केन्द्रीय महिला व बाल विकास मंत्रालय

केंद्र सरकार निर्भया फण्ड के साथ सभी जिलों में करेगी मानव तस्करी रोधी इकाइयों की स्थापना

केन्द्रीय महिला व बाल विकास मंत्रालय देश के सभी जिलों में निर्भया फण्ड की सहायता से मानव तस्करी रोधी इकाइयों की स्थापना करेगा। इस सम्बन्ध में हाल ही में केन्द्रीय महिला व बाल विकास मंत्री स्मृति इरानी द्वारा घोषणा की गयी।

मुख्य बिंदु

इन मानव तस्करी रोधी इकाइयों के साथ सभी पुलिस स्टेशनों में महिला सहायता डेस्क की स्थापना की जायेगी। मानव तस्करी रोधी इकाई तथा महिला हेल्प डेस्क की स्थापना की अनुशंसा निर्भया फ्रेमवर्क के तहत सशक्त समिति द्वारा की गयी थी। इस पहल से महिला सुरक्षा को मजबूती मिलेगी। मानव तस्करी रोधी इकाई तथा महिला हेल्प डेस्क की स्थापना 100 करोड़ की लागत से की जायेगी, इसके लिए पूरी फंडिंग केंद्र सरकार द्वारा की जायेगी।

निर्भया फण्ड

इस फण्ड की स्थापना वित्त मंत्रालय ने 2013 में 1000 करोड़ रुपये के कार्पस से की थी। यह फण्ड देश में महिलाओं की सुरक्षा के उपाय में वृद्धि करने के लिए स्थापित किया गया था। इस फण्ड की मॉनिटरिंग महिला व बाल कल्याण मंत्रालय के सचिव की अध्यक्षता में निर्भय फण्ड की सशक्त समिति द्वारा की जाती है। विभिन्न मंत्रालयों द्वारा निर्भया फण्ड के उपयोग के लिए प्रस्ताव प्रस्तुत किये जाते हैं।

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महिला पुलिस स्वयंसेवक योजना के प्रस्तावों के क्रियान्वयन को केंद्र सरकार ने मंज़ूरी दी

महिला पुलिस स्वयंसेवक योजना के क्रियान्वयन के लिए आंध्र प्रदेश, गुजरात, मिजोरम, छत्तीसगढ़, कर्नाटक तथा मध्य प्रदेश के प्रस्तावों को केंद्र सरकार ने मंज़ूरी दे दी है। हरियाणा महिला पुलिस स्वयंसेवक अभियान शुरू करने वाला पहला राज्य था। वित्त वर्ष 2016-17 के दौरान निर्भया फण्ड के तहत इसकी शुरुआत हरियाणा के करनाल में की गयी थी।

महिला पुलिस स्वयंसेवक योजना

महिला पुलिस स्वयंसेवक योजना की शुरुआत केन्द्रीय महिला व बाल विकास मंत्रालय ने केन्द्रीय गृह मंत्रालय के साथ मिलकर की थी, इस योजना की मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित हैं:

  • एक महिला पुलिस स्वयंसेवक कोई भी महिला हो सकती है जो स्वैच्छिक रूप से लड़कियों व महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध हो और जो पुलिस को हिंसा मुक्त व लैंगिक भेदभाव से मुक्त समाज बनाने में सहायता कर सके।
  • एक महिला पुलिस स्वयंसेवक की न्यूनतम आयु 21 वर्ष तथा न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 12वीं पास होनी चाहिए।
  • महिला पुलिस स्वयंसेवक उसी क्षेत्र से होनी चाहिए तथा वह स्थानीय भाषा-बोली से परिचित होनी चाहिए।
  • उसका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं होना चाहिए।
  • वह किसी राजनीतिक दल की सदस्य नही होनी चाहिए।
  • राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेश में महिला पुलिस स्वयंसेवक पुलिस तथा महिलाओं के बीच कड़ी का काम करेंगी।
  • प्रत्येक ग्राम पंचायत में एक महिला पुलिस स्वयंसेवक होगी।
  • महिला पुलिस स्वयंसेवक पुलिस थाना में सीधे सर्किल इंस्पेक्टर को रिपोर्ट करेंगी।
  • महिला पुलिस स्वयंसेवक को “महिला व शिशु रक्षक दल” का निर्माण करना होगा।
  • महिला पुलिस स्वयंसेवक का प्रमुख कार्य महिलाओं के विरुद्ध होने वाली घरेलु हिंसा, बाल विवाह, दहेज़ प्रथा तथा सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं के विरुद्ध होनें वाली हिंसा की रिपोर्ट करना है।
  • महिला पुलिस स्वयंसेवक एक मानद पद है, उन्हें प्रतिमाह 1000 रुपये का मानदेय दिया जाता है।
  • केन्द्रीय महिला व बाल विकास मंत्रालय ने सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को इस अभियान को अपने राज्य/केंद्र शासित प्रदेश में शुरू करने के लिए कहा है।

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