कोविड-19

आईआईटी गुवाहाटी ने विकसित की कम लागत वाली कोविड-19 डायग्नोस्टिक किट

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) गुवाहाटी ने गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (GMCH) और RR एनिमल हेल्थकेयर लिमिटेड के सहयोग से कोविड-19 के निदान के लिए स्थानीय बाजार में उपलब्ध सामग्री का उपयोग करके एक किट विकसित की है। 3 विभिन्न प्रकार के निदान कम लागत वाले किट विकसित किए गए हैं, वे रिबोन्यूक्लिक एसिड (आरएनए) आइसोलेशन किट, वायरल ट्रांसपोर्ट मीडिया (वीटीएम) किट, रियल-टाइम पॉलीमरेज़ चेन रिएक्शन (आरटी-पीसीआर) टेस्ट किट हैं। किट के निर्माण के लिए उपयोग की जाने वाली सामग्री विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की सिफारिशों के अनुसार है।

वर्तमान में किट के दो बैचों को जीएमसीएच और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, असम को सौंप दिया गया है।

वीटीएम किट

ये किट परीक्षण के लिए प्रयोगशाला में सुरक्षित रूप से नमूना एकत्र करने के लिए उपयोग किए जाते हैं। यदि कोई भी वायरस नमूने में मौजूद है तो वीटीएम किट को नमूना सुरक्षित रखना पड़ता है, जब तक कि इसकी परीक्षण प्रक्रिया एक प्रयोगशाला में पूरी नहीं हो जाती, इसलिए सटीक परिणामों के लिए वीटीएम किट की गुणवत्ता महत्वपूर्ण है।

IIT गुवाहाटी में विकसित VTM किट को 72 घंटे तक प्रशीतित तापमान पर वायरस की व्यवहार्यता को संरक्षित करने में सक्षम है।

सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) ने वीटीएम किट को इस्तेमाल करने के लिए सुरक्षित माना है।

आप इन अपडेट्स को करेंट अफेयर्स टूड़े मोबाइल एप्प में भी पढ़ सकते हैं।

Categories:

Month:

Tags: , , , ,

DIAT ने किया ‘अनन्या’ कीटाणुनाशक स्प्रे का विकास

पुणे स्थित डिफेंस इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस टेक्नोलॉजी ने कोविड-19 का मुकाबला करने के लिए ANANYA नामक नैनो-तकनीक आधारित कीटाणुनाशक स्प्रे विकसित की है।

यह मास्क, पीपीई, हॉस्पिटल लिनेन, मेडिकल इंस्ट्रूमेंट्स सहित सभी प्रकार की सतहों को कीटाणुरहित करने में प्रभावी है। इसका उपयोग एलिवेटर बटन और डोर नॉब्स जैसी सामान्य जगहों को कीटाणुरहित करने के लिए भी किया जा सकता है।

स्प्रे के बारे में

ANANYA एक जल आधारित स्प्रे है। यह 24 घंटे तक प्रभावी रहती है। यह स्प्रे कपड़े, धातु की वस्तुओं और प्लास्टिक पर टिक सकती है। स्प्रे की विषाक्तता मनुष्यों के लिए नगण्य है। ANANYA स्प्रे की शेल्फ लाइफ 6 महीने से अधिक है।

DIAT

डिफेंस इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस टेक्नोलॉजी रक्षा मंत्रालय के तहत संचालित होती है। यह संस्थान भारतीय आयुध कारखानों, तटरक्षक बल, भारतीय सशस्त्र बलों (वायु सेना, सेना और नौसेना) के अधिकारियों को प्रशिक्षित करता है। इसकी स्थापना 1952 में हुई थी। इस संस्थान के कुलाधिपति रक्षा मंत्री होते हैं।

आप इन अपडेट्स को करेंट अफेयर्स टूड़े मोबाइल एप्प में भी पढ़ सकते हैं।

Categories:

Month:

Tags: , , ,

Advertisement