चंद्रयान-2

आज के मुख्य समाचार : 21 अगस्त, 2019

प्रतियोगी परीक्षाओं की दृष्टि से महत्वपूर्ण 21 अगस्त, 2019 के मुख्य समाचार निम्नलिखित हैं :

राष्ट्रीय करेंट अफेयर्स                                                             

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपने अमेरिकी समकक्ष मार्क टी. एस्पर के साथ फ़ोन पर बातचीत की।

DRDO ने मोबाइल मैटेलिक रैंप (MMR) का डिजाईन भारतीय सेना को हस्तांतरित किया।

चंद्रयान-2 ने चन्द्रमा की कक्षा में प्रवेश किया।

20 अगस्त को राजीव गाँधी की जन्म वर्षगाँठ के अवसर पर “सद्भावना दिवस” के रूप में मनाया गया।

पंजाब सरकार ने निर्धन लोगों के लिए लांच की “महात्मा गाँधी सरबत सेहत बीमा योजना”।

अर्थव्यवस्था व व्यापार से सम्बंधित करेंट अफेयर्स

BSE सेंसेक्स : 37,328.01 (-74.48), NSE निफ्टी : 11,017 (-36.90)

भारत-केन्या संयुक्त व्यापार समिति के 9वें सत्र का आयोजन नई दिल्ली में किया गया।

TVS श्रीचक्र ने “TVS यूरोग्रिप” नाम से प्रीमियम टायर ब्रांड लांच किया।

अंतर्राष्ट्रीय करेंट अफेयर्स

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ढाका में बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना के साथ मुलाकात की।

इटली के प्रधानमंत्री गुइसेप्पे से पद से इस्तीफ़ा दिया।

खेल करेंट अफेयर्स

श्रीसंथ पर 2013 आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग के लिए लगाया गया प्रतिबन्ध अगस्त, 2020 में होगा समाप्त।

आप इन अपडेट्स को करेंट अफेयर्स टूड़े मोबाइल एप्प में भी पढ़ सकते हैं।

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चंद्रयान-2 ने चन्द्रमा की कक्षा में सफलतापूर्वक प्रवेश किया

चन्द्रयान-2 ने चन्द्रमा की कक्षा में सफलतापूर्वक प्रवेश कर लिया है, यह प्रक्रिया 20 अगस्त, 2019 को नौ बजकर दो मिनट पर पूरी हुई। इस प्रक्रिया में 1738 सेकंड लगे, इसके लिए ऑनबोर्ड प्रोपल्शन सिस्टम का उपयोग किया गया। 2 सितम्बर, 2019 को विक्रम लैंडर ऑर्बिटर से अलग हो जायेगा। चंद्रयान-2 7 सितम्बर को चन्द्रमा की सतह पर लैंड करेगा।

पृष्ठभूमि

इसरो ने चंद्रयान-2 को 22 जुलाई को 2:43 पर श्रीहरिकोटा से लांच किया गया था। इसे GSLV-MkIII की सहायता से लांच किया गया है। चंद्रयान-2 का लैंडर “विक्रम” 6-7 सितम्बर को चन्द्रमा पर सॉफ्ट लैंडिंग करेगा।

भारत का मिशन चंद्रयान-2 15 जुलाई, 2019 को लांच किया जाना था। लॉन्च से मात्र 56 मिनट पहले इसरो को चंद्रयान-2 में कुछ तकनीकी खराबी का पता चला, इसके तुरंत बाद काउंटडाउन को रोककर मिशन को स्थगित किया गया था।

चंद्रयान -2 के लैंडर का नाम “विक्रम” रखा गया है, जबकि इसके रोवर का नाम “प्रज्ञान” रखा गया है।

मिशन चंद्रयान-2

चंद्रयान-2 भारत का चंद्रमा पर दूसरा मिशन है, यह भारत का अब तक का सबसे मुश्किल मिशन है। यह 2008 में लांच किये गए मिशन चंद्रयान का उन्नत संस्करण है। चंद्रयान मिशन ने केवल चन्द्रमा की परिक्रमा की थी, परन्तु चंद्रयान-2 मिशन में चंद्रमा की सतह पर एक रोवर भी उतारा जायेगा।

इस मिशन के सभी हिस्से इसरो ने स्वदेश रूप से भारत में ही बनाये हैं, इसमें ऑर्बिटर, लैंडर व रोवर शामिल है। इस मिशन में इसरो पहली बार चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर लैंड रोवर को उतारने की कोशिश करेगा। यह रोवर चंद्रमा की सतह पर भ्रमण करके चन्द्रमा की सतह के घटकों का विश्लेषण करेगा।

चंद्रयान-2 को GSLV Mk III से लांच किया जायेगा। यह इसरो का ऐसा पहला अंतर्ग्रहीय मिशन है, जिसमे इसरो किसी अन्य खगोलीय पिंड पर रोवर उतारेगा। इसरो के स्पेसक्राफ्ट (ऑर्बिटर) का वज़न 3,290 किलोग्राम है, यह स्पेसक्राफ्ट चन्द्रमा की परिक्रमा करके डाटा एकत्रित करेगा, इसका उपयोग मुख्य रूप से रिमोट सेंसिंग के लिए किया जा रहा है।

6 पहिये वाला रोवर चंद्रमा की सतह पर भ्रमण करके मिट्टी व चट्टान के नमूने इकठ्ठा करेगा, इससे चन्द्रमा की भू-पर्पटी, खनिज पदार्थ तथा हाइड्रॉक्सिल और जल-बर्फ के चिन्ह के बारे में जानकारी मिलने की सम्भावना है फिलहाल इजराइल भी दिसम्बर, 2018 में चन्द्रमा पर मिशन उतारने की तैयारी कर रहा है। यह डाटा पृथ्वी तक ऑर्बिटर के द्वारा भेजा जायेगा फिलहाल इजराइल भी दिसम्बर, 2018 में चन्द्रमा पर मिशन उतारने की तैयारी कर रहा है।

चन्द्रमा की सतह पर सॉफ्ट-लैंडिंग करना इस मिशन का सबसे कठिन हिस्सा होगा, अब तक केवल अमेरिका, रूस और चीन ही यह कारनामा कर पाए हैं। इजराइल का स्पेसक्राफ्ट चन्द्रमा पर क्रेश हो गया था।

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