नाबार्ड

नाबार्ड ने PACS को कंप्यूटरीकृत करने के लिए 5,000 करोड़ रुपये आवंटित किये

नेशनल बैंक फॉर एग्रीकल्चर एंड रूरल डेवलपमेंट (NABARD) ने वित्तीय संस्थानों और बैंकों के लिए पुनर्वित्त योजना शुरू की है। इसने योजना के लिए 5,000 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं।

मुख्य बिंदु

इस योजना के तहत, प्राथमिक कृषि साख समितियों को बहु-सेवा केंद्रों में बदला जायेगा। इस योजना के तहत आवंटित धन को वित्तीय संस्थानों और बैंकों को 2,150 वाटर शेड विकास परियोजनाओं में लाभार्थियों को उधार देने के लिए उपलब्ध कराया जायेगा।

परियोजना के बारे में

यह योजना मुख्य रूप से वाटरशेड विकास परियोजनाओं पर ध्यान केंद्रित करेगी। ये परियोजनाएँ 2.3 मिलियन हेक्टेयर क्षेत्र में फैली हुई हैं, जिसमें आदिवासी विकास और वर्षा आधारित क्षेत्र हैं।

PACS का कम्प्यूटरीकरण

नाबार्ड ने PACS (प्राथमिक कृषि साख समितियों) को कम्प्यूटरीकृत करने के लिए योजना भी शुरू की है। इस योजना के तहत, शुरुआती चरणों में 5,000 PACS को अपग्रेडकिया जाएगा, 2022 तक 15,000 और 2023 तक अन्य 15,000 को अपग्रेड किया जाएगा।

PACS का महत्व

PACS कटाई के बाद और विपणन गतिविधियों में किसानों का समर्थन करते हैं। इसके अलावा, यह आगामी ग्रामीण कृषि बाजार के प्रवक्ता के रूप में कार्य करके आपूर्ति श्रृंखला गतिविधियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है।

ग्रामीण कृषि बाजार

ग्रामीण कृषि बाजार भारत में ग्राम स्तर के बाजार हैं। देश में 22,000 ग्रामीण कृषि बाजार हैं। इन बाजारों को ई-एनएएम के साथ जोड़ा जायेगा। इससे कृषि बाजार क्षेत्र को व्यवस्थित करने और किसानों को सर्वोत्तम मूल्य पर बेचने में मदद मिलेगी। इसलिए, इस पहल से भारत को 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य को प्राप्त करने में मदद मिलेगी।

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‘पर ड्राप मोर क्रॉप’ के लिए 4,000 करोड़ रुपये आवंटित किये गये

भारत सरकार ने वर्ष 2020-21 के लिए प्रधानमंत्री कृषि सिचाई योजना के प्रति ड्रॉप मोर क्रॉप के लिए 4,000 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं।

मुख्य बिंदु

भारत सरकार ने पर ड्राप मोर क्रॉप घटक को लागू करने के लिए धन आवंटित किया है और राज्य सरकारें लाभार्थियों की पहचान करेंगी। इसके साथ ही, भारत सरकार  ने विशेष नवाचारी परियोजनाओं को लागू करने के लिए नाबार्ड (नेशनल बैंक फॉर एग्रीकल्चर एंड रूरल डेवलपमेंट) के साथ 5,000 करोड़ रुपये के माइक्रो इरिगेशन फंड कॉर्पस के निर्माण की भी जानकारी दी है।

माइक्रो इरिगेशन फंड कॉर्पस

इस सूक्ष्म सिंचाई निधि का उपयोग संसाधन जुटाने और सूक्ष्म सिंचाई के विस्तार के लिए किया जायेगा। अब तक, सूक्ष्म सिंचाई निधि तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश राज्यों को जारी की गई है। तमिलनाडु के लिए 478.79 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं और आंध्र प्रदेश के लिए 616.14 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं।

पर ड्राप मोर क्रॉप

प्रधानमंत्री कृषि सिचाई योजना की ‘पर ड्राप मोर क्रॉप’ स्प्रिंकलर और ड्रिप सिंचाई के माध्यम से जल उपयोग दक्षता पर केंद्रित है। इसका उद्देश्य उर्वरक उपयोग, श्रम व्यय और लागत को कम करना भी है।

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