गगनयान

आज के मुख्य समाचार : 23 जनवरी, 2020

प्रतियोगी परीक्षाओं की दृष्टि से महत्वपूर्ण 23 जनवरी, 2020  के मुख्य समाचार निम्नलिखित हैं :

राष्ट्रीय करेंट अफेयर्स                           

  • कैबिनेट ने अन्य पिछड़ा वर्ग  उपवर्गीकरण आयोग के कार्यकाल को 31 जुलाई, 2020 तक बढ़ाया
  • इसरो गगनयान मिशन से पहले ‘व्योमित्र’ नामक रोबोट को अन्तरिक्ष में भेजेगा
  • प्रधानमंत्री मोदी ने ‘प्रगति’ के द्वारा विभिन्न सरकारी परियोजनाओं की समीक्षा की
  • दमन को दादरा व नगर हवेली तथा दमन व दिउ केंद्र शासित प्रदेश का नया मुख्यालय बनाया गया
  • उत्तर प्रदेश : ‘मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना’ के तहत दुर्घटना का शिकार होने वाले किसानों को वित्तीय सहायता दी जायेगी

आर्थिक व व्यापारिक करेंट अफेयर्स

  • कैबिनेट ने हिंदुस्तान फ्लोरोकार्बन लिमिटेड को बंद करने के लिए मंज़ूरी दी
  • कैबिनेट ने नये राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) के स्थायी कैंपस के लिए 4,371.90 करोड़ रुपये मंज़ूर किये
  • इंडियन आयल घाना की राष्ट्रीय एलपीजी संवर्धन नीति के क्रियान्वयन में सहायता करेगा
  • भारत ने ओजोन को नुकसान पहुंचाने वाले रसायन हाइड्रोक्लोरोफ्लोरोकार्बन (HCFC)-141b को चरणबद्ध तरीके से समाप्त किया

स्कोच गवर्नेंस रैंकिंग

  • गुजरात ने स्कोच स्टेट ऑफ़ गवर्नेंस 2019 रैंकिंग में प्रथम स्थान हासिल किया
  • ‘स्टार स्टेट्स’ में गुजरात, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु को शामिल किया गया

लोकतंत्र सूचकांक

  • भारत 10 स्थानों की गिरावट के साथ 51वें स्थान पर रहा
  • इस सूचकांक में नॉर्व शीर्ष पर काबिज़ है, इसके बाद आइसलैंड और स्वीडन का स्थान है

GTCI

  • वैश्विक टैलेंट प्रतिस्पर्धात्मक सूचकांक 2020 में भारत 72वीं स्थान (8 स्थानों का लाभ) पर रहा
  • इस सूचकांक में स्विट्ज़रलैंड पहले स्थान पर है

अंतर्राष्ट्रीय करेंट अफेयर्स

  • कटरीना सकेलारोपोलू ग्रीस की प्रथम महिला राष्ट्रपति बनीं
  • वेल्स के अभिनेताव लेखक ‘टेरी जोंस’ का निधन हुआ

खेल-कूद करेंट अफेयर्स

  • महाराष्ट्र ने खेलो इंडिया यूथ गेम्स में 256 पदकों (78 स्वर्ण पदक) के साथ खेलों इंडिया यूथ गेम्स की चैंपियंस ट्राफी अपने नाम की
  • खेल मंत्रालय ने रोइंग फेडरेशन ऑफ़ इंडिया की मान्यता रद्द की

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इसरो ने ‘व्योमित्र’ नामक ह्यूमनॉइड रोबोट को प्रदर्शित किया

हाल ही में इसरो ने ‘व्योमित्र’ नामक ह्यूमनॉइड रोबोट को प्रदर्शित किया। यह रोबोट इंसानों की तरह बात करती है, इसे गगनयान को लांच करने से पहले अन्तरिक्ष में भेजा जाएगा

मिशन गगनयान

भारतीय अन्तरिक्ष अनुसन्धान संगठन (इसरो) ने मिशन गगनयान के लिए दिसम्बर, 2021 को डेडलाइन निश्चित की है। गगनयान के लिए अन्तरिक्षयात्रियों का शुरूआती प्रशिक्षण भारत में ही किया जायेगा, बाद में एडवांस्ड प्रशिक्षण रूस में भी किया जा सकता है। हाल ही में केन्द्रीय कैबिनेट ने मिशन गगनयान के लिए 10,000 करोड़ रुपये के बजट को भी मंजूरी दी थी। इस मिशन में तीन अन्तरिक्षयात्रियों को अन्तरिक्ष में 5-7 दिनों के लिए अन्तरिक्ष में भेजा जायेगा। भारत ऐसा कारनामा करने वाला चौथा देश बनेगा

मिशन के मुख्य बिंदु

गगनयान मिशन की लागत लगभग 10,000 करोड़ रुपये आएगी। यह मिशन पूर्ण रूप से स्वदेशी होगा। इस मिशन के वास्तविक लांच से पहले इसरो बिना मानव के दो मिशन लांच करेगा, पहला मिशन 30 महीने में तथा दूसरा मिशन 36 महीने बाद लांच किया जायेगा।

चरण

गगनयान मिशन के लिए GLSV Mk-III लांच व्हीकल का उपयोग किया जायेगा। मिशन गगनयान के स्पेस क्राफ्ट में एक क्रू मोड्यूल तथा एक सर्विस मोड्यूल होगा। इसका भार लगभग 7 टन होगा। इस मिशन में तीन अन्तरिक्ष यात्रियों को 5-7 दिन के लिए अन्तरिक्ष में भेजा जायेगा। इस स्पेसक्राफ्ट को पृथ्वी की कक्षा में 300-400 किलोमीटर की ऊंचाई पर स्थापित किया जायेगा। क्रू मोड्यूल का आकार 3.7 मीटर तथा सर्विस मोड्यूल का आकार 7 मीटर होगा।

परिक्रमा

इस मिशन को आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्पेसपोर्ट से लांच किया जायेगा। यह स्पेसक्राफ्ट 16 मिनट में अपेक्षित ऊंचाई पर पहुँच जायेगा। इस मिशन के लिए क्रू का चयन भारतीय वायुसेना व इसरो द्वारा संयुक्त रूप से किया जायेगा। बाद में इस क्रू को 2-3साल तक प्रशिक्षण दिया जायेगा।

वापसी

वापसी के लिए मोड्यूल के वेग को कम किया जाएगा और इसे विपरीत दिशा में घुमाया जायेगा। जब यह पूरा मोड्यूल पृथ्वी की सतह से 120 किलोमीटर की दूरी पर पहुंचेगा तो सर्विस मोड्यूल को अलग किया जायेगा। केवल क्रू वाला मोड्यूल ही पृथ्वी पर पहुंचेगा। इसे पृथ्वी पर पहुँचने में लगभग 36 मिनट लगेंगे। इसरो क्रू मोड्यूल को गुजरात के निकट अरब सागर अथवा गुजरात की खाड़ी में लैंड करवाने की योजना बना रहा है।

इस मिशन को भारत के 75वें स्वतंत्रता दिवस से लगभग 6 महीने पहले क्रियान्वित किया जायेगा।

गगनयान के लिए इसरो द्वारा विकसित तकनीक

इसरो अन्तरिक्ष में मानव भेजने के लिए महत्वपूण तकनीकों का परिक्षण कर रहा है। इस मिशन को 10,000 करोड़ रुपये की लागत से पूरा किया जायेगा। इसके लिए कई उपकरण तैयार किये जा चुके हैं। इसके लिए हैवी लिफ्ट लांच व्हीकल GSLV मार्क-III, रिकवरी टेक्नोलॉजी, क्रू मोड्यूल, अन्तरिक्ष यात्री प्रशिक्षण व्यवस्था, वातावरण नियंत्रण तथा लाइफ सपोर्ट सिस्टम का सफलतापूर्वक निर्माण कर लिया गया है। दिसम्बर, 2014 में GSLV मार्क-III का सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया था। इसके बाद जून 2017 में GSLV मार्क-III की पहली डेवलपमेंटल उड़ान सफलतापूर्वक भरी थी। जुलाई, 2018 में क्रू एस्केप सिस्टम का परीक्षण सफलतापूर्वक किया गया था। अभी भी कुछ एक टेक्नोलॉजी व उपकरणों का निर्माण किया जाना बाकी है।

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