गज

फानी चक्रवात

भारतीय मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी में चक्रवात फानी और अधिक उग्र हो सकता है। यह चक्रवात 30 अप्रैल तक तमिलनाडु के तटीय क्षेत्रों से टकराएगा। बाद मौसम विभाग ने केरल और तमिलनाडु में रेड अलर्ट जारी कर किया और मछुआरों को दक्षिण-पूर्व खाड़ी के क्षेत्र में जाने से मना किया है।

  • चक्रवात फानी “श्रेणी 3” तूफ़ान बना सकता है।
  • इसका निर्माण सुमात्रा (इंडोनेशिया के द्वीप) के दक्षिण-पूर्वी में निम्न दाब वाले क्षेत्र में हुआ था।
  • यह चक्रवात 30 अप्रैल को तमिलनाडु के तटीय इलाकों से 100 किलोमीटर प्रतिघंटा से गति से टकरा सकता है।
  • इस चक्रवात के कारण तमिलनाडु, पुदुचेरी और केरल में बारिश होने के आसार हैं।
  • वर्तमान में यह चक्रवर उत्तर-पश्चिमी दिशा में 21 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से बढ़ रहा है। 1 मई के बाद यह अपनी दिशा उत्तर तथा उत्तर-पूर्व की ओर धीरे-धीरे मोड़ सकता है।

पिछले कुछ वर्षों के चक्रवात

  • 2017 में ओखी नामक चक्रवात केरल, तमिलनाडु तथा श्रीलंका से टकराया था।
  • 2018 में गज, सागर (सोमालिया में), मेकुनु (ओमान में), लुबन (अरब प्रायद्वीप) तथा तितली चक्रवात (आंध्र प्रदेश) प्रमुख थे।
  • 2019 में पाबुक नामक चक्रवात थाईलैंड की खाड़ी से उत्पन्न हुआ था।

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चक्रवात गज से नमक उत्पादन प्रभावित हुआ

हाल ही में “गज” नामक चक्रवात तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्र से 184 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ़्तार से टकराया था। इस चक्रवात ने बड़े पैमाने पर तटीय क्षेत्रों में कीचड़ का निक्षेप किया था।

नमक उत्पादन पर प्रभाव

दक्षिणी तमिलनाडु का वेदारण्यम नगर दो चीजों के लिए प्रसिद्ध है – नमक उत्पादन और पक्षी अभ्यारण्य। पल्क जलडमरूमध्य तथा बंगाल की खाड़ी के साथ इसकी अवस्थिति के कारण  वेदारण्यम में अत्यधिक नुकसान हुआ। बार-बार चक्रवात के कारण नमक उत्पादन क्षेत्र में 8 किलोमीटर अन्दर तक दोनों ओर से कीचड़ युक्त पानी भर गया। बाद में पानी पीछे तो हट गया परन्तु नमक उत्पादन क्षेत्र में कीचड़ रह गया। लगभग 3500 एकड़ के नमक उत्पादन क्षेत्र में एक फुट ऊंचाई तक कीचड़ भरा हुआ है। अतः कीचड़ को हटाये बिना नमक उत्पादन पुनः शुरू नहीं किया जा सकता है। इस कीचड़ को हटाने में एक लाख रुपये प्रति हेक्टेयर की लागत आ सकती है। चूंकि नमक केन्द्रीय सूची में शामिल है इसलिए यह कार्य केंद्र द्वारा किया जायेगा। इसके लिए हाल ही में केंद्र सरकार की एक टीम ने वेदारण्यम में हुए नुकसान का जायजा लिया।

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