चिनूक हेलिकॉप्टर

भारतीय वायुसेना में शामिल हुए चिनूक हेलिकॉप्टर

हाल ही में भारत में चिनूक हेलीकाप्टर्स की पहली खेप पहुंची थी, पहले बैच में 4 चिनूक हेलीकाप्टर्स गुजरात पहुंचाए गये थे। इन हेलीकाप्टर्स का उपयोग भारतीय सैनिकों को कम समय में किसी स्थान पर तैनात करने के लिए किया जायेगा। इन हेलीकाप्टर्स को चंडीगढ़ में आयोजित एक समारोह में अधिकारिक रूप से शामिल किया गया। भारत और अमेरिका के बीच 15 चिनूक हेलिकॉप्टर्स तथा 22 AH-64E अपाचे हेलिकॉप्टर्स के लिए सितम्बर, 2015 में समझौता हुआ था। यह सौदा 3 अरब डॉलर का है।

CH-47F चिनूक हेलिकॉप्टर

यह एक किस्म का बहु-उपयोगी हेलिकॉप्टर है। यह 10 टन तक भार उठाने में सक्षम है। इन हेलिकॉप्टर्स का उपयोग सैनिकों, गोला बारूद तथा युद्धक सामग्री के परिवहन के लिए किया जाता है। इनका उपयोग आपदा के समय राहत व बचाव कार्य के लिए भी किया जा सकता है। इसमें ट्विन इंजन होते हैं। इस हेलीकाप्टर का उपयोग विश्व के 18 अन्य देश भी कर रहे हैं।

भारतीय नौसेना

देश की समुद्री सीमाओं की सुरक्षा का भार भारतीय नौसेना पर है। वर्तमान में भारतीय नौसेना में 67,228 सैनिक/कर्मचारी कार्यरत्त हैं। भारतीय नौसेना की स्थापना 1612 ईसवी में हुई थी। महान मराठा शासक छत्रपति शिवाजी को भारतीय नौसेना का पिता कहा जाता है।भारतीय नौसेना का आदर्श वाक्य “शं नो वरुणः” है।

मार्च 2018 के अनुसार भारतीय नौसेना के पास एक एयरक्राफ्ट कैरिएर, 1 उभयचर परिवहन डॉक, 8 लैंडिंग शिप टैंक, 11 डिस्ट्रॉयर, 13 फ्रिगेट, 1 परमाणु उर्जा संचालित पनडुब्बी, 1 बैलिस्टिक मिसाइल युक्त पनडुब्बी, 14 परंपरागत पनडुब्बीयां, 22 कार्वेट, 4 फ्लीट टैंकर तथा अन्य कई पोत हैं।

Categories:

Month:

Tags: , , ,

भारत पहुंचा 4 चिनूक हेलीकाप्टर्स का पहला बैच

भारत में चिनूक हेलीकाप्टर्स की पहली खेप पहुँच गयी है, पहले बैच में 4 चिनूक हेलीकाप्टर्स गुजरात पहुँच गए हैं। इन हेलीकाप्टर्स का उपयोग भारतीय सैनिकों को कम समय में किसी स्थान पर तैनात करने के लिए किया जायेगा। इन हेलीकाप्टर्स को चंडीगढ़ ले जाया जायेगा, जहाँ पर इन्हें अधिकारिक रूप से शामिल किया जायेगा। भारत और अमेरिका के बीच 15 चिनूक हेलिकॉप्टर्स तथा 22 AH-64E अपाचे हेलिकॉप्टर्स के लिए सितम्बर, 2015 में समझौता हुआ था। यह सौदा 3 अरब डॉलर का है।

CH-47F चिनूक हेलिकॉप्टर

यह एक किस्म का बहु-उपयोगी हेलिकॉप्टर है। यह 10 टन तक भार उठाने में सक्षम है। इन हेलिकॉप्टर्स का उपयोग सैनिकों, गोला बारूद तथा युद्धक सामग्री के परिवहन के लिए किया जाता है। इनका उपयोग आपदा के समय राहत व बचाव कार्य के लिए भी किया जा सकता है। इसमें ट्विन इंजन होते हैं। इस हेलीकाप्टर का उपयोग विश्व के 18 अन्य देश भी कर रहे हैं।

Categories:

Month:

Tags: , , , , ,

Advertisement