किसान उर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभयान

कैबिनेट मामलों की आर्थिक समिति ने कुसुम योजना के लांच को मंज़ूरी दी

कैबिनेट मामलों की आर्थिक समेत ने ‘किसान उर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (KUSUM) योजना’ के लांच को मंज़ूरी दे दी है। इस योजना का उद्देश्य 2022 तक 25.75 गीगावाट सौर उर्जा क्षमता का उपयोग करके किसानों के लिए जल व वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

योजना के अंग

  • किसान उर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (KUSUM) योजना के तहत 10,000 मेगावाट सौर संयंत्र का निर्माण किया जएगा।
  • इस योजना के अंतर्गत 17.50 लाख कृषि सौर पंप प्रदान किये जाएँगे।
  • 10 लाख ग्रिड-कनेक्टेड सौर उर्जा कृषि पंप का उपयोग।

योजना की विशेषताएं

कॉम्पोनेन्ट-ए

  • किसानों, कोआपरेटिव, पंचायत अथवा किसान उत्पादक संगठनों द्वारा बंजर अथवा कृषि योग्य भूमि पर 500 किलोवाट से 5 मेगावाट के नवीकरणीय उर्जा प्लांट स्थापित किये जायेंगे।
  • इस सौर उर्जा प्लांट से उत्पादित विद्युत् को वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) द्वारा राज्य विद्युत् रेगुलेटरी आयोग द्वारा निर्धारित दर पर खरीदा जायेगा।
  • इस योजना से ग्रामीण भूमि मालिकों को आय का स्थिर तथा निरंतर साधन उपलब्ध होगा।
  • डिस्कॉम्स को पांच वर्ष के लिए 0.40 रुपये प्रति यूनिट का प्रदर्शन आधारित इंसेंटिव भी दिया जायेगा।

कॉम्पोनेन्ट-बी

  • 7.5 हॉर्सपॉवर की क्षमता वाले पंप स्थापित करने के लिए किसानों को सहायता उपलब्ध करवाई जाएगी।

कॉम्पोनेन्ट-सी

  • किसान सौर उर्जा पंप द्वारा उत्पादित विद्युत् का उपयोग सिंचाई की आवश्यकता के लिए कर सकता है तथा अतिरिक्त विद्युत् को वह डिस्कॉम को बेच सकता है।
  • इससे किसानों को अतिरिक्त आय प्राप्त होगी।

इस योजना का पर्यावरण पर भी अनुकूल प्रभाव पड़ेगा। इससे कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी। इस योजना से प्रतिवर्ष 27 मिलियन टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन की बचत होगी।

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ग्रामीण भारत में ग्रिड कनेक्टेड सौर संयंत्रों हेतु कुसुम (KUSUM) योजना |

सरकार ग्रामीण भारत के लिए सौर ऊर्जा का उपयोग करने के लिए ‘किसान उर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (KUSUM) योजना’ शुरू करने की प्रक्रिया में है. इस योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में ग्रिड से जुड़े सौर संयंत्रों की स्थापना की जाएगी|
किसान उर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (KUSUM) योजना के तहत 10,000 मेगावाट सौर संयंत्र का निर्माण किया जएगा और 1.75 मिलियन ऑफ-ग्रिड कृषि सौर पंप प्रदान किये जाएँगे|

उद्देश्य

किसान उर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों की आय में वृद्धि का है क्योंकि वे अपनी अतिरिक्त बिजली को अपनी जमीन पर स्थित सौर संयंत्रों द्वारा निर्मित मुख्य ग्रिड में बेच सकते हैं|

कुसुम योजना

• योजना के तहत देश के 3 करोड़ सिंचाई पम्पों को सौर उर्जा से चलाया जायेगा |
• किसानों को इस लागत का केवल 10 प्रतिशत ही देना होगा |
• सरकार इस योजना के लिए लगभग 45 हज़ार करोड़ रुपये बैंक ऋण के रूप में जुटाएगी |
• योजना से 28 हजार मेगावाट बिजली का उत्पादन होगा |
• योजना से किसान दोहरा लाभ उठा सकेंगे. पहला इससे सिंचाई के लिए मुफ्त बिजली मिलेगी. दूसरा, किसान अतिरिक्त बिजली बनाकर ग्रिड को भेजेंगे तो उसकी कीमत भी किसानों को दी जाएगी |
• योजना के पहले चरण में डीज़ल से चल रहे 17.5 लाख सिंचाई पम्पों को सौर उर्जा से चलाया जायेगा |

किसान उर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान कार्यक्रम के लाभ

• सौर उर्जा से चलने पर पम्पों से लंबे समय तक सिंचाई हो सकेगी तथा फसलों की पैदावार सुधरेगी |
• देश में डीज़ल की खपत कम होगी |
• पर्यावरण पर डीज़ल से पड़ने वाले नकारात्मक प्रभाव में भी कमी आएगी |
• देश में अतिरिक्त मेगावाट बिजली पैदा होगी |
• किसानों की बिजली की बचत हो सकेगी |

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