गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजिनियर्स

GRSE ने भारतीय नौसेना को लैंडिंग क्राफ्ट यूटिलिटी शिप सौंपी

GRSE ने भारतीय नौसेना को लैंडिंग क्राफ्ट यूटिलिटी शिप सौंपी। इस उभयचर पोत के द्वारा युद्धक टैंक, सुरक्षित वाहन, सैनिकों तथा उपकरणों का परिवहन किया जा सकता है। इस पोत की लम्बाई 62.8 मीटर है, जबकि इसकी चौड़ाई 11 मीटर है। इस पोत की जल विस्थापन क्षमता 830 टन है। इसकी अधिकतम गति 15 नॉट है। इस पोत का उपयोग राहत व बचाव कार्य, आपूर्ति कार्य इत्यादि के लिए किया जा सकता है।

गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजिनियर्स (GRSE)

  • यह सार्वजनिक क्षेत्र का एक रक्षा उपक्रम है, भारत के अग्रणी सरकारी शिपबिल्डर्स में से एक है, यह पश्चिम बंगाल के कलकत्ता में स्थित है। यह वाणिज्यिक तथा नौसैनिक वेसल का निर्माण व मरम्मत करता है। अब यह निर्यात जहाजों का निर्माण भी कर रहा है।
  • इसकी स्थापना 1884 में हुगली नदी के किनारे एक छोटी निजी कंपनी के रूप में हुई थी। 1916 में इसका नाम बदलकर गार्डन रीच वर्कशॉप रखा गया था। वर्ष 1960 में सरकार द्वारा इसका राष्ट्रीयकरण किया गया।
  • GRSE एक “मिनीरत्न” है। यह 100 युद्धपोत निर्मित करने वाला पहला भारतीय शिपयार्ड है। यह वर्तमान में P17A प्रोजेक्ट के तहत भारतीय नौसेना के लिए 3 स्टेल्थ फ्रिजेट्स का निर्माण कर रहा है।
  • GRSE द्वारा निर्मित 100 युद्धपोतों में एडवांस्ड फ्रिजेट्स, एंटी-सबमरीन वॉरफेयरक कार्वेट से लेकर फ्लीट टैंकर तक शामिल है।

आप इन अपडेट्स को करेंट अफेयर्स टूड़े मोबाइल एप्प में भी पढ़ सकते हैं।

Categories:

Month:

Tags: , , , ,

तटरक्षक बल के बेड़े में ICGS अमृत कौर को शामिल किया गया

हाल ही में गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स द्वारा भारतीय तटरक्षक बल को ICGS अमृत कौर को सौंपा, यह एक फ़ास्ट पट्रोल वेस्ल है। इसकी लम्बाई 50 मीटर है, जबकि इसकी चौड़ाई 7.5 मीटर है। यह 308 टन भार ले जाने में सक्षम है। इसका उपयोग गश्त, बचाव व राहत कार्य के लिए किया जायेगा।

भारतीय तटरक्षक बल

भारतीय तटरक्षक एक सशस्त्र बल है, यह भारत की समुद्री सीमाओं की रक्षा करता है। इसकी स्थापना 18 अगस्त, 1978 को की गयी थी। इसका मुख्यालय नई दिल्ली में स्थित है। इसका आदर्श वाक्य “वयम् रक्षामः” है। भारतीय तटरक्षक बल में 15,714 कर्मचारी कार्यरत्त हैं। भारतीय तटरक्षक बल में 175 वेसल तथा 44 एयरक्राफ्ट हैं।

गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजिनियर्स (GRSE)

  • यह सार्वजनिक क्षेत्र का एक रक्षा उपक्रम है, भारत के अग्रणी सरकारी शिपबिल्डर्स में से एक है, यह पश्चिम बंगाल के कलकत्ता में स्थित है। यह वाणिज्यिक तथा नौसैनिक वेसल का निर्माण व मरम्मत करता है। अब यह निर्यात जहाजों का निर्माण भी कर रहा है।
  • इसकी स्थापना 1884 में हुगली नदी के किनारे एक छोटी निजी कंपनी के रूप में हुई थी। 1916 में इसका नाम बदलकर गार्डन रीच वर्कशॉप रखा गया था। वर्ष 1960 में सरकार द्वारा इसका राष्ट्रीयकरण किया गया।
  • GRSE एक “मिनीरत्न” है। यह 100 युद्धपोत निर्मित करने वाला पहला भारतीय शिपयार्ड है। यह वर्तमान में P17A प्रोजेक्ट के तहत भारतीय नौसेना के लिए 3 स्टेल्थ फ्रिजेट्स का निर्माण कर रहा है।
  • GRSE द्वारा निर्मित 100 युद्धपोतों में एडवांस्ड फ्रिजेट्स, एंटी-सबमरीन वॉरफेयरक कार्वेट से लेकर फ्लीट टैंकर तक शामिल है।

आप इन अपडेट्स को करेंट अफेयर्स टूड़े मोबाइल एप्प में भी पढ़ सकते हैं।

Categories:

Month:

Tags: , , , , , ,

Advertisement