कजाखस्तान

पहली भारत-मध्य एशिया वार्ता का आयोजन उज्बेकिस्तान में किया जायेगा

पहली भारत-मध्य एशिया वार्ता का आयोजन उज्बेकिस्तान के समरकंद में 12-13 जनवरी, 2019 को किया जायेगा। इस वार्ता की सह-अध्यक्षता भारतीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज तथा उज्बेकिस्तान के विदेश मंत्री अब्दुलअज़ीज़ कमीलोव द्वारा की जाएगी।

इस इवेंट में किरगिज़ गणराज्य, ताजीकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान तथा कजाखस्तान के विदेश मंत्री भी हिस्सा लेंगे। इस वार्ता में अफ़ग़ानिस्तान के विदेश मंत्री को भी आमंत्रित किया गया है।

वार्ता का उद्देश्य

  • इस वार्ता द्वारा भारत और मध्य एशियाई के सन्दर्भ में सहयोग के विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। इस दौरान मध्य एशिया के विकास तथा व्यापार में भारत की सक्रियता को बढाने पर भी चर्चा की जाएगी।
  • भारत, अफ़ग़ानिस्तान तथा मध्य एशिया के बीच व्यापारिक व आर्थिक गतिविधियों को तीव्र करने के लिए कनेक्टिविटी के विकल्पों पर भी चर्चा की जाएगी।
  • इससे मध्य एशिया देशों के साथ भारत की राजनीतिक, आर्थिक तथा सांस्कृतिक साझेदारी मज़बूत होगी।

इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने 2015 में कजाखस्तान, किर्गिजस्तान, ताजीकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान तथा उज्बेकिस्तान की यात्रा की थी, अगस्त, 2018 में विदेश मंत्री ने भी इन देशों की यात्रा की थी।

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शंघाई सहयोग संगठन के शिक्षा मंत्रियों की सातवीं बैठक का आयोजन कजाखस्तान में किया गया

शंघाई सहयोग संगठन के शिक्षा मंत्रियों की सातवीं बैठक का आयोजन कजाखस्तान की राजधानी अस्ताना में किया गया। इस बैठक का आयोजन कजाखस्तान सरकार, कजाखस्तान विज्ञान व शिक्षा मंत्रालय, विदेश मामले मंत्रालय तथा यूनिवर्सिटी ऑफ़ SCO के रेक्टर ऑफिस द्वारा किया गया।

मुख्य बिंदु

इस बैठक में भारत, कजाखस्तान, चीन, किर्गिजस्तान, पाकिस्तान, रूस, ताजीकिस्तान तथा उज्बेकिस्तान के शिक्षा मंत्रियों ने हिस्सा लिया। इस बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व राज्य मानव संसाधन व विकास मंत्री सत्यपाल सिंह ने किया। इस बैठक में संयुक्त शोध प्रोजेक्ट, शैक्षणिक यात्रा, भाषा अध्ययन, व्यावसायिक शिक्षा तथा यूथ एक्सचेंज प्रोग्राम के क्षेत्र में बहुपक्षीय सहयोग पर चर्चा की गयी।

शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ)

यह एक राजनीतिक और सुरक्षा समूह है जिसका मुख्यालय बीजिंग में है .रूस, चीन, किर्गिज गणराज्य, कजाखस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपतियों ने वर्ष 2001 में शंघाई में एक शिखर सम्मेलन में एससीओ की स्थापना की थी। यह 40% से अधिक मानवता एवं वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद का लगभग 20% हिस्से का प्रतिनिधित्व करता हैं। अफगानिस्तान, बेलारूस, ईरान और मंगोलिया वर्तमान में इसके पर्यवेक्षक है। वर्ष 2005 में भारत और पाकिस्तान को इस समूह के पर्यवेक्षकों के तौर पर शामिल किया गया था। दोनों देशों को वर्ष 2017 में पूर्ण सदस्य बनाया गया।

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