गूगल

पारिस्थितिकी तंत्र पर मानव गतिविधियों के अध्ययन के लिए संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण प्रोग्राम ने की गूगल से साझेदारी

संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण प्रोग्राम ने गूगल के साथ हाल ही में साझेदारी शुरू की, इस साझेदारी के तहत टेक्नोलॉजी कंपनी गूगल, मानव के वैश्विक पारिस्थितिकी तंत्र पर पड़ने वाले प्रभाव का अध्ययन करेगा। इस पार्टनरशिप को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र के मुख्यालय में लॉन्च किया गया।

मुख्य बिंदु

इस पार्टनरशिप का उद्देश्य एक ऐसा प्लेटफार्म तैयार करना है जहाँ पर सरकार, NGO तथा आम लोग पर्यावरण सम्बन्धी लक्ष्य की जानकारी प्राप्त कर सकें। आरम्भ में इसके अंतर्गत जल,पर्वत, वन, नदियाँ, झीलें व आर्द्र भूमि को शामिल किया जायेगा।

गूगल एक निश्चित समय के बाद जल सम्बन्धी पारिस्थितिकी तंत्र के मानचित्र उपलब्ध करवाएगा, इसके लिए क्लाउड कंप्यूटिंग तकनीक का उपयोग किया जायेगा। इस सन्दर्भ में सॅटॅलाइट से लिए गए चित्र तथा अन्य डाटा जल स्त्रोतों में होने वाले बदलाव का अध्ययन किया जा सकेगा। गूगल द्वारा यह जानकारी सभी देशों को उपलब्ध करवाई जाएगी।

महत्व

यह पार्टनरशिप एक साझा दृष्टिकोण पर आधारित है। दीर्घकाल में ओपन सोर्स डाटा के लिए प्लेटफार्म तैयार किया जायेगा तथा संयुक्त राष्ट्र के धारित विकास सम्बन्धी लक्ष्यों का विश्लेषण किया जायेगा। गूगल के साथ पार्टनरशिप से संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण प्रोग्राम को सबसे आधुनिक तकनीक का लाभ मिलेगा, इसकी सहायता से प्रगति को मॉनिटर किया सकता है तथा जिन क्षेत्रों में अधिक कार्य की आवशयकता है उन्हें चिन्हित किया जा सकता है।

संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण प्रोग्राम (UNEP)

UNEP संयुक्त राष्ट्र का हिस्सा है, यह संगठन पर्यावरण संरक्षण सम्बन्धी कार्य करता है। जून, 1972 में मानवीय वातावरण पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन के परिणामस्वरूप UNEP की स्थापना की गयी थी। इसका मुख्यालय केन्या के नैरोबी में स्थित है। इसके 6 अन्य क्षेत्रीय कार्यालय भी हैं। UNEP पर्यावरण शिक्षा, प्रचार तथा धारित विकास के लिए पर्यावरण के सदुपयोग पर बल इत्यादि कार्य करता है।

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नीति आयोग ने भारत में एआई तंत्र को बढ़ाने हेतु गूगल के साथ स्टेटमेंट ऑफ़ इंटेंट (एसओआई) पर हस्ताक्षर किए

नीति आयोग ने भारत के नवीन कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और मशीन लर्निंग (एमएल) तंत्र के विकास को बढ़ावा देने के लिए एक साथ काम करने हेतु गूगल (Google) के साथ स्टेटमेंट ऑफ़ इंटेंट (एसओआई) पर हस्ताक्षर किए हैं।

मुख्य तथ्य

इस कार्यक्रम के तहत,गूगल त्वरित कार्यक्रम में भारतीय एआई स्टार्टअप को प्रशिक्षित करेगा । इन स्टार्टअप को गूगल और उसके सहयोगियों द्वारा उनके संबंधित व्यावसायिक मॉडल में बेहतर लाभ उठाने में सक्षम बनाने के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा।

गूगल संबंधित एआई टूल्स द्वारा सरकारों के नीति निर्माताओं और तकनीकी विशेषज्ञों को संवेदनशील बनाने तथा प्रशासन को सुव्यवस्थित करने , उनका उपयोग करने हेतु प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करेगा।

नीति आयोग को कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रौद्योगिकियों में अनुसंधान तथा विकास (R&D) से जुड़े राष्ट्रीय कार्यक्रम स्थापित करने हेतु चुना गया है।

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