डीबीटी

17.5 मिलियन भवन और अन्य निर्माण श्रमिकों को प्रदान की गई 4957 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता

केन्द्रीय श्रम और रोजगार मंत्री ने भवन और निर्माण श्रमिकों की सहायता करने के लिए 24 मार्च, 2020 को सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्री को राज्य के निर्माण और निर्माण श्रमिकों के बैंक खाते इत्यादि का विवरण तैयार करने के लिए कहा गया था  ताकि उन्हें प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) मोड के माध्यम से वित्तीय सहायता प्रदान की जा सके।

मुख्य बिंदु

केंद्रीय मंत्री द्वारा भवन और अन्य निर्माण कर्मकार अधिनियम 1996 की धारा 22 (1) (एच) के तहत श्रमिकों को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए एक ढांचा बनाने का यह अनुरोध किया गया था।  23 जून, 2020 को श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने सूचित किया है कि 17.5 मिलियन श्रमिकों को  4957 करोड़ प्रदान किये गये।

प्रत्येक श्रमिक के बैंक खाते में न्यूनतम 1,000 रुपये से अधिकतम 6,000 रुपये तक की राशि हस्तांतरित की गई। श्रमिक को दी जाने वाली राशि राज्य सरकार द्वारा तय की गई थी।  मंत्रालय ने कहा है कि अभी भी बहुत से कामगार हैं जो बचे हुए हैं, जिसके लिए मंत्रालय ने मिशन मोड में एक परियोजना शुरू की है ताकि वे लाभ के लिए अपना पंजीकरण पूरा कर सकें।

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बीआईआरएसी ने नई दिल्ली में अपना छठा स्थापना दिवस मनाया।

जैव प्रौद्योगिकी उद्योग अनुसंधान सहायता परिषद (बीआईआरएसी) ने नई दिल्ली में अपना छठा स्थापना दिवस मनाया। ‘निरंतर नवाचार – एक बाजारोन्मुख मार्ग’ की थीम के साथ मनाए गए इस आयोजन में देश विदेश से आए विज्ञान और उद्योग क्षेत्र के लोग बडी संख्या में उपस्थित थे। इस मौके पर सोल्यूशन फॉर कम्युनिटी हेल्थ प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कार भी दिए गए। यह प्रतियोगिता स्वास्थ्य क्षेत्र में नवाचार के लिए सिंतबर 2017 मे शुरु की गयी थी। कार्यकमों के माध्यम से देश के प्रतिभाशाली लोगों और उनकी उद्यमी आकांक्षाओं को अपने कार्यक्रमों और संरक्षक सहायता नेटवर्क के माध्यम से प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

जैव प्रौद्योगिकी उद्योग अनुसंधान सहायता परिषद (बीआईआरएसी)

-बीआईएआरएसी गैर-लाभकारी सार्वजनिक क्षेत्र उद्यम (पीएसई), डीबीटी, विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा स्थापित किया गया है जो उभरते हुए बायोटेक उद्योग को अनुसंधान और नवाचार करने के लिए सक्षम बनाता है। यह उद्योग अकादमिक इंटरफ़ेस है

-बीआईआरएसी ने देश भर में 650 परियोजनाओं, 500 से अधिक स्टार्ट-अप और उद्यमियों और 30 इनक्यूबेटर का समर्थन किया है। इसके परिणामस्वरूप 100 से अधिक उत्पादों और प्रौद्योगिकियों के विकास और 150 बौद्धिक संपदा (आईपी) अधिकारों का निर्माण किया गया है।

-यह संस्था जैव प्रौद्योगिकी की शक्ति का उपयोग समाज की बेहतरी के लिए करने के वास्ते नवीन आविष्कारों और उद्यमों, आकाओं और सहकर्मी नेटवर्क को एक साथ जोडने का काम कर रही है। बीआईएआरएसी अपनी विस्तृत श्रृंखला के माध्यम से नवाचार के लिए लक्षित धन की उपलब्धता, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण की सुविधा और बौद्धिक संपदा प्रबंधन के लिए सहायता प्रदान कर रही है है।

-बीआईआरएसी की 10 से अधिक प्रमुख योजनाएं हैं जो जैव प्रौद्योगिकी विभाग के वित्तपोषण द्वारा समर्थित हैं, और अंतरराष्ट्रीय भागीदारों, जैसे बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन, नेस्टा, वेलकम ट्रस्ट और यूएसएड, के साथ 7 सहयोगी वित्त पोषित कार्यक्रमों के जरिए चलायी जा रही हैं।

उद्देश्य

-खोज के व्यावसायीकरण को सक्षम करना
-प्रमुख सामाजिक क्षेत्रों में सस्ती नवीनता को बढ़ावा देना।
-भारतीय उद्यमों की वैश्विक प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करना।
-छोटे और मध्यम उद्यमों (एसएमई) का सशक्तिकरण।
-क्षमता बढ़ाने और नवीनता के प्रसार के लिए सहयोगियों के माध्यम से योगदान करना।

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