केंद्र सरकार

प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना: कैबिनेट ने 20 एम्स की स्थापना की मंजूरी दी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पूरे देश में 20 अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) स्थापित करने और 73 मेडिकल कॉलेजों को अपग्रेड करने की योजना को मंजूरी दे दी है। यह निर्णय प्रधान मंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना (पीएमएसएसवाई) का हिस्सा हैं, जिसे 2020 तक के लिए दो साल तक बढ़ाया गया है, जिसमें 14,832 करोड़ रुपये का वित्तीय व्यय शामिल है ।

मुख्य तथ्य

प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना का विस्तार करने का निर्णय देश भर में स्वास्थ्य सुविधाओं तथा स्वास्थ्य देखभाल पेशेवरों की कमी को पूरा करना है। इसके तहत विभिन्न राज्यों में नए एम्स की स्थापना स्वास्थ्य शिक्षा, प्रशिक्षण और स्वास्थ्य देखभाल पेशेवरों की कमी को दूर करने में भी मदद मिलेगी । इससे प्रत्येक एम्स में विभिन्न संकाय और गैर संकाय पदों में लगभग 3,000 लोगों के लिए रोजगार सृजित होंगे । 20 एम्स में से छह पहले ही स्थापित हो चुके हैं। नई एम्स का निर्माण पूरी तरह से केंद्र सरकार द्वारा वित्त पोषित होगा।

प्रधान मंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना

प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना (PMSSY) को सस्ती / विश्वसनीय तृतीयक स्वास्थ्य सेवा की उपलब्धता में क्षेत्रीय असंतुलन को सुधारने और देश में गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा की सुविधा बढ़ाने के उद्देश्य से 2003 में लाया गया था । एम्स जैसे संस्थानों की स्थापना तथा सरकारी मेडिकल कॉलेज / संस्थानों का विकास करना प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना (PMSSY) के दो प्रमुख घटक हैं ।

आप इन अपडेट्स को करेंट अफेयर्स टूड़े मोबाइल एप्प में भी पढ़ सकते हैं।

Categories:

Month:

Tags: , , , , ,

वित्त मंत्रालय ने समावेशी परियोजना के लिए विश्व बैंक के साथ एक ऋण समझौते पर हस्ताक्षर किये

वित्त मंत्रालय ने समावेशी परियोजना के लिए भारत में नवाचार (innovation) को बढावा देने हेतु विश्व बैंक से लगभग 125 यूएस डॉलर के आईबीआरडी क्रेडिट (IBRD credit of US$ 125) ऋण समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इस परियोजना का उद्देश्य स्वदेशी नवाचार को बढ़ावा देना, स्थानीय उत्पाद विकास को बढ़ावा देना और भारत में जैव चिकित्सा , चिकित्सा उपकरणों के उद्योग की व्यावसायीकरण प्रक्रिया में तेजी लाना है।

समावेशी परियोजना

यह परियोजना समावेशी विकास और भारत में प्रतिस्पर्धा बढ़ाने हेतु किफायती और अभिनव (innovative) हेल्थकेयर उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण कौशल और आधारभूत संरचना को विकसित कर अपना उद्देश्य हासिल करना चाहती हैं। परियोजना वर्तमान में भारत में अभिनव (innovative) बायोफर्मास्यूटिकल और चिकित्सा उपकरणों के उद्योग के विकास हेतु बाजार विफलताओं की समस्या को दूर करने के साथ साथ सार्वजनिक निजी और शैक्षिक संस्थानों के संघ का सहयोग करेगी। परियोजना प्रबंधन , निगरानी ,मूल्यांकन के लिए बाजार प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए परियोजना के घटक (components) पायलट-बाजार नवाचार तंत्र की स्थिति (pilot-to market innovation ecosystem ) को मजबूत कर रही हैं। परियोजना की समाप्ति तिथि जून 2023 रखी गयी है।

आप इन अपडेट्स को करेंट अफेयर्स टूड़े मोबाइल एप्प में भी पढ़ सकते हैं।

Categories:

Month:

Tags: , , , ,

Advertisement