कुपोषण

निमोनिया से होने वाले मौतों में भारत दूसरे स्थान पर : यूनिसेफ रिपोर्ट

14 नवम्बर, 2019 को संयुक्त राष्ट्र द्वारा जारी रिपोर्ट के मुताबिक 2018 में विश्व भर मे निमोनिया के कारण  पांच वर्ष से कम आयु की बच्चों की होने वाली मौतों में भारत दूसरे स्थान पर है। विश्व भर में 2018 में आठ लाख से अधिक बच्चों की मौत हुई जिनकी उम्र पांच वर्ष से कम थी। गौरतलब है कि यह रोग टीकाकरण के द्वारा रोका जा सकता है, परन्तु अभी भी इससे काफी बड़ी संख्या में मौतें हो रही हैं।

मुख्य बिंदु

  • निमोनिया के कारण जिन देशों में सबसे ज्यादा बच्चों की मौतें हुई : नाइजीरिया, भारत, पाकिस्तान, कांगो तथा इथियोपिया।
  • 5 वर्ष से कम आयु के बच्चों की 15% मौतें निमोनिया के कारण हुई हैं।
  • निमोनिया के कारण होने वाली लगभग आधी मौतें वायु प्रदूषण से सम्बंधित हैं।

कारण

  • अपर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाएँ
  • पेयजल की सुविधा का अभाव
  • घर के अन्दर वायु प्रदूषण
  • कुपोषण

सुझाव

  • निमोनिया का सामना करने के लिए अधिक निवेश
  • मज़बूत वैश्विक प्रतिबद्धता

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वैश्विक पोषण रिपोर्ट 2018 के मुख्य बिंदु

हाल ही में विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा वैश्विक पोषण रिपोर्ट, 2018 जारी की गयी, इस रिपोर्ट के अनुसार विश्व में सबसे ज्यादा अवरुद्ध विकास युक्त बच्चे भारत में ही है। विश्व के 1/3 विकास अवरुद्ध बच्चे भारत में हैं।

वैश्विक पोषण रिपोर्ट

2013 में विकास के लिए पोषण शिखर सम्मेलन के बाद वैश्विक पोषण रिपोर्ट को प्रस्तुत किया गया।

यह वैश्विक पोषण की स्थिति के सम्बन्ध में अग्रणी रिपोर्ट है, इस रिपोर्ट को स्वतंत्र विशेषज्ञ समूह द्वारा तैयार किया जाता है । इसका मार्गदर्शन स्टेकहोल्डर ग्रुप द्वारा किया जाता है।

2018 रिपोर्ट : ग्लोबल प्रोफाइल

  • 2017 में अवरुद्ध विकसित बच्चों की संख्या प्रत्येक 2000 में 32.6% से कम होकर 22.2% हो गयी है।
  • प्रतिवर्ष 20 मिलियन बच्चे कम भार के साथ पैदा होते हैं।
  • विश्व में 3 मिलियन बच्चे अधिक भार वाले हैं। जबकि 38.9% व्यस्क मोटापे से पीड़ित हैं।
  • प्रजनन आयु वर्ग की एक तिहाई महिलाएं एनीमिया से पीड़ित हैं।
  • महिलाओं में मोटापे की प्रवृत्ति पुरुषों की अपेक्षा अधिक है।

2018 रिपोर्ट : भारतीय प्रोफाइल

  • विश्व में सबसे ज्यादा अवरुद्ध विकास युक्त बच्चे भारत में ही है।
  • भारत में उचित पोषण प्राप्त न होने के कारण 46.6 मिलियन बच्चों का विरुद्ध अवरुद्ध है।
  • भारत में विभिन्न जिलों में विकास अवरुद्धता की दर काफी भिन्न-भिन्न है (कई जिलों में यह 12.4% से 65.1% के बीच है) । 604 जिलों में से 239 जिलों में विकास अवरुद्धता की दर 40% से अधिक है।
  • निम्न आय वर्गीय घरों के बच्चों (5 वर्ष से कम आयु) की विकास अवरुद्धता दर काफी ऊँची (50.7%) है।
  • भारत के ग्रामीण क्षेत्र में 7% बच्चे विकास अवरुद्ध हैं, जबकि शहरी क्षेत्र के सन्दर्भ में यह आंकड़ा 30.6% है।
  • भारत में 58.1% लड़के तथा 50.1% लड़कियों का भार कम है।
  • प्रजनन आयु वर्ग की 51.4% महिलाएं एनीमिया से पीड़ित हैं।

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