गोवा मेरीटाइम कॉन्क्लेव 2019

भारत ने समुद्री डाटा साझा करना शुरू किया

गोवा मेरीटाइम कॉन्क्लेव 2019 में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने हिन्द महासागर क्षेत्र के देशों के साथ सागर में मौजूद पोत के बारे में डाटा साझा करने की पेशकश की थी। भारत के पास सागर में मौजूद पोत के बारे में जाता प्राप्त करने के लिए IFC-IOR नामक स्पेशलाइज्ड केंद्र है। यह केंद्र सूचना शेयरिंग हब के रूप में कार्य करता है।

Information Fusion Centre-Indian Ocean Region (IFC-IOR)

इसे 22 दिसम्बर, 2018 को तत्कालीन रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा हरियाणा के गुरुग्राम में सूचना प्रबंधन व विश्लेष्ण केंद्र में लांच किया गया था। इसका उद्देश्य हिन्द महासागर क्षेत्र में विभिन्न देशों के साथ समुद्री सुरक्षा के लिए कार्य करना है।

विश्व का 75% समुद्री व्यापार हिन्द महासागर क्षेत्र से होकर गुज़रता है, इसलिए यह क्षेत्र वैश्विक व्यापार तथा आर्थिक समृद्धि के लिए आवश्यक है।

Information Fusion Centre-Indian Ocean Region आपदा प्रबंधन तथा पनडुब्बी सुरक्षा सूचना इत्यादि जैसे कार्य करता है। अब तक यह केंद्र 16 देशों तथा 13 अंतर्राष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा एजेंसियों के साथ लिंक स्थापित कर चुका है।

आप इन अपडेट्स को करेंट अफेयर्स टूड़े मोबाइल एप्प में भी पढ़ सकते हैं।

Categories:

Month:

Tags: , , , ,

गोवा मेरीटाइम कॉन्क्लेव 2019

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार श्री अजीत डोवाल ने गोवा मेरीटाइम कॉन्क्लेव का उद्घाटन किया। इस संगोष्ठी की थीम “Common Maritime Priorities in IOR and need for Regional Maritime Strategy” है। इस संगोष्ठी का मुख्य फोकस समुद्री चुनौतियों से निपटने के लिए हिन्द महासागर क्षेत्र (IOR)  की नौसेनाओं की क्षमता निर्माण पर था।

हिन्द महासागर क्षेत्र (IOR) महत्वपूर्ण क्यों है?

हिंदी महासागर क्षेत्र में टिन, सोना, यूरेनियम, कोबाल्ट, एल्युमीनियम, निकल तथा कैडमियम काफी मात्रा में उपलब्ध है। विश्व का 80% समुद्री व्यापार हिन्द महासागर से होकर गुज़रता है। इस क्षेत्र में आतंकवाद तथा समुद्री लुटेरों की समस्या है। इस क्षेत्र में भारत और चीन जैसे बड़े देश सामरिक विकास के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं।

हिन्द महासागर क्षेत्र (IOR) भारत के लिए महत्वपूर्ण क्यों है?

भारत का 70% तेल इस क्षेत्र से होकर आता है। भारत के लिसनिंग पोस्ट सेशल्स, मॉरिशस तथा मेडागास्कर में मौजूद है। चीन अपनी ‘स्ट्रिंग ऑफ़ पर्ल’ रणनीति से भारत को लगातार घेर रहा है, इसलिये भारत के लिए बहुत ज़रूरी है कि वह इस क्षेत्र में अपनी उपस्थिति को और अधिक मज़बूत करे।

समुद्री खतरे

  • समुद्री आतंकवाद : इस क्षेत्र से अवैध रूप से विस्फोटक ले जाये जाते हैं। गौरतलब है कि 1993 के मुंबई सीरियल ब्लास्ट के तथा 2008 के मुंबई हमले में इसी क्षेत्र से आतंकवादी भारत में आये थे।
  • पायरेसी : सोमालिया तथा अदेन की खाड़ी में समुद्री लुटेरे अक्सर हमला करते हैं, 2005 से 2012 के बीच यह हमले काफी अधिक थे।
  • अवैध व्यापार तथा मानव देह व्यापार
  • अवैध प्रवास तथा घुसपैठ

आप इन अपडेट्स को करेंट अफेयर्स टूड़े मोबाइल एप्प में भी पढ़ सकते हैं।

Categories:

Month:

Tags: , , , , , , , , , , , ,

Advertisement