केंद्र सरकार

केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल के नाम परिवर्तन के प्रस्ताव को अस्वीकार किया

पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य का नाम बदलकर बांग्ला करने के लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा था, केंद्र ने इस प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया है।

पृष्ठभूमि

पश्चिम बंगाल के नाम को बदलकर बांग्ला रखने के लिए दो वर्ष पूर्व अगस्त, 2016 में पहली बार प्रस्तुत किया था। इससे पहले राज्य सरकार ने पश्चिम बंगाल का नाम बदलकर बांग्ला रखने के लिए केंद्र को प्रस्ताव भेजा है। परन्तु केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने इस प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया था।

राज्य का नाम बदलने की प्रक्रिया

नाम बदलने की प्रक्रिया राज्य द्वारा शुरू की जा सकती है। संविधान के अनुच्छेद 3 के अनुसार संसद को राज्य के प्रस्ताव के बिना भी राज्य के नाम को बदलने की शक्ति है। यदि नाम बदलने की प्रक्रिया राज्य की विधानसभा द्वारा शुरू की जाती है, तो सर्वप्रथम राज्य को इसके लिए एक प्रस्ताव पारित करना होगा। राज्य द्वारा प्रस्ताव पारित करने के बाद केन्द्रीय गृह मंत्रालय के पास भेजा जायेगा। तत्पश्चात केन्द्रीय गृह मंत्रालय, कैबिनेट के लिए प्रथम अनुसूची में संशोधन के लिए नोट तैयार करता है। उसके बाद संवैधानिक संशोधन संसद में प्रस्तुत किया जाता है। संसद के सामान्य बहुमत द्वारा पारित होने के बाद इसे राष्ट्रपति की मंज़ूरी के लिए भेजा जाता है, इसके बाद राज्य के नाम परिवर्तित होता है।

आप इन अपडेट्स को करेंट अफेयर्स टूड़े मोबाइल एप्प में भी पढ़ सकते हैं।

Categories:

Month:

Tags: , , ,

केंद्र सरकार ने थोक मूल्य सूचकांक के पुनरावलोकन के लिए वर्किंग ग्रुप का गठन किया

केंद्र सरकार ने थोक मूल्य सूचकांक के पुनरावलोकन के लिए वर्किंग ग्रुप का गठन किया है। इसके अध्यक्ष नीति आयोग के सदस्य प्रोफेसर रमेश चंद होंगे। आर्थिक सलाहकार कार्यालय इस वर्किंग ग्रुप का नोडल कार्यालय होगा।

मुख्य बिंदु

  • यह वर्किंग ग्रुप थोक मूल्य सूचकांक तथा उत्पादक मूल्य सूचकांक की नयी आधिकारिक श्रृंखला के लिए उचित आधार वर्ष का चयन करेगा।
  • यह समूह मौजूदा थोक मूल्य सूचकांक में शामिल की जाने वाली वस्तुओं की समीक्षा भी करेगा।
  • यह समूह विनिर्माण सेक्टर के लिए मूल्य संग्रहण प्रणाली की समीक्षा भी करेगा।
  • यह समूह मूल्य श्रृंखला तथा जीवन निर्वाह लागत पर तकनीकी सलाहकार समिति की समीक्षा भी करेगा।
  • यह कोई अन्य सुझाव भी दे सकता है जिससे थोक मूल्य सूचकांक/उत्पादक मूल्य सूचकांक की विश्वसनीयता में वृद्धि हो।

पृष्ठभूमि

मौजूदा थोक मूल्य सूचकांक को मई, 2017 में शुरू किया गया था, इसका आधार वर्ष 2011-12 था। गौरतलब है कि 2011-12 से अब तक भारतीय अर्थव्यवस्था में कई महत्वपूर्ण परिवर्तन आ चुके हैं, इसलिए थोक मूल्य सूचकांक में शामिल की जाने वाली वस्तुओं की समीक्षा की जानी आवश्यक है।

आप इन अपडेट्स को करेंट अफेयर्स टूड़े मोबाइल एप्प में भी पढ़ सकते हैं।

Categories:

Month:

Tags: , , , ,

Advertisement