ग्रेटा थनबर्ग

विश्व की सबसे शक्तिशाली महिलाओं की सूची में शामिल हुई निर्मला सीतारमण

हाल ही में अमेरिकी की फोर्ब्स पत्रिका ने विश्व की सबसे शक्तिशाली महिलाओं की सूची जारी की, इस सूची में भारत की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को 34वां स्थान प्राप्त हुआ है। इस सूची में ग्रेटा थनबर्ग 100वें स्थान पर हैं।

विश्व की  10 सबसे शक्तिशाली महिलाएं

  1. एंजेला मर्कल (जर्मनी)
  2. क्रिस्टीन लेगार्ड (फ्रांस)
  3. नैंसी पेलोसी (अमेरिका)
  4. उर्सुला वान डेर लेन (बेल्जियम)
  5. मेरी बारा (अमेरिका)
  6. मेलिंडा गेट्स (अमेरिका)
  7. अबीगेल जॉनसन (अमेरिका)
  8. ऐना बाटिन (स्पैंम)
  9. गिनी रोमेटी (अमेरिका)
  10. मर्लिन ह्यूसन (अमेरिका)

निर्मला सीतारमण

निर्मला सीतारमण का जन्म 18 अगस्त, 1959 को तमिलनाडु के मदुरै में हुआ था। उनके पिताजी भारतीय रेलवे में एक कर्मचारी थे। निर्मला सीतारमण ने अपनी स्कूली पढ़ाई मद्रास और तिरुचिरापल्ली से पूरी की। उन्होंने सीतालक्ष्मी रामास्वामी कॉलेज, तिरुचिरापल्ली से अर्थशास्त्र में बैचलर ऑफ़ आर्ट्स की डिग्री प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने जवाहरलाल नेहरु विश्वविद्यालय से अर्थशात्र में मास्टर्स इन आर्ट्स तथा एम.फिल की। वे पीएचडी के लिए एनरोल हुई थीं, परन्तु वे पारिवारिक कारणों की वजह से इसे पूरा नहीं कर सकीं।

निर्मला सीतारमण 2008 में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुई थीं, उन्होंने पार्टी के प्रवक्ता के रूप में कार्य किया। 2014 में उन्हें प्रधानमंत्री मोदी की प्रथम सरकार में मंत्री चुना गया था। 3 सितम्बर, 2017 को उन्हें देश रक्षामंत्री नियुक्त किया गया था।

आप इन अपडेट्स को करेंट अफेयर्स टूड़े मोबाइल एप्प में भी पढ़ सकते हैं।

Categories:

Month:

Tags: , , , , , , ,

ग्रेटा थनबर्ग बनीं टाइम पर्सन ऑफ़ द ईयर 2019

स्वीडन की ग्रेटा थनबर्ग को  टाइम पर्सन ऑफ़ द ईयर 2019 चुना गया है। वे पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्य करती हैं।

ग्रेटा थनबर्ग

स्वीडन की 16 वर्षीय ग्रेटा थनबर्ग पर्यावरण की सुरक्षा के लिए कार्य करती हैं। ग्रेटा स्कूल स्ट्राइक फॉर क्लाइमेट मूवमेंट की संस्थापक हैं। इस आन्दोलन की शुरुआत पिछले वर्ष हुई थी, जब ग्रेटा ने स्वीडिश संसद के बाहर अकेले विरोध प्रदर्शन किया था। उन्होंने जलवायु परिवर्तन पर कार्य करने के लिए छात्रों को विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए प्रेरित किया।

ग्रेटा थनबर्ग का जन्म 3 जनवरी, 2003 को स्वीडन में हुआ था। उन्होंने स्वीडन की संसद के समक्ष पेरिस समझौते के मुताबिक कार्बन उत्सर्जन को कम करने के लिए विरोध प्रदर्शन किया था। इसके लिए उन्होंने स्कूल न जा कर संसद के बाहर प्रदर्शन किया। उन्होंने विश्व के अन्य देशों में छात्रों को प्रेरित किया। दिसम्बर, 2018 तक विश्व के 270 शहरों में 20,000 में स्कूलों में हड़ताल की। ग्रेटा को स्टॉकहोल्म में टेड टॉक में संबोधन देने के लिए भी आमंत्रित किया जा चुका है।

आप इन अपडेट्स को करेंट अफेयर्स टूड़े मोबाइल एप्प में भी पढ़ सकते हैं।

Categories:

Month:

Tags: , , , ,

Advertisement