जितेन्द्र सिंह

चंद्रयान-2 का लैंडर ‘विक्रम’ लक्ष्य स्थान के 500 दायरे में लैंड में हुआ है : केंद्र सरकार

प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री श्री जितेन्द्र सिंह ने लोकसभा में लिखित में जवाब देकर स्पष्ट किया है कि चंद्रयान-2 का लैंडर ‘विक्रम’ लक्ष्य स्थान के 500 दायरे में लैंड में हुआ था। चंद्रयान-2 के लैंडर ‘विक्रम’ का संपर्क इसरो के ग्राउंड स्टेशन से लैंडिंग से ठीक पहले टूट गया था। जब यह संपर्क टूटा उस समय  ‘विक्रम’ चन्द्रमा की सतह से मात्र 2.1 किलोमीटर ऊपर था।

मिशन चंद्रयान-2

चंद्रयान-2 भारत का चंद्रमा पर दूसरा मिशन है, यह भारत का अब तक का सबसे मुश्किल मिशन है। यह 2008 में लांच किये गए मिशन चंद्रयान का उन्नत संस्करण है। चंद्रयान मिशन ने केवल चन्द्रमा की परिक्रमा की थी, परन्तु चंद्रयान-2 मिशन में चंद्रमा की सतह पर एक रोवर भी उतारा जाना था।

इस मिशन के सभी हिस्से इसरो ने स्वदेश रूप से भारत में ही बनाये हैं, इसमें ऑर्बिटर, लैंडर व रोवर शामिल है। इस मिशन में इसरो पहली बार चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर लैंड रोवर को उतारने की कोशिश की। यह रोवर चंद्रमा की सतह पर भ्रमण करके चन्द्रमा की सतह के घटकों का विश्लेषण करने के लिए निर्मित किया गया था।

चंद्रयान-2 को GSLV Mk III से लांच किया गया। यह इसरो का ऐसा पहला अंतर्ग्रहीय मिशन है, जिसमे इसरो ने किसी अन्य खगोलीय पिंड पर रोवर उतारने का प्रयास किया। इसरो के स्पेसक्राफ्ट (ऑर्बिटर) का वज़न 3,290 किलोग्राम है, यह स्पेसक्राफ्ट चन्द्रमा की परिक्रमा करके डाटा एकत्रित करेगा, इसका उपयोग मुख्य रूप से रिमोट सेंसिंग के लिए किया जा रहा है।

6 पहिये वाला रोवर चंद्रमा की सतह पर भ्रमण करके मिट्टी व चट्टान के नमूने इकठ्ठा करने के लिए बनाया गया था, इससे चन्द्रमा की भू-पर्पटी, खनिज पदार्थ तथा हाइड्रॉक्सिल और जल-बर्फ के चिन्ह के बारे में जानकारी मिलने की सम्भावना थी।

चन्द्रमा की सतह पर सॉफ्ट-लैंडिंग करना इस मिशन का सबसे कठिन हिस्सा था, अब तक केवल अमेरिका, रूस और चीन ही यह कारनामा कर पाए हैं। इजराइल का स्पेसक्राफ्ट चन्द्रमा पर क्रेश हो गया था।

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अनुभव पुरस्कार 2019

केन्द्रीय राज्य कर्मचारी, जन शिकायत तथा पेंशन मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेन्द्र सिंह ने नई दिल्ली में अनुभव पुरस्कार 2019 प्रदान किये। यह इस पुरस्कार का चौथा संस्करण है।

अनुभव पुरस्कार

अनुभव पुरस्कार पेंशन तथा पेंशनर कल्याण विभाग द्वारा प्रदान किये जाते हैं, इसका उद्देश्य सेवानिवृत्त कर्मचारियों को लेख के द्वारा के अपने मूल्यवान अनुभाव व सुझाव को साझा करने के लिए प्रेरित करना है।

2015 में पेंशन तथा पेंशनर कल्याण विभाग ने अनुभव पोर्टल शुरू किया था, इसका उद्देश्य सेवानिवृत्त अधिकारियों के मूल्यवान अनुभव को डिजिटल रूप में सुरक्षित रखना था। उनके यह अनुभाव भविष्य की पीढ़ियों के काम आएगा। इस पहल के तहत 2016 में एक पुरस्कार योजना शुरू की गयी, अब तक यह पुरस्कार तीन बार प्रदान किये जा चुके हैं।

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