दक्षिण चीन सागर

थाईलैंड में शुरू हुआ अमेरिका-आसियान समुद्री अभ्यास

थाईलैंड में प्रथम अमेरिका-आसियान समुद्री अभ्यास शुरू हुआ । इसका आयोजन चोन बुरी सत्ताहिप जिले में रॉयल थाई फ्लीट के मुख्यालय में किया जा रहा है। पांच दिवसीय इस अभ्यास का उद्देश्य क्षेत्रीय नौसेनाओं को मानवीय सहायता तथा आपदा के प्रभाव को कम करने के लिए प्रशिक्षित करना है। इस अभ्यास के द्वारा क्षेत्र में साझा समुद्री सुरक्षा सम्बन्धी प्राथमिकताओं के लिए एकजुट होकर कार्य किया जायेगा। इस संयुक्त अह्यास में 1250 सैन्य कर्मचारी हिस्सा ले रहे हैं। इस अभ्यास के तहत थाईलैंड की खाड़ी तथा दक्षिण चीन सागर में ड्रिल्स का आयोजन किया जायेगा। इस अभ्यास का समापन सिंगापुर में होगा।

आसियान

यह 10 दक्षिण पूर्व एशियाई देशों का अंतर-सरकारी संगठन है। इसकी स्थापना 6 अगस्त 1967 को हुई थी। इसका मुख्यालय जकार्ता, इंडोनेशिया में है।
इसके सदस्य देश इंडोनेशिया, मलेशिया, फिलीपींस, सिंगापुर, थाईलैंड, ब्रुनेई, कंबोडिया, लाओस, म्यांमार और वियतनाम हैं।

चार्टर में आसियान के उद्देश्य के बारे में बताया गया है।सदस्य देशों की संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और स्वतंत्रता को कायम रखना साथ ही विवादों का शांतिपूर्ण निपटारा हो इसके उदेश्यों में शामिल है। इसके सेक्रेट्री जनरल आसियान द्वारा पारित किए प्रस्तावों को लागू करवाने और कार्य में सहयोग प्रदान करने का काम करतें है। इनका कार्यकाल पांच वर्ष का होता है।

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रिमपैक : सबसे बड़े अंतरराष्ट्रीय सैन्याभ्यास से अमेरिका ने चीन को बाहर किया

विश्व के सबसे बड़े अंतर्राष्ट्रीय समुद्री सैन्याभ्यास में शामिल होने के लिए चीन को भेजे गए निमंत्रण को अमेरिका ने वापस ले लिया है पेंटागन के अनुसार, चीन का रवैया आरआईएमपीएसी सैन्याभ्यास के सिद्धांतों और उद्देश्यों के विरुद्ध रहा है.अमेरिका ने दक्षिण चीन सागर में अस्थिरता पैदा करने वाले चीन के बर्ताव का हवाला देकर चीन को दिया गया निमंत्रण वापस ले लिया है. चीन ने विवादित क्षेत्र के वूडी द्वीप पर बमवर्षक विमान उतारकर तनाव को और बढ़ा दिया है. जिसके कारण 2018 के रिम ऑफ द पैसिफिक (रिमपैक) सैन्याभ्यास से चीन की नौसेना को अमेरिका ने बाहर कर दिया गया है.

रिमपैक से जुड़े मुख्य तथ्य

० दुनिया में रिमपैक (आरआईएमपीएसी) नौसेनाओं का सबसे बड़ा नौसैनिक अभ्यास है.
० हर दो वर्ष के अंतराल पर इसे आयोजित किया जाता हैं.
० पश्चिमी प्रशांत महासागर होनोलुलु क्षेत्र में इस अभ्यास को आयोजित किया जाता है.
० अमेरिकी नौसेना के प्रशांत बेड़े द्वारा इसका आयोजन तथा प्रशासन किया जाता है.
० वर्ष 2016 में इसके 25वें संस्करण में पहली बार आधिकारिक तौर पर भारतीय नौसेना को इसमें शामिल किया गया था.

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