआ था और जनवरी 2016 में इसने कार्य करना शुरू किया । बीजिंग, चीन में इसका मुख्यालय है।

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