दक्षिण कोरिया

भारत ने संयुक्त अरब अमीरात के नागरिकों के लिए वीज़ा-ऑन-अराइवल की सुविधा शुरू की

भारत ने संयुक्त अरब अमीरात के नागरिकों के लिए वीज़ा-ऑन-अराइवल की सुविधा शुरू कर दी है। इसका उद्देश्य भारत और संयुक्त अरब अमीरात के बीच संबंधों को मज़बूत करना है।

मुख्य बिंदु

संयुक्त अरब अमीरात के नागरिकों के लिए वीज़ा-ऑन-अराइवल की सुविधा दो महीने की अवधि के लिए उपलब्ध होगी। यह सुविधा 16 नवम्बर, 2019 से शुरू हो गयी है। यह सुविधा 6 अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डों पर उपलब्ध है, यह हवाईअड्डे हैं : दिल्ली, मुंबई, बंगलुरु, चेन्नई, हैदराबाद और कलकत्ता।

योग्यता

यह वीज़ा संयुक्त अरब अमीरात के उन नागरिकों के लिए  उपलब्ध है जिन्होंने इससे पहले भारत के लिए ई-वीज़ा अथवा पेपर वीजा हासिल किया है। पहली बार भारत की यात्रा करने वाले नागरिकों को ई-वीज़ा अत्ज्वा सामान्य वीज़ा के लिए आवेदन करने की सलाह दी गयी है। पाकिस्तानी मूल के संयुक्त अरब अमीरात के नागरिक इस योजना का लाभ नहीं उठा सकते।

नोट : भारत ने जापान और दक्षिण कोरिया के नागरिकों को वीज़ा-ऑन-अराइवल की सुविधा उपलब्ध करवाई है। जबकि ई-वीज़ा की सुविधा भारत ने 170 देशों के नागरिकों के लिए उपलब्ध करवाई है।

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भारत में कोरिया के एम्बेसडर ने “जयपुर फुट कोरिया” को लांच किया

भारत में दक्षिण कोरिया के एम्बेसडर बोंग-किल शिन ने हाल ही में “जयपुर फुट कोरिया” को लांच किया, यह दक्षिण कोरिया तथा भगवान् महावीर विकलांग सहायता समिति के बीच एक साझा पहल है।

मुख्य बिंदु

दक्षिण कोरिया ने भगवान् महावीर विकलांग सहायता समिति को प्रोस्थेटिक अंग निर्माण के क्षेत्र में सहायता प्रदान करने के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किये हैं।

समझौते के तहत दक्षिण कोरिया भगवान् महावीर विकलांग सहायता समिति को वित्तीय तथा तकनीकी सहायता प्रदान करेगा। इसके अलावा भारत और कोरिया के बीच मेडिकल टेक्नोलॉजी के सेक्टर में व्यापार को बढ़ावा दिया जायेगा, इसमें प्रोस्थेटिक अंग, बायोनिक एआरएम, 3डी प्रिंटेड बेस्ड फ्लैट फुट इत्यादि प्रमुख है।

भगवान् महावीर विकलांग सहायता समिति

भगवान् महावीर विकलांग सहायता समिति 1.78 मिलियन दिव्यांगजनों के लिए विश्व का सबसे बड़ा पुनर्वास संगठन है, इसकी देश भर में 23 से अधिक शाखाएं हैं। यह संगठन ज़रुरतमंद लोगों को कृत्रिम अंग इत्यादि निशुल्क प्रदान करता है। भगवान् महावीर विकलांग सहायता समिति को राजस्थान सोसाइटीज रजिस्ट्रेशन एक्ट के तहत पंजीकृत किया गया है, इसका मुख्यालय राजस्थान के जयपुर में स्थित है।

जयपुर फुट

यह एक हल्का व टिकाऊ प्रोस्थेटिक (कृत्रिम) अंग है। जिन लोगों के घुटने से नीचे का हिस्सा नहीं है, यह रबर-बेस्ड प्रोस्थेटिक लेग उनके लिए उपयोगी है। यह काफी सस्ता है, जिसके कारण इसका उपयोग देश भर में बड़े पैमाने पर किया जाता है।

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