चंद्रयान-2

इसरो द्वारा ‘चंद्रयान -2’ का लॉन्च स्थगित |

भारतीय अंतरिक्ष और अनुसंधान संगठन (इसरो) ने अप्रैल 2018 से अक्टूबर-नवंबर 2018 तक भारत के दूसरे चंद्र मिशन ‘चंद्रयान -2’ का लॉन्च स्थगित कर दिया है | इसरो विशेषज्ञों ने इसके लिए अधिक परीक्षणों के सुझाव दियें है। यह जीओसिंक्रोनस सैटेलाइट लांच वाहन एमके III (जीएसएलवी-एफ 10) के बोर्ड पर लॉन्च किया जाएगा।

चंद्रयान 2

-चंद्रयान 2 पिछले चंद्रयान -1 मिशन (2008 में लॉन्च) का उन्नत संस्करण है। इसे इसरो द्वारा स्वदेशी तौर पर विकसित किया गया है। इसमें ऑर्बिटर, लैंडर और रोवर कॉन्फ़िगरेशन शामिल हैं। इस मिशन में, इसरो पहली बार चन्द्रमा के दक्षिण ध्रुव पर एक रोवर लगाने का प्रयास करेगा।

-यह अभियान नयी प्रौद्योगिकियों के इस्तेमाल तथा परीक्षण के साथ-साथ ‘नए’ प्रयोगों को भी करेगा। पहिएदार रोवर चन्द्रमा की सतह पर चलेगा तथा ऑन-साइट विश्लेषण के लिए मिट्टी तथा चट्टान के नमूनों को एकत्र करेगा। इन आंकड़ों को चंद्रयान-2 ऑर्बिटर के माध्यम से पृथ्वी पर भेजा जायेगा।

-रोवर ऑन-साइट रासायनिक विश्लेषण करेगा और चंद्रयान-2 ऑर्बिटर के माध्यम से पृथ्वी पर आंकड़े भेजेगा।

नोट: चंद्रमा की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग चंद्रयान 2 मिशन का सबसे जटिल हिस्सा होगा। केवल अमेरिका, रूस और चीन सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग करने में सक्षम रहे हैं।

आप इन अपडेट्स को करेंट अफेयर्स टूड़े मोबाइल एप्प में भी पढ़ सकते हैं।

Categories:

Month:

Tags: , , , ,

Advertisement