केन्द्रीय गृह मंत्रालय

गृह मंत्रालय ने असम राइफल्स का विलय ITBP के साथ करने का प्रस्ताव रखा

केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने असम राइफल्स का विलय ITBP के साथ करने का प्रस्ताव रखा है। वर्तमान में असम राइफल्स का प्रशासनिक नियंत्रण केन्द्रीय गृह मंत्रालय के पास है जबकि इसका ऑपरेशनल कण्ट्रोल भारतीय थल सेना के पास है।

असम राइफल्स

असम राइफल्स भारत का सबसे पुराना अर्धसैनिक बल है, इसका गठन वर्ष 1835 में किया गया था। वर्तमान समय में असम राइफल्स में 63,000 से अधिक कर्मचारी कार्यरत्त हैं। असम राइफल्स आंतरिक सुरक्षा, उग्रवादी विरोधी ऑपरेशन, सीमा सुरक्षा, आपातकालीन सहायता समेत कई कार्य का निर्वहन करता है।

भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP)

भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) देश के पांच केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में से एक है, इसकी स्थापना 24 अक्टूबर, 1962 को भारत-चीन युद्ध के बाद की गयी थी। इसकी स्थापना CRPF अधिनियम के अंतर्गत की गयी थी। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) बल को भारत और तिब्बत की सीमा पर तैनात किया जाता है। वर्तमान में ITBP में 89,432 जवान कार्यरत्त हैं। ITBP का आदर्श वाक्य “शौर्य – दृढ़ता – कर्मनिष्ठा” है।

सितम्बर, 1996 में संसद ने भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल अधिनियम, 1992 पारित किया था, इस अधिनियम के द्वारा ITBP के लिए रेगुलेशन तथा इसे देश की सीमा की सुरक्षा सुनिश्चित करने की ज़िम्मेदारी सौंपी थी। इंस्पेक्टर जनरल बलबीर सिंह ITBP के पहले प्रमुख थे। ITBP के जवानों को संयुक्त राष्ट्र के शांति मिशन में भी भेजा जाता है, अब तक ITBP को बोस्निया हेर्ज़ेगोविना, कोसोवो, सिएरा लियॉन, हैती, पश्चिमी सहारा, सूडान तथा अफ़ग़ानिस्तान जैसे देशों में भेजा जा चुका है।

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जम्मू-कश्मीर में आतंक मॉनिटरिंग के लिए समूह

केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने हाल ही में आतंक मॉनिटरिंग समूह की स्थापना की घोषणा की। इसका उद्देश्य जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के वित्तपोषण तथा आतंकी गतिविधियों पर कार्यवाई करना है।

आतंक मॉनिटरिंग समूह के कार्य

  • आतंकवादी गतिविधियों के समर्थक सरकारी कर्मचारियों के विरुद्ध कारवाई करना।
  • यह समूह आतंक, आतंक वित्तपोषण तथा आतंक सम्बन्धी गतिविधियों के सन्दर्भ में पंजीकृत मामलों पर कार्य करेगा।
  • यह समूह उन लोगों/नेताओं को चिन्हित करेगा जो किसी भी प्रकार से आतंकवाद का समर्थन करते हैं। इसके अलावा आतंकी फंडिंग के लिए उपयोग किये जाने वाले सभी माध्यमों की खोज-बीन करके फंडिंग पर रोक लगाई की जायेगी।
  • सात सदस्यीय आतंक मॉनिटरिंग समूह का नेतृत्व जम्मू-कश्मीर अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक द्वारा किया जाएगा। इसमें इंटेलिजेंस ब्यूरो, सीबीआई, NIA, केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड तथा केन्द्रीय अप्रत्यक्ष कर तथा सीमा शुल्क बोर्ड के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। जम्मू-कश्मीर पुलिस इंस्पेक्टर जनरल इस समूह के सातवें सदस्य होंगे।

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