चुनावी बांड

1 जनवरी, 2019 से चुनावी बांड की बिक्री शुरू हुई

भारतीय स्टेट बैंक की 29 औथोराइज्ड शाखाओं के माध्यम से 1 जनवरी, 2019 से 10 जनवरी, 2019 के बीच चुनावी बांड की बिक्री शुरू गयी है। चुनावी बांड की अवधारणा की शुरुआत 2017 के केन्द्रीय बजट में की गयी थी। बाद में वर्ष 2018 में चुनावी बांड योजना को शुरू किया गया।

चुनावी बांड क्या है?

चुनावी बांड प्रामिसरी नोट की तरह है जिसका भुगतान धारक को किया जाता है, यह ब्याज मुक्त होता है। इसे भारत के किसी भी नागरिक अथवा भारत में गठित किसी संस्था द्वारा खरीदा जा सकता है।

चुनावी बांड के लाभ

  • राजनीतिक फंडिंग में पारदर्शिता
  • राजनीतिक चंदा देने वाले लोगों की उत्पीड़न से रक्षा
  • तीसरे पक्ष को सूचना का खुलासा नहीं
  • राजनीतिक चंदे को कर के दायरे में लाना

चुनावी बांड योजना 2018

इस योजना के अनुसार जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के तहत पंजीकृत राजनीतिक दल जिसे पिछले चुनावों में कम से कम 1% वोट प्राप्त हुए हों, वह दल चुनावी बांड्स प्राप्त कर सकता है। चुनावी बांड केवल भारतीय नागरिक द्वारा की खरीदे जा सकते हैं, यह बांड अकेले अथवा किसी के साथ मिलकर संयुक्त रूप से भी खरीदे जा सकते हैं। राजनीतिक दल द्वारा इन चुनावी बांड्स को केवल औथोराइज्ड बैंक में मौजूद खाते में ही एनकैश किया जा सकता है। यह चुनावी बांड जारी करने के 15 कैलेंडर दिवस तक मान्य होते हैं, वैधता की अवधि समाप्त हो जाने के बाद चुनावी बांड से राजनीतिक दल को भुगतान नहीं किया जा सकेगा। इन बांड्स को 1000, 10000, 1 लाख, 10 लाख तथा 1 करोड़ रुपये की राशि के रूप में जारी किया जाता है। नकद राजनीतिक चंदे की अधिकतम सीमा 2000 रुपये निश्चित की गयी है, इससे अधिक की राशि को चुनावी बांड के द्वारा ही देना होगा।

आप इन अपडेट्स को करेंट अफेयर्स टूड़े मोबाइल एप्प में भी पढ़ सकते हैं।

Categories:

Month:

Tags: , , , , ,

SBI की अधिकृत शाखाओं में 1-10 जनवरी, 2019 के दौरान चुनावी बांड की बिक्री की जाएगी

भारतीय स्टेट बैंक की 29 औथोराइज्ड शाखाओं के माध्यम से 1जनवरी, 2018 से 10 जनवरी, 2018 के बीच चुनावी बांड की बिक्री की अधिसूचना जारी की गयी है। चुनावी बांड की अवधारणा की शुरुआत 2017 के केन्द्रीय बजट में की गयी थी। बाद में वर्ष 2018 में चुनावी बांड योजना को शुरू किया गया।

चुनावी बांड क्या है?

चुनावी बांड प्रामिसरी नोट की तरह है जिसका भुगतान धारक को किया जाता है, यह ब्याज मुक्त होता है। इसे भारत के किसी भी नागरिक अथवा भारत में गठित किसी संस्था द्वारा खरीदा जा सकता है।

चुनावी बांड के लाभ

  • राजनीतिक फंडिंग में पारदर्शिता
  • राजनीतिक चंदा देने वाले लोगों की उत्पीड़न से रक्षा
  • तीसरे पक्ष को सूचना का खुलासा नहीं
  • राजनीतिक चंदे को कर के दायरे में लाना

चुनावी बांड योजना 2018

इस योजना के अनुसार जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के तहत पंजीकृत राजनीतिक दल जिसे पिछले चुनावों में कम से कम 1% वोट प्राप्त हुए हों, वह दल चुनावी बांड्स प्राप्त कर सकता है। चुनावी बांड केवल भारतीय नागरिक द्वारा की खरीदे जा सकते हैं, यह बांड अकेले अथवा किसी के साथ मिलकर संयुक्त रूप से भी खरीदे जा सकते हैं। राजनीतिक दल द्वारा इन चुनावी बांड्स को केवल औथोराइज्ड बैंक में मौजूद खाते में ही एनकैश किया जा सकता है। यह चुनावी बांड जारी करने के 15 कैलेंडर दिवस तक मान्य होते हैं, वैधता की अवधि समाप्त हो जाने के बाद चुनावी बांड से राजनीतिक दल को भुगतान नहीं किया जा सकेगा। इन बांड्स को 1000, 10000, 1 लाख, 10 लाख तथा 1 करोड़ रुपये की राशि के रूप में जारी किया जाता है। नकद राजनीतिक चंदे की अधिकतम सीमा 2000 रुपये निश्चित की गयी है, इससे अधिक की राशि को चुनावी बांड के द्वारा ही देना होगा।

आप इन अपडेट्स को करेंट अफेयर्स टूड़े मोबाइल एप्प में भी पढ़ सकते हैं।

Categories:

Month:

Tags: , , , , ,

Advertisement