ओपेक

ओपेक सौदा करने में विफल, तेल की कीमतों में 20% की गिरावट दर्ज की गयी

9 मार्च, 2020 को ओपेक उत्पादन में कटौती करने में एक सौदा करने में विफल रहा, जिसके बाद कच्चे तेल की कीमतों में 20% तक की गिरावट दर्ज की गयी है।

मुख्य बिंदु

सऊदी अरब और उसके प्रमुख सहयोगियों जैसे कुवैत, इराक और यूएई ने तेल के उत्पादन को कम करने के लिए ओपेक में एक सौदा करने की पहल शुरू की थी। यह निर्णय विश्व में कोरोना वायरस के फैलने के कारण तेल की कीमतों में कमी के पूर्वानुमान के रूप में लिया गया था। हालांकि ओपेक के प्रमुख सदस्य रूस ने यह सौदा करने से इनकार कर दिया।

अमेरिका द्वारा CAATSA (Countering America’s Adversaries Through Sanctions Act) लगाये जाने के बाद कई देशों ने रूस से तेल का आयात कम या बंद कर दिया है। जिसके बाद रूस विश्व का चौथा सबसे बड़ा अंतर्राष्ट्रीय रिजर्व बन गया है। इसके अलावा रूस अभी इस स्थिति में है कि वह कम कीमतों का सामना कर सके।

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कोरोना वायरस : 2008 के वित्तीय संकट के बाद से OPEC बड़े पैमाने पर तेल उत्पादन में कटौती करेगा

5 मार्च, 2020 को दुनिया के सबसे बड़े तेल उत्पादन करने वाले देशों के समूह ओपेक (पेट्रोलियम निर्यातक देशों के संगठन) ने उत्पादन में कटौती करने की योजना बनाई है। यह 2008 के वित्तीय संकट के बाद से सबसे अधिक तेल उत्पादन कटौती है।

मुख्य बिंदु

ओपेक के प्रमुख सदस्य, सऊदी अरब ने अप्रैल, 2020 से उत्पादन में प्रतिदिन 1.5 मिलियन बैरल कटौती करने की योजना बनाई है। उत्पादन में यह कटौती तेल की कीमतों को गिरावट से बचाने के लिए की जा रही है।

ओपेक ने कोरोना वायरस (COVID-19) के कारण तेल की मांग में गिरावट और दुनिया भर में इसके प्रभाव के कारण यह निर्णय लिया है। जब मांग घटती है और आपूर्ति उसी स्तर पर बनी रहती है तो इससे कीमतें कम हो जाएंगी क्योंकि तेल की उपलब्धता अधिक है। इसलिए ओपेक आपूर्ति में कटौती कर रहा है।

ओपेक (OPEC)

ओपेक एक अंतरसरकारी संगठन है, इसमें 15 तेल निर्यातक देश शामिल हैं। इसकी स्थापना 1960 में इराक के बगदाद में की गयी गयी थी। इसका मुख्यालय ऑस्ट्रिया की राजधानी विएना में स्थित है। ओपेक का उद्देश्य पेट्रोलियम नीति पर सदस्य देशों के साथ समन्वय करना है तथा तेल बाज़ार की स्थिरता  तथा पेट्रोलियम की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करना है।

ओपेक देश विश्व के कुल 43% तेल का उत्पादन करते हैं, विश्व के तेल भंडार का 73% हिस्सा ओपेक देशों में स्थित है। ओपेक का दो तिहाई मध्य पूर्व के देशों द्वारा ही किया जाता है।

ओपेक के सदस्य

  • एशिया व मध्य पूर्व : ईरान, इराक, सऊदी अरब, कुवैत, संयुक्त अरब अमीरात
  • अफ्रीका : अल्जीरिया, अंगोला, लीबिया, नाइजीरिया, कांगो गणराज्य तथा गाबोन
  • दक्षिण अमेरिका : वेनेज़ुएला

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