किसान कल्याण

प्रधानमंत्री किसान पेंशन योजना को मंज़ूरी दी गयी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केन्द्रीय कैबिनेट ने प्रधानमंत्री किसान पेंशन योजना को मंज़ूरी दे दी है। इस योजना के द्वारा द्वारा किसानों को भी पेंशन कवर उपलब्ध करवाया जायेगा। यह निर्णय नई सरकार के केन्द्रीय मंत्रीमंडल की पहली बैठक में लिया गया।

प्रधानमंत्री किसान पेंशन योजना

यह एक स्वैच्छिक व अंशदायी पेंशन योजना है, इसका लाभ देश भर के छोटे व सीमान्त किसान प्राप्त कर सकते हैं।

योग्यता : इस योजना में प्रवेश के लिए व्यक्त की उम्र 18 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए, लाभार्थी को 60 वर्ष की आयु के बाद न्यूनतम 3000 रुपये की फिक्स्ड पेंशन दी जायेगी।

अंशदान : लाभार्थी किसान को प्रतिमाह 100 रुपये का अंशदान करना होगा, जितना अंशदान किसान द्वारा किया जायेगा उतना ही योगदान पेंशन फण्ड में केंद्र सरकार भी करेगी।

यदि पेंशन प्राप्तकर्ता किसान की मृत्यु हो जाती है तो उसकी पेंशन का 50% हिस्सा उसके पति/पत्नी को मिल सकता है। यदि अंशदान के काल में ही व्यक्ति की मृत्यु हो जाए तो उसकी पत्नी/पति इस पेंशन को आगे जारी रख सकते हैं।

लाभार्थी किसान अगर चाहे तो पेंशन के लिए उसकी मासिक अंशदान राशि की कटौती प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से भी की जा सकती है। इसके अतिरिक्त लाभार्थी किसान कॉमन सर्विस सेंटर के द्वारा पंजीकृत होकर भी मासिक अंशदान कर सकता है।

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प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का दायरा बढ़ाया गया

नव-निर्मित NDA सरकार ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का दायरा बढ़ा दिया है। यह निर्णय 31 मई, 2019 को हुई केन्द्रीय कैबिनेट की बैठक में लिया गया है। अब इस योजना के लिए भूमि स्वामित्व की सीमा को हटा दिया गया था। पहले इस योजना का लाभ 2 हेक्टेयर से कम भूमि वाले निर्धन किसानों को दिया जाता था। अब इस सीमा को हटा दिया गया है, अब सभी निर्धन किसानों को इस योजना का लाभ मिलेगा। अब प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से लगभग 15 करोड़ परिवार लाभान्वित होंगे।

अंतरिम बजट 2019 में किसानों के लिए प्रधानमंत्री किसान निधि योजना (PM-KISAN) की घोषणा की गयी, इस योजना की मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित हैं:

  • केंद्र सरकार छोटे व सीमान्त किसानों को प्रतिवर्ष 6000 रुपये की वित्तीय सहायता देगी।
  • इस योजना से सरकार खजाने से 75,000 करोड़ रुपये व्यय किया जायेंगे।
  • इस योजना का उद्देश्य उन किसानों की सहायता करना है जिन्हें ख़राब मौसम अथवा कम कीमत के कारण नुकसान होता है।
  • यह 6000 रुपये की राशि 2000-2000 हज़ार की तीन किश्तों में सीधे किसानों के खातों में हस्तांतरित की जायेगी।

योजना का विश्लेषण

इस योजना के तहत किसानों को प्रतिवर्ष 6000 रुपये दिए जायेंगे, यह राशि 500 रुपये प्रति माह होगी। नाबार्ड बैंक के ग्रामीण वित्तीय सर्वेक्षण 2015-16 में कृषि से किसान की औसत मासिक आय 3,140 रुपये थी। इस प्रकार 500 रुपये प्रति माह से किसान की मासिक आय में 16% की वृद्धि होगी। अब तक इस योजना पर 10,500 करोड़ रुपये व्यय किये जा चुके हैं।

 

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