केरल

पश्चिम बंगाल बना CAA के विरुद्ध प्रस्ताव पारित करने वाला चौथा राज्य

संसद ने शीतकालीन सत्र में नागरिकता संशोधन अधिनियम को पारित किया था। परन्तु कई राज्य इस अधिनियम का विरोध कर रहे हैं। केरल ने सबसे पहले इस अधिनियम के विरुद्ध प्रस्ताव पारित किया था। हाल ही में पश्चिम बंगाल ने भी इसी प्रकार का प्रस्ताव पारित किया है।

मुख्य बिंदु

केरल के बाद पंजाब, राजस्थान और पश्चिम बंगाल ने नागरिक संशोधन अधिनियम के विरुद्ध प्रस्ताव पारित किये हैं। इन राज्यों का दावा है कि राष्ट्रीय जनसँख्या रजिस्टर, नागरिकता संशोधन अधिनियम और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर आपस में सम्बंधित हैं।

एनपीआर (राष्ट्रीय जनसँख्या रजिस्टर)

राष्ट्रीय जनसँख्या रजिस्टर में भारत में रहने वाले लोगों के नाम  होते हैं। इस रजिस्टर को नागरिकता अधिनियम, 1955 तथा नागरिकता (नागरिक पंजीकरण तथा राष्ट्रीय पहचान पात्र) नियम, 2003 के तहत तैयार व अपडेट किया जाता है। राष्ट्रीय जनसँख्या रजिस्टर को 2010 में अपडेट किया गया था, इसके लिए 2011 की जनगणना के साथ डाटा एकत्रित किया गया था। इस रजिस्टर में लोगों के जनसांख्यिकी जानकारी होती है।

नियम

नागरिकता अधिनियम के सेक्शन 14A के अनुसार केंद्र सरकार को अनिवार्य रूप से सभी नागरिकों को पंजीकृत करना होगा तथा उनके पहचान पत्र जारी करना होगा। इसके अलावा सरकार के पास भारतीय नागरिकों का रजिस्टर भी होना चाहिए। इस कार्य के लिए राष्ट्रीय पंजीकरण प्राधिकरण की स्थापना की जानी चाहिए।

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भारतीय बाल चिकित्सा अकादमी ने केरल में ‘टीबी फ्री एयर फॉर एव्री चाइल्ड’ कार्यक्रम शुरू किया

भारतीय बाल चिकित्सा अकादमी ने हाल ही में केरल में टीबी फ्री एयर फॉर एव्री चाइल्ड’ कार्यक्रम शुरू किया। इस कार्यक्रम के तहत भारतीय बाल चिकित्सा अकादमी द्वारा 2500 बाल रोग चिकिस्तकों को ट्यूबरक्लोसिस की चिकित्सा के बारे में प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसका उद्देश्य राज्य में बच्चों में टीबी को समाप्त करना है।

क्षय रोग (टीबी)

क्षय रोग के फैलने का सबसे बड़ा कारण है इस बीमारी के प्रति लोगों में जानकारी का अभाव। टीबी (क्षय रोग) यानि ट्यूबरक्लोसिस एक संक्रामक रोग है, जो माइकोबैक्टिरीयम ट्यूबरक्यूलोसिस नाम के बैक्टीरिया की वजह से होता है। ये बीमारी हवा के जरिए एक इंसान से दूसरे में फैलती है। सबसे आम फेफड़ों की टीबी है लेकिन ये गर्भाशय, मुंह, लिवर, किडनी, गला,ब्रेन, हड्डी जैसे शरीर के किसी भी हिस्से में हो सकती है। टीबी बैक्टीरिया शरीर के जिस भी हिस्से में होता है उसके टिश्यू को पूरी तरह से नष्ट कर देता है और उससे उस अंग का काम प्रभावित होता है।

टीबी के लक्ष्ण हैं :

खांसते समय बलगम में खून का आना,भूख में कमी, थकान और कमजोरी का एहसास, सीने में दर्द, बार बार खांसना, बुखार, गले में सूजन और पेट में गड़बड़ी का होना।

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